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पारिजात सफेद फूलों वाला पेड़ है, जिसे हरसिंगार भी कहा जाता है। इसके पत्ते व फूलों में अनेक स्वास्थ्यवर्धक गुण पाए जाते हैं और प्राचीन काल से ही आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल अनेक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज करने के लिए किया जा रहा है। आजकल लोग घर पर भी इस पेड़ को उगाने लगे हैं क्योंकि इसके पत्तों का इस्तेमाल कई घरेलू उपचारों में भी किया जाता है। आजकल मार्केट में भी हरसिंगार के बीज, ताजे पत्ते व इनसे बने कई प्रोडक्ट मिल जाते हैं।
पारिजात में अनेक प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक गुण मौजूद होते हैं, जिससे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों में प्रमुख रूप से निम्न को शामिल किया जाता है -
आयुर्वेद में पारिजात को गठिया के इलाज के लिए अत्यंत शक्तिशाली औषधि माना गया है। पारिजात के पत्तों में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो गठिया के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
पारिजात में एंटीपायरेटिक गुण पाए जाते हैं, जिनकी मदद से शरीर के तापमान को सामान्य स्तर पर लाया जा सकता है। जिन लोगों को बार-बार हल्का बुखार आ रहा है, उनके लिए पारिजात का इस्तेमाल काफी लाभदायक हो सकता है।
पारिजात के पत्तों पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि इसमें कई प्रकार के एंटी वायरल व एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। सही तरीके से पारिजात का इस्तेमाल करने से संक्रमण की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
त्वचा रोगों का इलाज करने में भी पारिजात काफी लाभदायक हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें कई प्रकार के एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा में होने वाली सूजन, लालिमा, जलन व अन्य क्षति को रोकने में मदद करते हैं।
हालांकि, पारिजात से प्राप्त होने वाले उपरोक्त लाभ प्रमुख रूप से कुछ अध्ययनों पर आधारित हैं और हर व्यक्ति के शरीर पर इसका अलग असर हो सकता है।
पारिजात कोई सामान्य जड़ी-बूटी नहीं है और इसका सेवन करने से कुछ लोगों को शरीर पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते हैं। पारिजात का सेवन करने से कुछ लोगों को निम्न समस्याएं हो सकती हैं -
पारिजात का उपयोग निम्न तरीके से किया जा सकता है -
हालांकि, आपके स्वास्थ्य के अनुसार कैसे और कितनी मात्रा में पारिजात उचित है, इस बारे में पता लगाने के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।