हवा में फैला प्रदूषण बना सकता है फेफड़ों को बीमार,रोज पीएं यह 1 ड्रिंक,बढ़ेगी इम्यूनिटी और लंग्स बनेंगे मजबूत

प्रदूषण के साइड-इफेक्ट्स से बचने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की मदद ली जा सकती है। यहां पढ़ें कुछ ऐसी हर्ब्स के बारे में जो प्रदूषण के नुकसान से सुरक्षा देती हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 7, 2022 7:01 AM IST

Way to beat air pollution: हवा में फैली गंदगी, धुआं, कोहरा और प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। खराब क्वालिटी की हवा में सांस लेने से लोगों को जहां कई प्रकार की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। वहीं, कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क बढ़ सकता है। मौसम बदलने के साथ हवा में प्रदूषण की समस्या गम्भीर हो सकती है और इसके साथ ही बीमारियों और एलर्जिक रिएक्शन्स का रिस्क भी बढ़ जाता है। इस वर्ष भी त्योहारों के बाद से ही दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू सहित कई शहरों में एयर क्वालिटी बिगड़ने की खबरें आ रही हैं। प्रदूषित हवा आंखों, फेफड़ों और इम्यून सिस्टम को नुकसान पहुंचाती है। इन साइड-इफेक्ट्स से बचने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की मदद ली जा सकती है। यहां पढ़ें कुछ ऐसी हर्ब्स के बारे में जो प्रदूषण के नुकसान से सुरक्षा देती हैं। (Ayurvedic remedies to prevent side effects of Air pollution on health in Hindi)

बदलते मौसम में लंग्स को मजबूत रखने के लिए पीएं ये काढ़ा (Ayurvedic Kadha for healthy lungs)

यह हेल्दी और गुणकारी काढ़ा लंग्स की सफाई करता है और उसे मजबूत बनाता है। इसके अलावा सर्दी-खांसी और ज़ुकाम जैसी मौसमी बीमारियों और एलर्जिक रिएक्शन्सका भी रिस्क कम करता है। यह काढ़ां बनाने का तरीका पढ़े यहां-

  • एक लीटर पानी किसी बर्तन में उबलने के लिए रखें।
  • फिर, इसमें दालचीनी के 2 डंठल, गिलोय के टुकड़े या गिलोय की पत्तियां (Giloy leaves) डाल दें।
  • इस मिश्रण में तुलसी के कुछ पत्ते, लेमनग्रास, मुलेठी और पिप्पली के टुकड़े डाल दें।
  • पसंद के अनुसार 2-3 हरी इलायची (Green Cardamom) भी कूटकर पानी में डाल दें।
  • सभी जड़ी-बूटियों को अच्छी तरह पकाएं। मिश्रण को तब त पकाना है जब तक कि वह आधा ना हो जाए।
  • जब मिश्रण अच्छी तरह पक जाए तो इसे आंच से उतारकर छान लें और गर्मा-गर्म ही पीएं।