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2 रुपये के इस पत्ते से यूरिक एसिड करें कंट्रोल, जोड़ों में जमा क्रिस्टल टूटकर हो जाएगा बाहर

How to reduce High Uric Acid : आधुनिक समय में हम से से कई लोग हाई यूरिक एसिड की परेशानी से परेशान हैं। इस समस्या  को कम करने के लिए आप आयुर्वेद का सहारा ले सकते हैं। आइए जानते हैं एक खास पत्ते के बारे में, जिससे यूरिक एसिड को कम किया जा सकता है। 

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Written By: Kishori Mishra | Published : October 27, 2025 9:35 AM IST

Which leaf is good for uric acid : जब किडनी अपना काम ठीक से नहीं कर पाती हैं, तो शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने लगता है। दरअसल, यूरिक एसिड शरीर में प्यूरीन के टूटने पर बनता है, जो ज्यादातर किडनी द्वारा पेशाब के रूप में बाहर निकल जाता है। हालांकि, जब किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होती है या फिर शरीर में बहुत ज्यादा यूरिक एसिड बनने लगता है, तो यह पूरी तरह से शरीर से बाहर नहीं निकल पाता है। ऐसे में बढ़ा हुआ यूरिक एसिड कई समस्याओं का कारण बनता है। दरअसल, जब शरीर में यूरिक एसिड जमा होने लगता है, तो इससे जोड़ों में दर्द, गठिया और सूजन जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

वैसे तो यूरिक एसिड की समस्या को दूर करने के लिए आप दवाइयों का सेवन कर सकते हैं, लेकिन एक चीज है, जो काफी सस्ती और नेचुरल होती है और शरीर के यूरिक एसिड को दूर करने में बेहद कारगर मानी जाती है। हम बात कर रहे हैं पान के पत्ते की, जो औषधीय गुणों से भरपूर होता है। आइए आपको बताते हैं कि पान का पत्ता यूरिक एसिड को कैसे कम करता है।

यूरिक एसिड को कैसे कम करता है पान का पत्ता?

बता दें कि पान के पत्तों में नेचुरल डिटॉक्सिफाइंग गुण होते हैं, जो किडनी की कार्यक्षमता को सुधारते हैं। ऐसे में यूरिक एसिड शरीर में जमा नहीं हो पाता और पेशाब के रूप में शरीर से बाहर निकल जाता है। इसके अलावा, इसमें पॉलीफेनोल्स और अन्य बायोएक्टिव यौगिक भी होते हैं, साथ ही यह एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भी भरपूर होता है, जो यूरिक एसिड की वजह से शरीर में होने वाली सूजन को कम करने का काम करता है। दरअसल, जब शरीर में यूरिक एसिड जमा होने लगता है, तो सूजन के साथ-साथ शरीर में दर्द भी रहने लगता है, पान में मौजूद गुण इस दर्द को भी दूर करते हैं।

यूरिक एसिड के लेवल को करे कंट्रोल

बता दें कि पान के पत्ते में कैरोटीनॉयड और फ्लेवोनॉयड्स ऑक्सीडेटिव होते हैं। यह स्ट्रेस को कम कर मूड को हल्का बनाने का काम करते हैं। इससे यूरिक एसिड के लेवल को कंट्रोल करने में काफी सहायता मिलती है।

पान के पत्ते का सेवन करने का तरीका

वैसे तो पान को नॉर्मली लोग चूना-कत्था लगाकर ही खाते हैं। हालांकि, इसे आप अपने स्वाद और सुविधा के अनुसार खा सकते हैं। हालांकि, यूरिक एसिड को कम करने के लिए आप इसे सादा ही चबा सकते हैं। आप पान को इन निम्न तरीकों से खा सकते हैं

सादा चबाना

अगर आपको यूरिक एसिड की समस्यालगातार बढ़ रही है, तो आप रोजाना दो पान के पत्तों का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए दो सादे पान के पत्ते लें और औऱ उन्हें बिना किसी चूना-कत्थे के ऐसे ही चबा लें। फायदा होगा।

पान का पानी

अगर आप पान के पत्तों को नहीं चबा सकते हैं, तो आप एक या दो पान के पत्तों को रातभर एक गिलास पानी में भिगो दें। फिर सुबह को उसी पानी को छानकर पी लें। पत्तों को पानी से निकाल लें। आप चाहें तो पानी को पान सहित पकाकर भी पी सकते हैं।

Highlights

  • यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए पान के पत्तों का पानी फायदेमंद हो सकता है।
  • चूना और कत्थे के वगैर पान के पत्तों को चबाना फायदेमंद है।
  • यूरिक एसिड के कारण जोड़ों में काफी तेज दर्द हो सकता है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।