गंदी हवा में खांस-खांस कर गले का हुआ बुरा हाल? 5 घरेलू नुस्खे आपको देंगे खांसी से राहत और निकाल फेंकेंगे जमा बलगम

आपको खांसी एलर्जी, पराग जलाने, धूल, धुएं या प्रदूषण के कारण हो सकती है, जो सर्दियों के दौरान और ज्यादा खराब हो जाती है। अगर आप भी गले की खराश से जूझ रहे हैं तो राहत के लिए प्राकृतिक उपायों को आजमा सकते हैं।

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Written By: Jitendra Gupta | Updated : November 28, 2020 12:01 PM IST

चार लोगों के बीच में खांसना एक ऐसी समस्या बन चुका है, जिससे हर किसी को डर लगता है लेकिन क्या आप जानते है कि आप जैसा सोच रहे हैं ठीक वैसा बिल्कुल भी नहीं है। दरअसल खांसी हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है बल्कि यह एक पूरी तरह से सामान्य और प्राकृतिक क्रिया है, जो हमारे वायुमार्ग को साफ करने में मदद करती है। खांसी दो से चार दिनों तक रहती है लेकिन एक बार जब आप बाहरी कणों को हटा देते हैं तो आपका गला साफ हो जाता है। लेकिन इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है कि लगातार खांसी आपको परेशान कर सकती है और आपका सोना दुष्वार कर सकती है।

आपको खांसी एलर्जी, पराग जलाने, धूल, धुएं या प्रदूषण के कारण हो सकती है, जो सर्दियों के दौरान और ज्यादा खराब हो जाती है। अगर आप भी गले की खराश से जूझ रहे हैं तो राहत के लिए प्राकृतिक उपायों को आजमा सकते हैं। कुछ घरेलू उपचार आपके वायुमार्ग को साफ करने में काफी प्रभावी होते हैं, जिससे आपको सांस लेने में आसानी होती है। हालांकि, अगर ये समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो आपके लिए डॉक्टर की सलाह ही सबसे ज्यादा बेस्ट है। इस लेख में हम आपको 5 ऐसे प्राकृतिक उपचारों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आप खांसी रोकने के लिए आजमा सकते हैं। तो आइए जानते हैं इन घरेलू उपचारों के बारे में।

शहद

शहद बरसों से सर्दी और खांसी के लिए आजमाया हुआ एक असरदार घरेलू उपाय है। इसके एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गले में खराश को शांत करने में मदद कर सकते हैं। एक हालिया अध्ययन से ये पता चला है कि सर्दी और खांसी के इलाज के लिए शहद, दवाओं से बेहतर है। हर्बल टी या गर्म पानी और नींबू में 2 चम्मच शहद मिलाएं और इसे दिन में दो बार पिएं। आपको जल्द ही गले से खराश और खांसी से राहत मिलती हुई दिखाई देगी।

नमक वाले पानी से गरारे

नमक वाले पानी से गरारे करने पर गले में खुजली को शांत करने में मदद मिल सकती है और ये आपके फेफड़ों और वायु मार्ग में जमा बलगमन को कम कर सकता है। इस नुस्खे को आजमाने के लिए आपको बस 1 कप गर्म पानी में 1/4 चम्मच नमक मिलाना है और तुरंत राहत पाने के लिए दिन में कई बार इससे गरारे करने हैं। यह उपाय छोटे बच्चों के लिए नहीं है क्योंकि वे ठीक से गार्गल नहीं कर सकते हैं इसके उन्हें थोड़ा खारा पानी पिला दें।

अदरक

अदरक के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण वायुमार्ग में मौजूद झिल्ली को आराम देने में मदद कर सकते हैं और खांसी की समस्या को कम कर सकते हैं। अदरक की चाय पीना या शहद और काली मिर्च के साथ अदरक का रस पीना खांसी के इलाज के लिए सबसे प्रभावी उपचारों में से एक है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि बहुत अधिक अदरक वाली चाय न पिएं क्योंकि इससे पेट खराब या दिक्कत हो सकती है।

पेपरमिंट (पुदीना)

पेपरमिंट में मेन्थॉल नाम का यौगिक होता है, जो खांस-खांसकर गले में मौजूद नस को हुई परेशानी को कम कर सकता है। यह गले में दर्द और जलन से राहत प्रदान कर सकता है। इसके अलावा, पुदीना बलगम को भी कम करने में मदद कर सकता है। खांसी की समस्या को कम करने के लिए दिन में 2-3 बार पुदीना की चाय पीना सबसे प्रभावी तरीका है। आप पुदीने के तेल का उपयोग अरोमाथेरेपी के रूप में भी कर सकते हैं।

नीलगिरी का तेल

नीलगिरी एशेंशियल ऑयल भी आपके वायु मार्ग को शांत करने और उसे ठीक करने में मदद कर सकता है। तुरंत परिणाम पाने के लिए आप नारियल या जैतून के तेल में नीलगिरी के तेल की कुछ बूंदें मिलाएं और इस मिश्रण को छाती और गले पर रगड़ें। आप नीलगिरी की भाप लेने की भी कोशिश कर सकते हैं। गर्म पानी की एक कटोरी में नीलगिरी के तेल की कुछ बूंदें डालें और भाप लें। ऐसा करने से छाती में भारीपन और बलगम की समस्या भी दूर होगी।

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