
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : August 9, 2022 9:57 AM IST
जानुशीर्षासन को मांसपेशियों में लचीलता लाने वाले सबसे श्रेष्ठ योगासनों में से एक माना जाता है। जानुशीर्षासन एक मध्यम स्तर का योगासन है, जिसका अभ्यास शुरुआती व अनुभवी दोनों योगी कर सकते हैं। जानुशीर्षासन को अंग्रेजी में “हेड टू नी पोज” (Head-to-knee pose) के नाम से जाना जाता है। यदि जानुशीर्षासन को सही तकनीक के साथ और नियमित रूप से किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर किया जा सकता है। चलिए जानते हैं जानुशीर्षासन के लाभ और अभ्यास करने का सही तरीका
यदि सही तकनीक के साथ जानुशीर्षासन अभ्यास किया जा रहा है, तो इससे स्वास्थ्य संबंधी निम्न लाभ हो सकते हैं -
सही तरीके के साथ जानुशीर्षासन अभ्यास करने से हैमस्ट्रिंग मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे जांघों में लचीलापन बढ़ता है।
खेलकूद व अन्य शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने वाले व्यक्तियों के लिए जानुशीर्षासन अभ्यास करना काफी लाभदायक हो सकता है। इससे ग्रोइन व हिप्स की मांसपेशियों में लचीलापन आता है।
जानुशीर्षासन अभ्यास करने से शरीर की महत्वपूर्ण मांसपेशियां मजबूत होने लगती हैं, जिससे बदन दर्द व अकड़न जैसी समस्याएं ठीक हो जाती हैं।
जानुशीर्षासन से सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। नियमित रूप से यह योगाभ्यास करने से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है जिससे अवसाद, चिंता व तनाव जैसे लक्षण नहीं हो पाते हैं।
हालांकि, जानुशीर्षासन अभ्यास करने से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ प्रमुख रूप से योगासन को करने की तकनीक और अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।
यदि आप पहली बार जानुशीर्षासन अभ्यास करने जा रहे हैं, निम्न चरणों का पालन करके आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -
यह योग मुद्रा बनाकर कुछ गहरी सांस लें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं। इसके बाद कुछ मिनट के लिए शरीर को आराम दें और फिर दूसरी तरफ से यह योगासन करें।
आगे झुकते समय छाती को जांघों के करीब लाने की कोशिश करें और सिर को घुटनों स्पर्श न होने दें। किसी भी प्रक्रिया को बलपूर्वक करने कोशिश न करें। जितना हो सके कमर को सीधा रखें और आगे झुकते समय कमर को धीरे-धीरे मोड़ें।
स्वास्थ्य से संबंधित कुछ समस्याएं हैं, जिनके दौरान जानुशीर्षासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए -