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Moringa chutney to get rid of constipation: मोरिंगा (Moringa) या ड्रमस्टिक (Drumsticks) जिसे हिंदी में सहजन नाम से भी जाना जाता है, एक खास प्रकार का औषधीय गुणों वाला पौधा है, जो दक्षिण एशिया में विशेष रूप से उगता है। इसके पत्तों, फूलों, बीजों और छाल में औषधीय गुण होते हैं, जो विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं को ठीक करने में सहायक होते हैं। मोरिंगा का वैज्ञानिक नाम Moringa oleifera है और यह मोरिंगेसी परिवार का सदस्य है। आम लोगों के बीच मोरिंगा (Moringa), स्वास्थ्य लाभकारी गुणों के लिए प्रसिद्ध है। लंबे समय से कब्ज की समस्या से परेशान लोग मोरिंगा के पत्तों का सेवन करके बिना दवाओं के भी पेट साफ कर सकते हैं। मोरिंगा में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन्स, और मिनरल्स होते हैं, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त करने में मदद करते हैं। तो क्यों न आप इस गुणकारी औषधीय पौधे का कब्ज जैसी समस्या को दूर करने के लिए इसकी चटनी को उपयोग करें, जो कि काफी स्वादिष्ट होते है।
मोरिंगा में कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो पाचन तंत्र की सूजन को कम करते हैं और आंतों की सेहत को बेहतर बनाते हैं। यह आपके पेट को राहत देता है और कब्ज के कारण होने वाले दर्द और ऐंठन को भी कम करता है। वहीं मोरिंगा के पत्तों में फाइबर की अधिक मात्रा होती है, जो आंतों के सही कार्य में मदद करता है। यह मल को मुलायम बनाता है और शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। फाइबर पाचन क्रिया को तेज करता है और कब्ज की समस्या को दूर करता है।
मोरिंगा में विटामिन सी की उच्च मात्रा होती है, जो शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। यह शरीर को संक्रमण और बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। वहीं मोरिंगा पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है, जिससे आंतों में गति बढ़ती है और मल त्याग की प्रक्रिया सरल हो जाती है। यह प्राकृतिक रूप से कब्ज की समस्या को ठीक करने में मदद करता है।
कब्ज की समस्या अक्सर पानी की कमी के कारण भी हो सकती है। मोरिंगा में भरपूर मात्रा में पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और पाचन क्रिया को सुधारता है। साथ ही मोरिंगा के पत्तों में कैल्शियम और फास्फोरस जैसे खनिज होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत करने और हड्डियों के ढांचे को सही रखने में मदद करते हैं। यह ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों के दर्द से राहत देने में मदद करता है।
मोरिंगा की चटनी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
- 1 कप मोरिंगा के ताजे पत्ते
- 1-2 हरी मिर्च (स्वाद अनुसार)
- 1 टेबलस्पून ताजा नारियल (यदि पसंद हो)
- 1 छोटा चम्मच जीरा
- 1/2 छोटा चम्मच काला नमक (स्वाद अनुसार)
- 1/2 छोटा चम्मच हल्दी (वैकल्पिक)
- 1 टेबलस्पून नींबू का रस
- 1 छोटा चम्मच अदरक (कद्दूकस किया हुआ)
- 1-2 टेबलस्पून ताजा हरा धनिया (स्वाद अनुसार)
मोरिंगा के ताजे पत्तों को अच्छे से धोकर पत्तियों को अलग कर लें। अब एक पैन में जीरा हल्का-सा भून लें, फिर इसमें अदरक और हरी मिर्च डालें। अब इसमें मोरिंगा के पत्ते डालें और कुछ मिनट तक गूंथ लें, ताकि पत्तियां नरम हो जाएं। इसे ठंडा होने दें और फिर मिक्सर में डालकर नारियल, हल्दी, काला नमक, और नींबू का रस डालें। इसे अच्छे से पीस लें और हरा धनिया डालकर चटनी तैयार करें। चटनी को आप अपने पसंदीदा नाश्ते के साथ ले सकते हैं, जैसे कि रोटियां, डोसा, इडली या सादा परांठा।
1. यह चटनी पाचन क्रिया को सक्रिय करती है और पेट को साफ करती है। सुबह इसे नाश्ते के साथ लेने से पूरे दिन पेट हल्का और साफ रहता है।
2. मोरिंगा चटनी में फाइबर की अधिक मात्रा होने के कारण यह भूख को नियंत्रित करती है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराती है।
3. मोरिंगा के पत्ते त्वचा की सेहत के लिए भी अच्छे होते हैं। यह आंतों को साफ करने में मदद करते हैं, जिससे शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और त्वचा पर निखार आता है।
4. मोरिंगा चटनी ऊर्जा से भरपूर होती है, जो आपको पूरे दिन ताजगी प्रदान करती है।
मोरिंगा की चटनी को संतुलित आहार के हिस्से के रूप में खाएं। केवल एक चीज़ पर निर्भर न रहें, बल्कि पूरे दिन का आहार पोषक और संतुलित रखें। वहीं यदि आपको मोरिंगा के पत्तों से कोई एलर्जी या अन्य समस्या हो तो इसका सेवन बंद कर दें और डॉक्टर से सलाह लें। साथ ही सबसे जरूरी है कि अगर कब्ज की समस्या गंभीर हो तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। मोरिंगा और अन्य घरेलू उपायों का सेवन सहायक हो सकता है, लेकिन यह किसी गंभीर समस्या का इलाज नहीं है।