
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : April 26, 2022 12:14 PM IST
जटामांसी अनेक स्वास्थ्यवर्धक गुणों वाला एक खास औषधीय पौधा है, जो प्रमुख रूप से हिमालय के क्षेत्रों में उगता है। इसे बालछड़ के नाम से भी जाना जाता है और हजारों सालों से आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल अनेक प्रकार की दवाएं बनाने के लिए किया जा रहा है। इतना ही नहीं ऐसी कई स्वास्थ्य समस्याएं हैं जिन का इलाज घर पर ही जटामांसी से किया जा सकता है। आजकल मार्केट में जटामांसी की जड़, जड़ का चूर्ण व जटामांसी से बने अन्य प्रोडक्ट आसानी से मिल जाते हैं।
जटामांसी में कई अलग-अलग प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक गुण पाए जाते हैं, जिससे प्राप्त होने वाले लाभों में आमतौर पर निम्न शामिल है -
जटामांसी में कई एंटी-हाइपरटेंसिव गुण पाए जाते हैं, जो बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करते हैं। नियमित रूप से उचित एक्सरसाइज के साथ जटामांसी का सेवन करना ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में काफी मदद कर सकता है।
जटामांसी की जड़ में कई खास तत्व पाए जाते हैं, जो पेट में जाकर पाचन क्रिया को उत्तेजित कर देते हैं। इसके सेवन से खट्टी डकार, पेट फूलना और कब्ज जैसी कई समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है।
जटामांसी की जड़ में कई खास प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों को जड़ों से मजबूत बनाते हैं और बाल झड़ना काफी हद तक कम हो जाते हैं। साथ ही जटामांसी से बालों में रूसी की समस्या भी काफी कम हो जाती है।
जटामांसी में ऐसे खास तत्व होते हैं, जो चिंता, तनाव व डिप्रेशन जैसी समस्या को दूर कर देते हैं और आपके मूड को सुधारते हैं। इसका उचित इस्तेमाल करने से अनिद्रा की समस्या भी दूर हो जाती है। हालांकि, जटामांसी से प्राप्त होने वाले उपरोक्त स्वास्थ्य लाभ अलग-अलग अध्ययनों या प्राचीन चिकित्सा प्रणालियों पर आधारित हैं और हर व्यक्ति के शरीर पर इसका प्रभाव अलग हो सकता है।
जटामांसी का एक दवा के रूप में इस्तेमाल करना आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित रहता है। हालांकि, इसके इस्तेमाल से कुछ लोगों को निम्न समस्याएं हो सकती हैं -
हालांकि, गर्भवती महिलाओं या अन्य किसी रोग से ग्रसित व्यक्ति को जटामांसी से गंभीर साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं।
हालांकि, आपको किस प्रकार और कितनी मात्रा में जटामांसी का इस्तेमाल करना चाहिए, इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से बात कर लें।