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अजवाइन एक विशेष हर्ब है, जिसका इस्तेमाल कई स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करने के लिए किया जाता है। अजवाइन में विशेष गंध होती है, जो कई व्यंजनों की खुशबू को बढ़ाने में भी मदद करती है। इसका अंग्रेजी नाम कैरम (Carom) और वैज्ञानिक नाम ट्रेकिस्पर्मम अम्मी (Trachyspermum ammi) है। अजवाइन के पौधे और फल दोनों का अलग-अलग जरूरतों के अनुसार इस्तेमाल किया जाता है। अजवाइन के फल को सूखाकर उसका इस्तेमाल भी किया जा सकता है, जिन्हें अक्सर अजवाइन के बीज कहा जाता है। अजवाइन का रंग कुछ-कुछ जीरे से मिलता है और आकार में यह जीरे से काफी छोटी होती है।
अजवाइन में कई सक्रिय तत्व पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का इलाज करने में मदद कर सकते हैं। अजवाइन से मिलने वाले मुख्य स्वास्थ्य लाभों में निम्न शामिल हो सकते हैं -
कुछ अध्ययनों में पाया गया अजवाइन में कुछ ऐसे यौगिक पाए जाते हैं, जो खांसी को दूर करने में कौडीन (Codeine) से भी ज्यादा शक्तिशाली होते हैं। अजवाइन गले व छाती में जमी बलगम को निकालकर खांसी जैसे लक्षणों को दूर करती है।
अजवाइन पर कुछ रिसर्च की गई जिनसे पता चला कि यह कैल्शियम को रक्त वाहिकाओं में जाने से रोकती है, जिसके परिणामस्वरूप उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है।
आयुर्वेद में प्राचीन समय से ही पाचन बढ़ाने के लिए अजवाइन का इस्तेमाल किया जा रहा है। अजवाइन में कुछ विशेष एंजाइम पाए जाते हैं, जो पेट में अम्लीय पदार्थों के स्राव को बढ़ा देते हैं और परिणामस्वरूप पाचन क्रिया तेज हो जाती है। पाचन मजबूत करके यह अपच, पेट में गैस व पेट संबंधी कई लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है।
अजवाइन के तेल में कई महत्वपूर्ण यौगिक पाए जाते हैं, जो फंगल व बैक्टीरियल इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं। अजवाइन में मुख्य रूप से थाइमोल (Thymol) और कारवक्रॉल (Carvcrol) नामक साल्मोनेला और ई कोलाई जैसे हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ने में भी मदद करते हैं।
अजवाइन में कई ऐसे सक्रिय तत्व पाए जाते हैं, जो एक एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट के रूप में काम करते हैं। अजवाइन का सेवन करने से त्वचा पर होने वाले सूजन व जलन जैसे लक्षणों को कम करने में काफी मदद मिल सकती है।
अजवाइन को लेकर जानवरों पर कुछ अध्ययन किए गए, जिनमें पाया कि अजवाइन एलडीएल (बुरा कोलेस्टेरॉल) और ट्रिग्लिसराइड के स्तर को कम करने में मदद करता है। एक अन्य स्टडी में यह भी पाया गया कि अजवाइन का उचित रूप से सेवन करने से एचडीएल (अच्छा कोलेस्टेरॉल) का स्तर बढ़ता है, जो हमारे हृदय को सुरक्षित रखता है।
हालांकि, ऊपर बताए गए अजवाइन के सभी लाभ हर व्यक्ति की शारीरिक तासीर के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। यदि सरल भाषा में कहें तो अजवाइन का प्रभाव हर व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकता है। ऊपरोक्त बताए गए कुछ लाभ जानवरों पर किए गए अध्ययनों पर आधारित हैं और मनुष्य के शरीर पर इनका प्रभाव पूरी तरह से अलग हो सकता है।
अजवाइन को भोजन में डालकर उसका सेवन सदियों से किया जा रहा है और इसे पूरी तरह से सुरक्षित माना गया है। हालांकि, यदि किसी स्वास्थ्य समस्या के उपचार के रूप में इसका सामान्य से अधिक सेवन किया जा रहा है या फिर लंबे समय से आप लगातार अजवाइन ले रहे हैं, तो इससे पेट संबंधी कुछ समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
हालांकि गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिए अजवाइन हानिकार प्रभाव छोड़ सकती है। यदि गर्भवती महिलाएं अधिक मात्रा में अजवाइन का सेवन कर रही हैं, तो शिशु को कुछ जन्म दोष हो सकते हैं या फिर मिसकैरिज भी हो सकता है।
इसलिए यदि आप अजवाइन को किसी समस्या के उपचार के रूप में लेना चाहते हैं, तो डॉक्टर से इस बारे में बात कर लेनी चाहिए।
कई भारतीय व्यंजनों में अजवाइन का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें मुख्य रूप से कढ़ी और कुछ प्रकार के सूप शामिल हैं। इससे मिलने वाली अलग खुशबू के कारण इसका इस्तेमाल कई कॉस्मेटिक उत्पादो में भी किया जाने लगा है। हालांकि, अजवाइन का इस्तेमाल सिर्फ व्यंजनों में खुशबू और स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं किया जाता है, इससे कई स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज भी किया जाता है। प्राचीन समय से ही लोग अजवाइन का इस्तेमाल कई प्रकार के घरेलू उपचारों में किया जा रहा है।