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Patharchatta Benefits and Uses- पत्थरचट्टा के फायदे, औषधीय गुण, लाभ और नुकसान

एक मशहूर आयुर्वेदिक औषधि होने के कारण पत्थरचट्टा कई स्वास्थ्य समस्याओं में इलाज के लिए काम आ सकती है।

Patharchatta Benefits and Uses- पत्थरचट्टा के फायदे, औषधीय गुण, लाभ और नुकसान
पत्थरचट्टा के स्वास्थ्य लाभ

Written by Mukesh Sharma |Updated : July 25, 2022 2:56 PM IST

Patharchatta Or Kalanchoe pinnata:  पत्थरचट्टा एक सदाबहार पौधा है, जिसका अर्थ है कि यह पौधा हर मौसम में हरा-भरा होता है। ये एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी भी है। इसके पत्ते मध्यम आकार के होते हैं और इनकी मोटाई सामान्य से थोड़ी अधिक होती है। पत्थरचट्टा (Patharchatta health benefits) में कई प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक गुण होते हैं, जिनकी मदद से इसका इस्तेमाल अनेक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का घर पर इलाज करने के लिए किया जाता है। आजकल मार्केट में पत्थरचट्टा का रस, उसके सूखे पत्तों का चूर्ण और ताजे पत्ते भी आसानी से मिल जाते है। (Patharchatta Or Kalanchoe pinnata in Hindi.)

पत्थरचट्टा के फायदे (Benefits of Patharchatta)

पत्थरचट्टा (Patharchatta) में मौजूद स्वास्थ्यवर्धक गुण कई रोगों का इलाज करने में मदद करते हैं। पत्थरचट्टा पथरी (kidney stones) से लेकर स्किन से जुड़ी समस्याओं जैसे एक्ज़िमा और रैशेजआदि से राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इस गुणकारी और सदाबहार पौधे के इस्तेमाल से प्राप्त होने वाले प्रमुख स्वास्थ्य लाभों में निम्न शामिल हैं -

1. किडनी स्टोन होने से रोके पत्थरचट्टा

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किडनी के लिए पत्थरचट्टा को काफी लाभदायक औषधि माना गया है। कुछ अध्ययनों के अनुसार जिन लोगों को गुर्दे में पथरी होने का खतरा है, उनके लिए पत्थरचट्टा का इस्तेमाल करना काफी अच्छा विकल्प हो सकता है।

2. पत्थरचट्टा से करें ब्लड प्रेशर कंट्रोल

पत्थरचट्टा के पत्तों (Patharchatta leaves) से प्राप्त होने वाले रस में खास प्रकार के तत्व होते हैं, जो रक्तचाप (blood pressure levels) के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। पत्थरचट्टा का नियमित सेवन हृदय के लिए भी अच्छा रहता है।

3. त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है पत्थरचट्टा

पत्थरचट्टा के पत्तों में खास प्रकार के कंपाउंड पाए जाते हैं, जो घाव के ठीक होने की प्रक्रिया को तेज कर देते हैं। साथ ही इसमें मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण सूजन, लालिमा व जलन जैसे लक्षणों को भी कम कर देते हैं।

4. संक्रमण को फैलने से रोकता है पत्थरचट्टा

पत्थरचट्टा पर कुछ अध्ययन किए गए और इसमें पाया गया कि इसके पत्तों में एंटी बैक्टीरियल और एंटीफंगल एजेंट पाए जाते हैं, जो संक्रमण का कारण बनने वाले कुछ प्रकार के बैक्टीरिया और फंगस नष्ट करने की क्षमता रखते हैं।

हालांकि, पत्थरचट्टा से प्राप्त होने वाले उपरोक्त लाभ आमतौर पर कुछ प्रकार के अध्ययनों पर आधारित हैं और हर व्यक्ति के शरीर पर इसका अलग प्रभाव हो सकता है।

पत्थरचट्टा के नुकसान (Side effects of Patharchatta)

पत्थरचट्टा का सेवन कुछ लोगों के शरीर में विषाक्त प्रभाव पैदा कर सकता है और ऐसे में उन्हें निम्न लक्षण हो सकते हैं -

  • पेट में दर्द(stomach ache)
  • सीने में जलन (heart burn)
  • जी मिचलाना या उल्टी (Nausea)
  • खट्टी डकार आना (acidity)
  • दस्त लगना (diarrhea)

पत्थरचट्टा से कुछ लोगों को एलर्जी के लक्षण (allergic reactions) भी हो सकते हैं, जिससे त्वचा में खुजली, सूजन, लाल चकत्ते और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।

पत्थरचट्टा का उपयोग कैसे करें (How to use Patharchatta)

पत्थरचट्टा का इस्तेमाल निम्न तरीकों से किया जा सकता है-

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  • पत्तों के रस को गुनगुने पानी में मिलाकर
  • धुले हुए पत्तों को सलाद में काटकर
  • सब्जियों के साथ उबालकर
  • पीसकर त्वचा पर भी लगाया जा सकता है

हालांकि, आपको पत्थरचट्टा का इस्तेमाल किस प्रकार और कितनी मात्रा में करना चाहिए इस बारे में जानने के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।