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कब्ज ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जिससे वर्तमान समय में करीब 80 प्रतिशत से भी ज्यादा लोग जूझ रहे हैं। जब कब्ज होती है तो मल त्यागने में दिक्कत होती है और एनल में दर्द होता है। कब्ज के दौरान पेट में दर्द और ब्लोटिंग होना आम बात है। खराब खानपान और बेकार लाइफस्टाइल का खामियाजा सिर्फ कब्ज के रूप में ही नहीं बल्कि एसोफेगस में दर्द के रूप में भी भुगतना पड़ता है। ये दोनों ही ऐसी स्वास्थ्य समस्याएं हैं जो लोगों को सबसे ज्यादा परेशान करती हैं। हैवी भोजन करने, स्पासी खाने या तला हुआ खाने से एसोफेगस में दर्द और जलन की दिक्कत होने लगती है। आयुर्वेदिक शेफ अमृता कौर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक ऐसा नुस्खा शेयर किया है जो इन दोनों समस्याओं में राहत प्रदान कर सकता है।
एक चम्मच ताजा अदरक या सूखा अदरक
एक चुटकी सेंधा नमक
नींबू का रस (वैकल्पिक)
किसी भी मील को लेने से पहले या अपनी पाचन शक्ति को बेहतर करने के लिए एक चम्मच अदरक के रस के साथ काला नमक और नींबू का रस डालें। अब इस मिश्रण को अच्छी तरह से मिक्स कर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें। अब भोजन के कुछ देर पहले इसका सेवन करें।
आयुर्वेद के अनुसार, अदरक का उपयोग भूख बढ़ाने, पाचन शक्ति को बेहतर करने और स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। साथ ही अदरक में कुछ ऐसे गुण भी होते हैं मतली और उल्टी को नियंत्रित करते हैं। इतना ही नहीं अदरक गर्भावस्था के दौरान मॉर्निंग सिकनेस से भी छुटकारा दिलाता है। साथ ही अदरक, जिसमें एंटीस्पास्मोडिक होता है (मांसपेशियों को गति देने में मदद करता है) जो पाचन क्रिया को सही कर समय की अवधि में रक्त वाहिकाओं के रुकावट को साफ करते हुए अतिरिक्त अपशिष्ट को कम करता है। वहीं, सेंधा नमक को चयापचय या शरीर में रासायनिक प्रतिक्रिया में मदद करने के लिए जाना जाता है जो शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को फिर से लाने और पीएच संतुलन बनाए रखने में कोशिकाओं के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है, जो अंततः शरीर के कामकाज में सुधार करने में मदद करता है। इसके साथ ही काला नमक पेट संबंधी कई रोगों को शुरुआत में भी मार देता है।
वैसे तो यह नुस्खा पूरी तरह से देसी है और किसी को इससे नुकसान पहुंचने की संभावना बहुत कम है। लेकिन फिर भी आयुर्वेदिक शेफ अमृता कौर का कहना है कि जिन लोगों के शरीर में अधिक गर्मी (हाई पित्त) होती है उन्हें इसे इस्तेमाल करने से पहले या तो किसी एक्सपर्ट की सलाह ले लेनी चाहिए या फिर इसके थोड़े सेवन से देख लेना चाहिए कि शरीर किस तरह से प्रतिक्रिया दे रहा है। यदि सब ठीक है तो तभी इसका सेवन करें।