गठिया का नहीं है कोई इलाज, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से इसकी परेशानी को कर सकते हैं कंट्रोल

गठिया का कोई इलाज नहीं है। एक्सपर्ट की मानें, तो खान-पान के जरिए गठिया की समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके अलावा कुछ ऐसे जड़ी-बूटी हैं, जिससे आप गठिया में होने वाली परेशानी को कम कर (Arthritis Ayurveda Treatment) सकते हैं।

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Written By: Kishori Mishra | Published : August 11, 2020 9:40 AM IST

Arthritis Ayurveda Treatment : लोगों को गठिया की समस्या आजकल सबसे अधिक हो रही है। अर्थराइटिस, जोड़ों में दर्द की एक खतरनाक समस्या है, जिसमें व्यक्ति को चलने फिरने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इस स्थिति में घुटनों में सूजन आ जाती है। कई लोगों को गठिया के कारण घुटनों, कोहनी, उंगलियों, कूल्हों और जबड़ों में दर्द होने लगता है। पहले के समय में बुजुर्ग लोगों को गठिया की समस्या अधिक होती थी, लेकिन अब कम उम्र के लोगों को भी गठिया की परेशानी होने लगती है। सबसे दुर्भाग्य की बात यह है कि इस खतरनाक बीमारी का कोई इलाज नहीं है। एक्सपर्ट की मानें, तो खान-पान के जरिए गठिया की समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके अलावा कुछ ऐसे जड़ी-बूटी हैं, जिससे आप गठिया में होने वाली परेशानी को कम कर (Arthritis Ayurveda Treatment) सकते हैं।

अश्वगंधा

शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को अश्वगंधा नियंत्रित करने में हमारी मदद करता है। अश्वगंधा शरीर से मल को बाहर निकालता है, इसके साथ ही इससे श्वसन भी नियंत्रित होता है। अश्वगंधा के इन्हीं गुणों के कारण चिकित्सक,  रोजाना 3 से 6 ग्राम अश्वगंधा खाने की सलाह देते हैं। रोजाना अश्वगंधा का सेवन करने से पूरे शरीर जैसे जोड़ों, तंत्रिकाओं, लिगामेंट्स और मांसपेशियों पर पॉजिटिव (Arthritis Ayurveda Treatment) असर पड़ता है। जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत दिलाने में आपकी मदद करता है।

पुनर्नवा

जोड़ों में सूजन और दर्द को आप जड़ी-बूटियों की मदद से कम कर सकते हैं। अगर आपको जोड़ों में दर्द है, तो नियमित रूप से 3 ग्राम पुनर्नवा जड़ों से बने पाउडर का सेवन करें। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में आपकी मदद करता है। इसके साथ ही यह कब्ज से भी राहत दिलाता है। यह लिवर को भी साफ रखने में आपकी मदद करता है, इससे मेटाबोलिज्म बेहतर होता है।

त्रिफला

त्रिफला तीन जड़ी बूटियों (अमलकी, हरितकी और बिभीतकी) से मिलकर बना होता है। इन जड़ी बूटियों में सूजन-रोधी गुण पाए जाते हैं।

हल्दी

भारतीय रसोईयों में हल्दी का इस्तेमाल काफी अधिक होता है। हल्दी में कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं। गठिया के इलाज में भी हल्दी आपकी मदद करता है। हल्दी के सेवन से सूजन वाले गठिया से आप उबर सकते हैं।

अदरक

अदरक के सेवन से आप गठिया के सूजन को कम कर सकते हैं। अगर आप नियमित रूप से अदरक का सेवन करते हैं, तो यह सूजन और गठिया रोग की शुरुआत को होने से रोकता है। अदरक में ऑक्सीडेटिव तनाव के कारण ऊतक और जोड़ों की क्षति की रोकथाम के गुण पाए जाते हैं।

शल्लकी

शल्लकी बहुत ही लोकप्रिय प्राकृतिक सूजन विरोधी जड़ी बूटियों में से एक है। इस जड़ी-बूटी का इस्तेमाल पूरे विश्व में आयुर्वेद के चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है। शल्लकी गठिया के दौरान होने वाले दर्द और सूजन को ठीक करने में आपकी मदद करता है।

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