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Written By: Pallavi Kumari | Published : June 10, 2022 12:51 PM IST
Marijuana benefits in hindi: मारिजुआना या गांजा का सेवन भारत समेत कई देशो में अपराध की श्रेणी में आता है। लेकिन थाईलैंड एशिया का पहला देश बन गया है जिसने मारिजुआना (Thailand decriminalises marijuana) को प्रतिबंधित पदार्थों की सूची से हटा दिया है और लोगों को घर पर पौधे उगाने की अनुमति दी है। दरअसल, थाईलैंड की सरकार मारिजुआना को नकदी फसल के रूप में बढ़ावा दे रही है। दरअसल, थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्री और उप प्रधान मंत्री ने पिछले महीने मारिजुआना की फसल उगाने का आग्रह किया और बताया है कि ये कई समस्याओं के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट के रूप में काम कर सकता है। लेकिन क्या मारिजुआना या गांजा का सेवन शरीर के लिए सच में फायदेमंद है। कैसे जानते हैं।
गांजा मानसिक और शारीरिक तनावों को दूर करने में भी मदद करता है। गांजाके पौधे के अंदर कैनबिनोइड्स होता है जो कि स्ट्रेचिंग या मोबिलिटी को कम करता है है और तनाव कम करता है। ये आपकी मांसपेशियों को शांत करता है और खिंचाव व बेचैनी को कम करता है।
जो लोग नियमित रूप से गांजा का सेवनकरते हैं, उनका कहना है कि ये आराम और रिकवरी को बढ़ावा देने की शक्तिशाली क्षमता रखता है। दरअसल, इसमें साइकोटिक प्रभाव होता है और इसक एंटीइंफ्लेमेटरी गुण दर्द के अहसास को कम कर देता है और स्ट्रेस को कम करके रिकवरी में तेजी लाता है। इस तरह रिकवरी फैसिलिटेटर के रूप में भी काम करता है।
कई अध्ययनों से पता चला है कि कैनबिनोइड्स मतली और उल्टी में सुधार करने में मदद कर सकता है जो कई बीमारियों में होता है। सीबीडी और अन्य गैर-साइकोएक्टिव कैनबिनोइड्स का उपयोग जीआई विकारों जैसे कि ब्लॉटिंग, क्रोहन, अल्सरेटिव कोलाइटिस और अधिक को रोकने और इलाज के लिए प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
गांजा और मानसिक विकारों को कम कर सकता है। ये चिंता और अवसाद से लेकर सिज़ोफ्रेनिया और अल्जाइमर रोग तक विभिन्न स्थितियों जुड़े कई लक्षणों को कम करने में मदद करने में मदद कर सकता है। अगर आप मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं तो आपको डॉक्टर से पूछ कर इसका सेवन करना चाहिए।
गांजा के इन तमाम फायदे के बाद भी इसका मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारणबन सकता है। नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंजीनियरिंग और मेडिसिन रिपोर्ट से पता चलता है कि गांजा बाइपोलर डिसऑर्डर का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा ये अवसाद का कारण भी बन सकता है। गांजा का उपयोग से सिज़ोफ्रेनिया सहित मनोविकृति का खतरा बढ़ सकता है।
हालांकि, गांजा का उपयोगकरने और कैंसर के बढ़ते जोखिम के बीच किसी भी लिंक का सुझाव देने के लिए कोई सबूत नहीं है। लेकिन कुछ शोध बताते हैं कि ये टेस्टिकुलर कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। ये इस कैंसर को धीमी गति से बढ़ा कता है।
नियमित गांजा का सेवन पुरानी खांसी के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हुआ है और ये फेफड़े की कार्यक्षमता बिगड़ता है। साथ ही ये क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज या अस्थमा का खतरा भी बढ़ाता है।
ध्यान देने वाली बात-
गांजा के फायदे और नुकसान जो भी आपको ये मामना पड़ेगा कि ये एक नशीला पदार्थ है। जबकि दवाइयों में जब इसका इस्तेमाल होता है कि इसकी एक संतुलित और सीमित मात्रा होती है। इसलिए कभी भी अपने मन से इसका सेवन ना करें। डॉक्टर और एक्सपर्ट से पूछ कर ही इसका सही तरीके से और सीमित मात्रा में इसका सेवन करें।