मानसून में ये तीन दोष सबसे ज्यादा होते हैं हावी, बचाव के लिए अपनाएं आयु्र्वेदिक टिप्स
मानसून में ये तीन दोष सबसे ज्यादा होते हैं हावी, बचाव के लिए अपनाएं आयु्र्वेदिक टिप्स
विशेषज्ञों के अनुसार, आयुर्वेद किसी बीमारी का इलाज करने की बजाय उस बीमारी के कारणों का उपचार करता है। यदि आप मानसून में होने वाली गंभीर बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो आयुर्वेदिक डाइट (Ayurvedic Diet For Monsoon) का चुनाव करें।
Written By:
Kishori Mishra
| Published : June 25, 2020 4:56 PM IST
मानसून में ये तीन दोष सबसे ज्यादा होते हैं हावी, बचाव के लिए अपनाएं आयु्र्वेदिक टिप्स
Ayurvedic Diet For Monsoon : गर्मी के सीजन के बाद बारिश की बूंदे सुकून और राहत देती हैं, लेकिन यह सुहावना मौसम कई संक्रामक बीमारियों का कारण भी बन सकता है। बारिश के सीजन (Monsoon) में गलत खानपान के कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ग़लत खानपान (Unhealthy Diet) के कारण पेट से संबंधित समस्याएं, एलर्जी और कई बीमारियां जैसे टाइफाइड, पीलिया, काला ज्वर, फ्लू और डायरिया जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। आयुर्वेद के मुताबिक, इन बीमारियों से बचने (Ayurvedic Diet For Monsoon) का महज एक ही उपाय है और वह है मानसून के मुताबिक सही आहार लेना।
आयुर्वेद (Ayurveda) के मुताबिक, मानसून में शरीर के तीनों दोष सबसे ज्यादा हावी होते हैं। ये दोष हैं वात, पित्त और कफ। तीनों दोषों का कंट्रोल में रखने के लिए हमें सही डाइट लेने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार, आयुर्वेद किसी बीमारी का इलाज करने की बजाय उस बीमारी के कारणों का उपचार करता है। यदि आप मानसून में होने वाली गंभीर बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो आयुर्वेदिक डाइट (Ayurvedic Diet For Monsoon) का चुनाव करें।
मानसून में आयुर्वेद के अनुसार लें डाइट (Diet In Monsoon According to Ayurveda In Hindi)
बारिश के सीजन में संक्रामक रोग से बचने के लिए हमें अपने डाइट पर ख्याल रखना चाहिए।
इस सीजन में गंभीर बीमारियों से बचने के लिए उबला हुआ गर्म पानी पिएं। यह आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।
गर्म दूध में हमेशा हल्दी का पाउडर मिलाकर पिएं। इससे खराश और गले में दर्द की समस्या ठीक होगी। इसके साथ ही यह ठंड को शांत करने में मदद करता है।
पानी में तुलसी का पत्ता और हल्दी का पाउडर डालकर उबालें। इस पानी से सुबह शाम गरारा करें। इससे गले की खराश से छुटकारा मिलेगा।
इसके साथ ही मानसून में संक्रामक बीमारियों से लड़ने के लिए हमें अपने खाद्य पदार्थों में भी कुछ बदलाव करना चाहिए।
मानसून में इन खाद्य पदार्थों का करें सेवन
अनाज: सती का चावल, लाल चावल, ज्वार, गेहूं।
सब्जी: लौकी, टिंडे, भिंडी, परवल, कटहल इत्यादि।
फलियां: मूंग की दाल, अरहर की दाल, कुल्थी दाल, काली उड़ की दाल।
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