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जीरा वनस्पति पौधों से एक बीज के रूप में प्राप्त होने वाली एक खास जड़ी-बूटी है। इस वनस्पति पौधे का नाम क्यूमिनम साइमिनम है, जो भारत व चीन समेत अफ्रीका और यूरोप के कई देशों में उगाया जाता है। जीरा आमतौर पर साबुत और पाउडर के रूप में मार्केट में उपलब्ध है। जीरे से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों के चलते दुनियाभर में इसकी मांग काफी बढ़ी है। जीरे का सेवन प्रमुख रूप से व्यंजनों में खुशबू व स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। साथ ही इसमें अनेक स्वास्थ्यवर्धक गुण पाए जाते हैं, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करने के लिए एक घरेलू उपचार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार जीरे में कई शारीरिक रोगों को जड़ से खत्म करने की क्षमता होती है।
जीरे में कई ऐसे यौगिक पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य को कई लाभ प्रदान करते हैं। इससे मिलने वाले मुख्य स्वास्थ्य लाभों में निम्न शामिल हैं -
कुछ अध्ययन बताते है कि जीरे का सेवन करने से वजन को कम करने में भी मदद मिलती है। जीरे में थाइमोक्विनोइन (thymoquinone) नामक एक सक्रिय तत्व पाया जाता है, जो शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को नष्ट करने में मदद करता है। इस प्रकार शरीर विषाक्त पदार्थों से मुक्त होता है और वजन कम करने में मदद मिलती है।
एक अध्ययन में पाया गया कि यदि रोजाना 3 ग्राम जीरे का सेवन किया जाए तो बुरे कोलेस्टेरॉल (एलडीएल) और ट्रिग्लिसराइड को कम करने में मदद मिल सकती है। इतना ही नहीं जीरे का सेवन करने से अच्छे कोलेस्टेरॉल (एचडीएल) का स्तर बढ़ाने में मदद मिलती है।
डायबिटीज से ग्रस्त कुछ जानवरों पर जीरे का परीक्षण किया गया और पाया कि इसके सेवन से रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद मिलती है। इसलिए जो लोग डायबिटीज से ग्रस्त हैं, वे लक्षणों को कम करने के लिए जीरे का सेवन कर सकते हैं।
जीरे में कुछ ऐसे विशेष तत्व पाए जाते हैं जो लार्विसाइज (Larvicide) और एंटीसेप्टिक (Antiseptic) एजेंट के रूप में काम करते हैं। जीरे के तेल में पाए जाने वाले कुछ यौगिक इतने शक्तिशाली होते हैं, जो एंटीसेप्टिक दवाओं से भी प्रभावी रूप से काम करते हैं। इसलिए जीरे का सेवन करने से कई प्रकार से संक्रमण होने का खतरा कम हो सकता है।
कुछ अध्ययन यह भी बताते हैं कि जीरा शारीरिक व मानसिक तनाव को दूर करने में प्रभावी रूप से काम कर सकता है। चूहों पर की गई स्टडी ने बताया कि जीरे में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तनाव को कम करने में विटामिन सी से भी ज्यादा शक्तिशाली हो सकते हैं।
इसके अलावा कुछ अध्ययन भी किए जिनमें जीरे को मासिक धर्म के दर्द, दस्त और पेट में गैस को कम करने में प्रभावी पाया गया। हालांकि, इन अध्ययनों से संबंधिक अधिक प्रमाण मौजूद नहीं हैं। ऊपरोक्त में से किसी भी स्वास्थ्य समस्या के उपचार के रूप में जीरे का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से एक बार इस बारे में बात कर लेनी चाहिए।
भोजन में जीरे का इस्तेमाल करना पूरी तरह से सुरक्षित है और इससे किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है। हालांकि, यदि उपचार के रूप में जीरे का सेवन सामान्य से अधिक मात्रा में किया जा रहा है, तो इससे स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं जैसे पेट में दर्द, गैस बनना, पेट व सीने में जलन होना और जी मिचलाना आदि।
कुछ अध्ययनकर्ताओं का मानना है कि जीरे में ऐसे यौगिक पाए जाते हैं, जो मिसकैरिज का कारण बन सकते हैं। इसलिए यदि आप गर्भवती हैं, तो जीरे का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए। वहीं कुछ लोगों को जीरे से एलर्जी भी हो सकती है, इसलिए इसका सेवन ध्यानपूर्वक करना चाहिए।
भारतीय परिवारों में जीरा काफी प्रचलित है और लोग सब्जी, कढ़ी, तरी, सूप, दही व छाछ आदि में जीरा डालकर बड़े चाव से खाते हैं। जीरा जितना भोजन के स्वाद को बढ़ाता है, उससे ज्यादा यह स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। आयुर्वेद, सिद्ध व अन्य कई पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में प्राचीन काल से ही जीरे को कई उपचारों में इस्तेमाल किया जाता है। जीरे का सेवन इस प्रकार करें -
हालांकि, आपके स्वास्थ्य के अनुसार आपको कितनी मात्रा में जीरे का सेवन करना चाहिए इस बारे में डॉक्टर से बात करें।