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कहने को कब्ज भले ही छोटी सी परेशानी लगती है, लेकिन असल में ये कई बीमारियों की जड़ है। ऐसे में समय पर इस परेशानी का हल करना बेहद जरूरी है। अगर आप भी कब्ज की समस्या से जूझ रहे हैं तो इसका एक आसान और घरेलू उपाय है काली किशमिश। जी हां, काली किशमिश में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करती है। फाइबर भोजन को आसानी से पचने में मदद करता है। इससे कब्ज, दस्त और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है। फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट के कारण काली किशमिश कोलेस्ट्रॉल को भी शरीर से बाहर निकालने में मददगार है। पोषण विशेषज्ञ अंजलि मुखर्जी ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर काली किशमिश के इन्हीं गुणों के बारे में बताया है। चलिए जानते हैं कैसे कब्ज की समस्या को जड़ से खत्म कर सकती है काली किशमिश।
काली किशमिश कई पोषक तत्वों का पिटारा है। इसमें विटामिन सी, विटामिन बी 6, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। काली किशमिश में आयरन की मात्रा अधिक होती है, जो एनीमिया दूर करती है। इसके सेवन से इम्यूनिटी भी बढ़ती है। यह हृदय के स्वास्थ्य में भी सुधार करती है। ऐसे में अपनी डाइट में किशमिश को शामिल करके आप न सिर्फ कब्ज की परेशानी से मुक्ति पा सकते हैं, बल्कि कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।
अगर आप भी कब्ज को अलविदा कहना चाहते हैं तो करीब 8 से 10 काली किशमिश को रातभर एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह इसी पानी में किशमिश को निचोड़ लें। फिर इस पानी का सेवन करें और साथ में किशमिश भी खा लें। मुखर्जी के अनुसार यह घरेलू उपाय बड़े ही नहीं बच्चों के लिए भी बहुत राहत भरा है। दरअसल, काली किशमिश को रातभर पानी में भिगोने से वे पानी को सोख लेती हैं। ऐसे में वे फाइबर का प्राकृतिक स्रोत बन जाती हैं। इस फाइबर के सेवन से पाचन तंत्र में सुधार होता है और कब्ज की परेशानी दूर होती है। पानी में भिगोने से किशमिश के गुण भी बढ़ जाते हैं।
पाचन तंत्र को मजबूत करने का यह बहुत ही सरल उपाय है, जिसे कोई भी आसानी से उपयोग कर सकता है। बच्चे भी इस प्रकार से किशमिश का सेवन कर सकते हैं। इसी के साथ किशमिश में पाए जाने वाले ग्लूकोज और फ्रुक्टोज सहित प्राकृतिक शर्करा, त्वरित और प्राकृतिक ऊर्जा देते हैं। ये हड्डियों को भी मजबूत बनाती हैं। इसमें मौजूद रेस्वेराट्रोल जैसे एंटीऑक्सीडेंट कोशिकाओं को सुरक्षित रखते हैं।