
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 11, 2022 4:53 PM IST
सोंठ के बारे में हर कोई जानता है, लेकिन बहुत ही कम लोगों को पता होता है कि सोंठ वास्तव में सूखी अदकर (Sukhi adrak ke fayde) होती है। दरअसल, अदरक को खास तकनीक के साथ और विशेष प्रोसेस से गुजारकर सुखाया जाता है और इससे सोंठ तैयार हो जाती है। सोंठ को आम बोलचाल की भाषा में सोंठ या सुंठ भी कहा जाता और वहीं कुछ लोग इसे सीधे सूखी अदरक के नाम से ही जानते हैं। अदरक को सुखाकर इसकी सोंठ इसलिए बनाई जाती है, ताकि इसे लंबे समय तक स्टोर करके रखा जा सके। अंग्रेजी में इसे “ड्राइड जिंजर” (Dried ginger) के नाम से भी जाना जाता है।
कई प्राचीन चिकित्सा प्रणालियों के अनुसार सोंठ से अनेक स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। यह आमतौर पर निम्न स्वास्थ्य समस्याओं के घरेलू उपचार के रूप में काम करता है -
आयुर्वेद के अनुसार सोंठ का सेवन करना अपच संबंधी समस्याओं को दूर कर सकता है। हाल ही में एक अध्ययन किया गया जिसमें पाया गया कि यदि खाना खाने से पहले सोंठ का सेवन किया जाए तो इससे पाचन क्रिया उत्तेजित हो जाती है, जिससे सीने में जलन, बार-बार डकार आना, सीने में जलन और कब्ज जैसी समस्याएं ठीक हो जाती हैं।
ड्राइड जिंजर को ब्लड शुगर कम करने के लिए भी काफी प्रभावी माना गया है। एक अध्ययन में पाया गया कि यदि खाली पेट सोंठ के पाउडर का सेवन किया जाए तो इससे भोजन करने के बाद बढ़ने वाली शुगर को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
सूखी अदरक में कई एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के अंदर होने वाली सूजन व लालिमा को कम करने में मदद कर सकते हैं। जिन लोगों को गठिया या अन्य कोई स्वास्थ्य समस्या है, जिसके कारण उनके शरीर में सूजन व लालिमा विकसित हो रही है, तो उनके लिए सोंठ काफी लाभदायक हो सकती है।
शरीर का वजन कम करने के लिए भी सोंठ को काफी प्रभावी माना जाता है। सोंठ पाचन प्रणाली को सक्रिय बनाता है, जिससे शरीर में जमा वसा को अवशोषित करने में मदद मिलती है। सोंठ में थर्मोजेनिक गुण भी होते हैं, जो कैलोरी को खर्च करने (कैलोरी बर्निंग) में मदद करता है।
हालांकि, ऊपर बताए गए सोंठ के स्वास्थ्य लाभ आमतौर पर अलग-अलग अध्ययन पर आधारित हैं, जिनमें से कुछ अध्ययनों को जानवरों पर किया गया है। इतना ही नहीं हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति अलग होती है, जो सोंठ पर अलग-अलग तरीके प्रक्रिया देता है।
सोंठ का एक सही मात्रा में सेवन करना आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित रहता है। हालांकि, सामान्य से अधिक मात्रा में सोंठ का सेवन करने से सीने में जलन, जी मिचलाना उल्टी और पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा कुछ लोगों को सोंठ से एलर्जिक रिएक्शन भी हो सकता है। जब उनका शरीर सोंठ के संपर्क में आता है, तो उन्हें एलर्जी के लक्षण होने लगते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं -
सोंठ को प्राचीन समय से ही एक प्राकृतिक दवा के रूप में जाना जाता है और आयुर्वेद व सिद्ध चिकित्सा प्रणाली में कई रोगों का इलाज करने के लिए सोंठ का इस्तेमाल किया जाता है। यही नहीं भारतीय रसोई में भी सोंठ का इस्तेमाल काफी प्रचलित है और अनेक व्यंजनों को सुगंधित व स्वादिष्ट बनाने के लिए सोंठ का इस्तेमाल किया जाता है। सोंठ का सेवन कैसे करें -
हालांकि, सोंठ का सेवन कितनी मात्रा में आपके स्वास्थ्य के लिए उचित है यह जानने के लिए डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।