Elephant creeper Benefits and Uses- विधारा के फायदे, औषधीय गुण, लाभ और नुकसान

विधारा (Elephant creeper) के फायदे व नुकसान- विधारा विशेष औषधीय गुणों वाला एक खास पौधा है, जिसका इस्तेमाल स्वास्थ्य संबंधी कई बीमारियों की दवाएं बनाने के लिए किया जाता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 13, 2022 7:48 PM IST

विधारा बैंगनी रंग के सुंदर फूलों वाला एक बेलनुमा पौधा है, जिसके पत्तों की आकृति पान के पत्तों के समान होती है। विधारा को संस्कृत में वृद्धदारु और अंग्रेजी में एलिफेन्ट क्रीपर (Elephant creeper) के रूप में भी जाना जाता है और आयुर्वेद के अनुसार इसके फूल, पत्ते व शाखाओं में अनेक प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक गुण पाए जाते हैं। प्राचीन काल से ही भारत में विधारा का इस्तेमाल घर पर अनेक स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करने के लिए किया जाता है। कई ऐसे हर्बल प्रोडक्ट हैं, जिसमें विधारा का इस्तेमाल एक सामग्री के रूप में किया जाता है। आजकल मार्केट में विधारा की लकड़ी का पाउडर आसानी से मिल जाता है।

विधारा के फायदे (Benefits of Elephant creeper)

विधारा अनेक प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक गुणों से समृद्ध जड़ी-बूटी है, जिसके इस्तेमाल से मिलने वाले प्रमुख स्वास्थ्य लाभों में निम्न शामिल हैं -

1. डायबिटीज के लक्षणों को कम करने में प्रभावी है विधारा

विधारा के पत्ते व फूलों में खास प्रकार के एंटी-डायबिटिक गुण पाए जाते हैं। विधारा में मौजूद कुछ खास तत्व इंसुलिन उत्पादन को बढ़ा देते हैं, जिससे रक्त में शर्करा का स्तर कम होने लगता है और डायबिटीज के लक्षण कम होने लगते हैं।

2. विधारा दिलाए पेट दर्द से राहत

विधारा में कुछ खास आयुर्वेदिक गुण पाए जाते हैं, जो पाचन क्रिया को तेज कर देते हैं और पेट में गैस भी नहीं बनने देते, जिसके परिणामस्वरूप पेट दर्द जैसी समस्याओं की रोकथाम करने में मदद मिलती है। साथ ही विधारा के सेवन से कब्ज जैसी समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है।

3. त्वचा रोगों के इलाज में मदद करता है विधारा

जिन लोगों को त्वचा में सूजन, लालिमा या जलन से संबंधित रोग हैं जैसे सिफलिस और एक्जिमा आदि उनके लिए भी विधारा का इस्तेमाल करना काफी लाभदायक हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि विधारा में मौजूद खास प्रकार के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन व लालिमा को कम करने में मदद कर सकते हैं।

4. विधारा से करें जोड़ों के दर्द की समस्याओं को कम

विधारा में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों के अंदर होने वाली सूजन व लालिमा को कम करने में मदद करते हैं, जिससे गठिया जैसी स्थितियों में होने वाले जोड़ों के दर्द को कम किया जा सकता है। साथ ही यह कुछ लोगों के लिए एक एनाल्जेसिक के रूप में काम करता है, जिससे दर्द की गंभीरता को कम करने में मदद मिलती है।

विधारा के नुकसान (Side effects of Elephant creeper)

विधारा का एक दवा के रूप में और उचित मात्रा में इस्तेमाल करना आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए उचित रहता है। हालांकि, कुछ लोगों को इससे निम्न साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं -

  • पेट में दर्द होना
  • सिर चकराना
  • जी मिचलाना या उल्टी
  • पेट फूलना
  • बदन दर्द
  • एलर्जी

गर्भवती या अन्य किसी रोग से ग्रसित व्यक्ति को विधारा से गंभीर स्वास्थ्य प्रभाव भी हो सकते हैं।

विधारा का उपयोग कैसे करें (How to use Elephant creeper)

विधारा का इस्तेमाल निम्न तरीके से किया जा सकता है -

  • पत्तों के रस को गर्म पानी के साथ
  • चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ
  • शाखाओं से काढ़ा बनाकर
  • पत्तों का लेप त्वचा पर लगाकर

हालांकि, आपके लिए कितनी मात्रा में और किस प्रकार से विधारा का सेवन सुरक्षित है, इस बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।

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