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Castor Oil Benefits: ब्रेस्‍ट कैंसर में कैसे फायदेमंद है अरंडी का तेल? जानिए कारण और फायदे

ब्रेस्‍ट कैंसर में महिलाओं के स्‍तनों में गांठ बन जाती है। ऐसे में अरंडी के तेल (Castor Oil) की मालिश स्‍तनों के दर्द, स्‍तनों की गांठ और स्‍तनों की सूजन को कम करती है। इसके साथ ही आयुर्वेद के अनुसार जब महिलाओं के स्‍तनों में गांठ बन जाती है और दूध आना बंद हो जाता है तब भी कैस्‍टर ऑयल (Castor Oil) का प्रयोग किया जाता है।

कैस्‍टर ऑयल (अरंडी का तेल) एक ऐसा वेजिटेबल ऑयल है जिसका प्रयोग सालों से होता रहा है। अरंडी का तेल (Castor Oil) हमें कई हेल्‍थ बेनिफिट देने के साथ साथ कई गंभीर बीमारियों से भी छुटकारा दिलाता है। यही कारण है कि कैस्‍टर ऑयल (Castor Oil) का इस्‍तेमाल आयुर्वेद के साथ साथ कई ऐलोपेथी दवाओं में भी किया जाता है। कैस्‍टर ऑयल, कैस्‍टर बींस से बनता है। इन बीजों में रिसिन (Ricin) नाम का टॉक्सिक एंजाइम पाया जाता है। लेकिन जब इन बीजों से तेल बनता है तो यह हानिकारक रसायन खत्‍म हो जाता है। हालांकि अगर ये एंजाइम तेल में रह गया तो इससे नुकसान भी हो सकता है। इसलिए, सुरक्षित तरीके से निकाले गए अरंडी के तेल (Arandi Ka Tel) का प्रयोग ही किया जाना चाहिए।

ब्रेस्‍ट कैंसर के लिए क्‍यों इस्‍तेमाल होता है अरंडी का तेल? (Castor Oil for Breast Cancer)

कैस्‍टर ऑयल (Castor Oil) के इस्‍तेमाल से स्किन संबंधी कई परेशानियां दूर होती हैं। इसके साथ ही इस ऑयल का प्रयोग खाना बनाने के लिए भी किया जाता है। कैस्‍टर ऑयल के फायदे तो कई हैं, लेकिन क्‍या आप जानते हैं अरंडी के तेल (Castor Oil) का प्रयोग ब्रेस्‍ट कैंसर में भी फायदेमंद होता है। जी हां, ब्रेस्‍ट कैंसर में महिलाओं के स्‍तनों में गांठ बन जाती है। ऐसे में अरंडी के तेल की मालिश स्‍तनों के दर्द, स्‍तनों की गांठ और स्‍तनों की सूजन को कम करती है। इसके साथ ही आयुर्वेद के अनुसार जब महिलाओं के स्‍तनों में गांठ बन जाती है और दूध आना बंद हो जाता है तब भी कैस्‍टर ऑयल (Castor Oil) का प्रयोग किया जाता है। ऐसी स्थिति में अरंडी के पत्‍तों को पानी में उबाला जाता है। फिर जब पानी गुनगुना हो जाता है तब उसे पतली धार के रूप में महिलाओं के स्‍तनों में डाला जाता है। इसके अलावा स्‍तनों की गांठ पर अरंडी के पत्‍तों का लेप लगाने या तेल से मालिश करने से भी लाभ मिलता है।

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कहां-कहां इस्‍तेमाल होता है अरंडी का तेल (Use of Castor Oil)

प्राचीन मिस्र में अरंडी के तेल (Castor Oil) का इस्‍तेमाल लैंप जलाने के साथ साथ आंखों की जलन को कम करने और गर्भवती को लेबर पेन से छुटकारा दिलाने के लिए किया जाता था। जबकि आज के समय में कैस्‍टर ऑयल (Castor Oil) का प्रयोग सामान्‍य परेशानियों जैसे कि कब्‍ज, स्किन संबंधी समस्‍याएं, बालों और स्‍कैल्‍प के लिए और कई दवाओं में किया जाता है। एक रिसर्च के मुताबिक आधे से ज्‍यादा खाद्य पदार्थों, दवाओं और स्किन केयर प्रोडक्ट्स में कैस्‍टर ऑयल (Castor Oil) का प्रयोग किया जाता है।

कैस्‍टर ऑयल की सावधानियां

1. लेबर पेन के दौरान महिलाओं को कैस्‍टर ऑयल दिया जाता है। ताकि दर्द को ट्रिगर किया जा सके और डिलीवर में आसानी हो। इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

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2. हालांकि कैस्‍टर ऑयल का इस्‍तेमाल कब्‍ज में किया जाता है। लेकिन इसका ज्‍यादा सेवन डायरिया का भी कारण बन सकता है। डायरिया के चलते बॉडी डिहाइड्रेट हो जाती है और इलेक्‍ट्रा लेट में गड़बड़ी आ जाती है।

3. कुछ लोगों को अरंडी के तेल के इस्‍तेमाल से स्किन पर एलर्जी की समस्‍या भी हो जाती है। जब भी इसे स्किन पर पहली बार लगाएं तो पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय किसी एक हिस्‍से पर लगाएं और देखें कि आपकी बॉडी कैसे रिएक्‍ट कर रही है।

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