
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 27, 2025 9:39 PM IST
Black pepper with jaggery benefits: काली मिर्च इम्यूनिटी बढ़ाने और सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं से आराम दिलाने वाले सभी नुस्खों में इस्तेमाल होता है। काली मिर्च की तासीर गर्म होती है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा भी अधिक होती है। ये गुण काली मिर्च को सर्दियों में शरीर को ठंड से बचाने और इम्यून बढ़ाने का काम करते हैं। काली मिर्च को अगर आप थोड़े-से गुड़ के साथ खाते हैं तो इससे काली मिर्च के बेहतर फायदे आपको मिल सकते हैं। यह एक दादी-नानी का नुस्खा है जो मौसमी बुखार और सर्दी-जुकाम से राहत दिलाने में कारगर पाया जाता है। इसके अलावा भी गुड़-काली मिर्च के कई फायदे हैं जिनके बारे में आप पढ़ेंगे यहां।
काली मिर्च में पेपैरिन पाया जाता है। यह तत्व शरीर में न्यूट्रिएंट्स के अवशोषित करने में मदद करता है। यह तत्व इंफेक्शन से आपको सुरक्षित रखने और सीजनल और वायरल बीमारियों से आराम दिलाने का काम करता है। वहीं, गुड़ में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो शरीर की इम्यून पॉवर बढ़ाने में मदद करते हैं।
पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने के लिए गुड़-काली मिर्च का कॉम्बिनेशन काफी कारगर होता है। गुड़ नेचुरली डाइजेस्टिव पॉवर बढ़ाने का काम करता है। साथ ही काली मिर्च खाने से एसिडिटी, कॉन्स्टिपेशन और पेट में बनने वाली गैस की समस्या कम होती है। जिन लोगों को बार-बार डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं होती हैं उन्हें गुड़ के साथ काली मिर्च खानी चाहिए।
गुड़ शरीर को नेचुरली क्लीन करने और बॉडी डिटॉक्सिफिकेशन में मदद करता है। बॉडी डिटॉक्स की मदद से शरीर में जमा टॉक्सिंस को साफ करने में मदद होती है। इससे इंफेक्शन्स और स्किन से जुड़ी प्रॉब्लम्स से आराम दिलाने का काम करता है।
काली मिर्च शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है। इससे शरीर में फैट बर्निंग प्रक्रिया भी तेज हो जाती है और वेट लॉस में तेजी आती है। गुज़ खाने से ज्यादा मीठा खाने की क्रेविंग भी शांत होती है।
गुड़ आयरन का एक अच्छा सोर्स है। शरीर में खून की कमी या हीमोग्लोबिन कम बनने की परेशानी में अगर आप गुड़ के साथ काली मिर्च खाते हैं तो इससे आपको फायदा हो सकता है। आयरन से शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ता है और इससे खून की कमी की समस्या भी कम होती है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।