
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : October 24, 2022 1:37 PM IST
बीमारियों से बचा रहने के लिए अपनी डाइट में समय रहते कुछ बदलाव करने जरूरी होते हैं। आजकल खराब जीवनशैली और खानपान से पर्याप्त पोषण न मिलने के कारण हम अपने आपको हेल्दी नहीं रख पाते हैं। यही कारण है कि पहले की तुलने में आजकल ज्यादा लोग क्रोनिक बीमारियों से ग्रसित हैं जैसे कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और बीपी आदि। लेकिन कई ऐसी चीजें हैं, जिन्हें अपनी डाइट में शामिल करके इन बीमारियों को नियंत्रित करके रखा जा सकता है। इन्हीं चीजों में से एक है मिल्क थिस्ल, जिसे डाइट में शामिल करने से कई बीमारियों को एक साथ ही कंट्रोल किया जा सकता है। चलिए जानते हैं क्या है मिल्क थिस्ल, इसके फायदे और इस्तेमाल का सही तरीका
मिल्क थिस्ल (Milk thistle in hindi) का नाम सुनते ही बहुत से लोगों के दिमाग में दूध जैसी कई सफेद चीज बन जाती है। लेकिन यह पूरी तरह से अलग है और मिल्क थिस्ल कोई मिल्क नहीं बल्कि एक खास तरह का पौधा है। बैंगनी रंग के फूलों वाला यह पौधा बेहद औषधीय गुणों से भरपूर होता है। मिल्क थिस्ल का उपयोग कई बीमारियों का इलाज करने के लिए किया जाता है। इतना ही नहीं अगर इसे डाइट में शामिल किया जाए तो इस से कई अलग-अलग फायदे मिल सकते हैं।
मिल्क थिस्ल को अपनी डाइट में शामिल करने से निम्न फायदे हो सकते हैं -
हाई ब्लड शुगर को कम करने में भी मिल्क थिस्ल काफी मदद करता है। डायबिटीज के मरीज इसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
दिल के रोगियों के लिए मिल्क थिस्ल अच्छा रहता है। वहीं अगर नियमित रूप मिल्क थिस्ल को डाइट में शामिल किया जाए तो इससे दिल की बीमारियों को होने के खतरे को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। मिल्क थिस्ल से कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है।
गुर्दे के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए भी मिल्क थिस्ल को काफी उपयोगी माना गया है। किडनी स्टोन या किडनी से जुड़ी अन्य समस्याओं के मरीज इसका सेवन कर सकते हैं।
मिल्क थिस्ल में कई ऐसी चीजें पाई जाती हैं, जो कैंसर से लड़ने में मदद कर सकती हैं। जिन लोगों को परिवार में पहले किसी को कैंसर हो चुका है, वे डॉक्टर की सलाह लेकर अपनी डाइट में मिल्क थिस्ल शामिल कर सकते हैं।
मिल्क थिस्ल के फूलों व पत्तों का सेवन सलाद के रूप में किया जा सकता है, जैसे मिल्क थिस्ल की पत्तियों का किया जाता है। इसके बीजों का इस्तेमाल कॉफी के बीजों रूप में भी किया जा सकता है।