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थायराइड होने की समस्या पर अपनी डाइट में धनिया को शामिल करने की जरूरत क्यों होती है? एक्सपर्ट्स की मानें तो थायराइड होने की समस्या से निपटने में धनिया (Coriander In Thyroid In Hindi) मददगार हो सकती है। एक्सपर्ट्स इसे अपनाने के तरीकों का सुझाव देते हैं। साथ ही ये भी बताते हैं कि, इसे अपनी डाइट में कैसे शामिल करें। दरअसल, हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म को रोकने में फायदेमंद है। धनिया के बीज एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं। हालांकि, धनिया सबसे आम जड़ी-बूटियों में एक है, जिसका इस्तेमाल कई तरह से भारतीय व्यंजनों में किया जाता है। वहीं खाने में गार्निशिंग के रूप में अक्सर धनिया का इस्तेमाल किया जाता है। जिसके अनगिनत फायदे होते हैं।
धनिया के बीजों का इस्तेमाल मसालों में किया जाता है। इसे सुखाकर और पीसकर ज्यादा इस्तेमाल में लाया जाता है। ये जड़ी-बूटी ब्लड शुगर के लेवल से जुड़ी है, क्योंकि ये हाई ब्लड शुगर के खतरे को कम करती है। ये उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद है जिन्हें टाइप 2 डायबिटीज की समस्या है। इसके अलावा धनिया की पत्तियां और धनिया के बीज उन लोगों के लिए भी मददगार है जो थायराइड की कई बीमारियों से पीड़ित हैं।
थायराइड गर्दन पर स्थित एक ग्रन्थि होती है। जो एक तितली के आकार की होती है। इसका मुख्य काम चयापचय और विकास को कंट्रोल करने वाले हार्मोन के लिए जिम्मेदार होता। एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर किसी व्यक्ति के शरीर में हार्मोंस डिस्बैलेंस हो जाए तो हाइपोथायरायडिज्म जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हाइपोथायरायडिज्म का मतलब अंडरएक्टिव थायराइड ग्रन्थि और हाइपरथायरायडिज्म का मतलब ओवर एक्टिव थायराइड ग्रंथि है।
आयुर्वेद के मुताबिक, धनिया थायराइड को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है। धनिया के बीज और उसके पत्ते हाइपोथायराइडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म दोनों ही कंट्रोल करने में फायदेमंद हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, थायराइड के मरीज के लिए धनिया के अनगिनत फायदे होते हैं। धनिया के बीजों का इस्तेमाल सदियों से किया आता जा रहा है। धनिया के ताजे पत्तों और इसके बीजों का स्वाद थोड़ा अलग हो सकता है। लेकिन इसके बीज एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं। एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर को थायराइड जैसी बीमारियों और उसके लक्षणों (Thyroid Symptoms) से बचाने में मददगार होते हैं।
थायराइड से काफी बीमारियों का कनेक्शन होता है। जिसमें कई नई बीमारियों के होने का भी खतरा रहता है। कुल कोलेस्ट्रॉल का हाई लेवल थायराइड के कारणों में से एक हो सकता है। धनिया के बीज कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। इससे थायराइड हार्मोन को दूर रखने में भी मदद मिलती है।
अच्छी लाइफस्टाइल और अच्छे खान-पान के साथ धनिया के बीज वजन कम करने में भी मददगार हो सकते हैं। वजन घटने से थायराइड को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
धनिया की पत्ती को किसी डिश में गार्निश करके खाया जा सकता है। इसके अलावा धनिया की चटनी भी खाना एक बेहतरीन विकल्प है। धनिया के बीज डालने का सबसे अच्छा तरीका है कि, थोड़े से पानी में धनिया के बीज डालकर 15 से 20 मिनट तक उबलने दें। पानी कम होने के बाद इसे आंच से उतार दें। और पानी से छान लें। फिर धनिया के पानी को एक गिलास में डालकर पी लें। आप इसे हफ्ते में दो से तीन बार पी सकते हैं और इसके फायदे का लाभ उठा सकते हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक एक व्यक्ति को थायराइड के इलाज के लिए सिर्फ धनिया (Coriander In Thyroid In Hindi) पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए। बल्कि अपनी पूरी लाइफ स्टाइल में सुधार भी करना चाहिए।