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Written By: Atul Modi | Published : November 10, 2022 8:50 AM IST
फेफड़ों को स्वस्थ रखने वाली आयुर्वेदिक औषधियां: सर्दी का मौसम आ गया है। साथ ही हवा में प्रदूषण की मात्रा भी बढ़ गई है। बदलते मौसम में प्रदूषण व एलर्जी आपके फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। थोड़ी सी सावधानी आपको बढ़ते प्रदूषण के बीच फेफड़ों को सेहतमंद रखने में मदद कर सकती है।
तुलसी प्रदूषण से लड़ने की अपनी शक्ति की वजह से पहचानी जाती है। इसके पौधे प्रदूषण से लड़ने में मददगार हैं, इसलिए हर घर में इन्हें होना चाहिए। इतना ही नहीं 10-15 मिली तुलसी का रस पीने से श्वसन तंत्र से प्रदूषक तत्व दूर हो जाते हैं।
नीम से तैयार हर्बल उत्पाद शरीर से गंदगी को दूर कर उसे डिटॉक्स करने में सहायक हैं। पानी में नीम की पत्तियों को उबालकर त्वचा व बाल धोने से उनमें चिपके प्रदूषक तत्व दूर हो जाते हैं। सप्ताह में कम से कम दो बार नीम की तीन से चार पत्तियां चबाने से खून साफ रहता है।
फेफड़ों को साफ रखने व सांस लेने में सहायक एक और औषधि पीप्पली है। इतना ही नहीं यह अपने गुणों के कारण फेफड़ों के संक्रमण से निपटने में भी मददगार है। अगर सात दिनों तक पीप्पली पाउडर तय मात्रा में अदरक व हल्दी के साथ शहद में मिलाकर लिया जाय और ऊपर से गुनगुना पानी पिया जाए तो यह संक्रमित फेफड़ों के लिए रामबाण साबित हो सकता है।
अडूसा भी पीप्पली की ही तरह की औषधि है। पिसा हुआ अडूसा और शहद तय मात्रा में लेना, फेफड़ों के संक्रमण जैसे की खांसी, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा में लाभ पहुंचाता है। हालांकि इन औषधियों का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह जरूर लें.