2-2 रुपयों में बिकनेवाला यह पत्ता कर सकता है यूरिक एसिड का खात्मा, जानिए सेवन का तरीका और समय

पूजा पाठ में इस्तेमाल होने वाले पान के पत्ते (betel leaves) आपका यूरिक एसिड लेवल भी कम कर सकते हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 13, 2024 6:13 PM IST

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How To Reduce Uric Acid: यूरिक एसिड बढ़ जाना आज एक बहुत ही कॉमन-सी हेल्थ प्रॉब्लम बन गयी है। शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाना एक गम्भीर स्थिति है। इसमें, पैरों में गम्भीर दर्द और सूजन दिखायी दे सकती है और इन समस्याओं की वजह से पीड़ित व्यक्ति के लिए चलने-फिरने जैसे साधारण काम करने में भी दिक्कतें आ सकती हैं। अगर यूरिक एसिड लेवल को नियंत्रित ना किया जाए तो इससे स्थिति और गम्भीर बन जाती है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार यूरिक एसिड लेवल में बढ़ोतरी के कई कारण हो सकते हैं। लोगों की लगातार बदलती लाइफस्टाइल में स्ट्रेस, रिफाइंड और प्रोसेस्ड फूड्स खाने की आदत, डाइट में फाइबर की कमी और कसरत ना करने की आदतों के कारण यूरिक एसिड लेवल बढ़ने जैसी परेशानियां लोगों को हो रही हैं। गाउट की बीमारी में भी  यूरिक एसिड का लेवल तेजी से बढ़ता है।

हाई यूरिक एसिड लेवल के लक्षण क्या हैं? (Symptoms Of High Uric Acid )

  • जॉइंट्स में दर्द
  • उंगलियों में जोड़ वाली जगह (जॉइंट्स) में दर्द और सूजन
  • एड़ियों में दर्द
  • पैरों में अकड़न

पान के पत्तों से कम करें यूरिक एसिड ( Consume Betel Leaf To Reduce Uric Acid)

पूजा पाठ में इस्तेमाल होने वाले पान के पत्ते (betel leaves) आपका यूरिक एसिड लेवल भी कम कर सकते हैं। पान को उसके पाचक गुणों (digestive effects) के लिए एक औषधि भी माना जाता है। लेकिन, बहुत कम लोगों को पता है कि पान के पत्ते चबाने से कई हेल्थ प्रॉब्लम्स से आराम भी मिलता (paan ke patte khane ke fayde) है। इसी तरह पान के पत्तों का रस पीने से यूरिक एसिड जैसी समस्याएं कम होती हैं।

आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. दीक्षा भवसार (Ayurveda expert Dr Dixa Bhavsar ) कहती हैं कि, आयुर्वेद में कफ दोष (cough dosha) को कम करने के लिहाज से पान के पत्तों के सेवन की सलाह दी जाती है। वहीं,  पान के पत्ते खांसी-जुकाम और सिरदर्द जैसी समस्याओंमें आराम दिलाते हैं। वहीं, पान के पत्तों का सेवन करने से गठिया रोग में होने वाले जॉइंट पेन (arthritic joint pain) और भूख से जुड़ी समस्याएं (anorexia) भी कम होती हैं। दर्द, सूजन और इंफ्लेमेशन (inflammation) जैसी समस्याओं में भी पान के पत्ते चबाने से आराम मिलता है।

पान के पत्ते क्यों हैं हाई यूरिक एसिड में फायदेमंद

पान के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज (anti-inflammatory properties) का लेवल बहुत हाई होता है। जोड़ों में होने वाले दर्द से आराम दिलाने और सूजन को कम करने के लिए ये तत्व मदद करते हैं।

पान के ताजे पत्तों में टैनिन (tannin in paan leaves) के अलावा प्रोपेन और एल्केलॉयड जैसे न्यूट्रिएंट्स भी होते हैं। ये तत्व शरीर में यूरिक एसिड लेवल को कम करने में मदद करते हैं।

यूरिक एसिड कम करने के लिए पान के पत्तों का ऐसे करें इस्तेमाल (How To consume betel leaves for controlling Uric Acid)

पान के 2-3 ताजे पत्ते (paan leaves) लें और इसे पानी से धोकर साफ करें।

सुबह उठने के बाद इन पत्तों को चबाकर खाएं। खाली पेट पान के पत्ते चबाना ( chewing pan leaves empty stomach) अधिक फायदेमंद साबित होता है।