
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 18, 2022 3:17 PM IST
आयुर्वेद में ब्राह्मी को सबसे उपयोगी जड़ी-बूटियों में से एक है। इसे अंग्रेजी में बाकोपा या बाकोपा मोनिएरी (Bacopa monnieri) के नाम से जाना जाता है। ब्राह्मी भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में पाई जाती है और आमतौर पर गीले व उष्णकटिबंधीय वातावरण में उगती है। ब्राह्मी के पौधे के फूल, पत्तियां व टहनी में अनेक प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक गुण पाए जाते हैं, जिनकी मदद से कई शारीरिक समस्याओं का इलाज किया जाता है। आजकल ब्राह्मी के पाउडर, कैप्सूल और सिरप आदि आसानी से मार्केट में मिल जाते हैं।
ब्राह्मी में अल्कलॉइड ब्राह्मीन, निकोटीनिन, हर्पीसटीन, बैकोसाइड्स, सैपोनिन और अन्य कई प्रकार के कंपाउंड पाए जाते हैं, तो स्वास्थ्य को अलग-अलग प्रकार के लाभ प्रदान करते हैं। ब्राह्मी से प्राप्त होने वाले मुख्य स्वास्थ्य लाभों में आमतौर पर निम्न शामिल हैं -
ब्राह्मी पर किए गए कुछ अध्ययनों में पाया गया कि इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो सूजन व लालिमा जैसी समस्याओं को कम कर करने में मदद कर सकते हैं। जिन लोगों को गठिया जैसी समस्याएं हैं उनके लिए ब्राह्मी का इस्तेमाल करना लाभदायक सिद्ध हो सकता है।
ब्राह्मी पर कुछ अध्ययन किए गए और जिनमें पाया गया कि जो लोग ब्राह्मी से युक्त सप्लीमेंट ले रहे हैं, उनके मस्तिष्क स्वास्थ्य में सुधार अन्य लोगों की तुलना में अधिक हुआ है। वहीं कुछ अध्ययन कहते हैं कि ब्राह्मी के सेवन से व्यक्ति के सीखने की क्षमता बढ़ती है और उसकी याददाश्त में भी सुधार होता है।
कुछ अध्ययन बताते हैं कि ब्राह्मी में मौजूद कई सक्रिय तत्व ऐसे हैं, जो मस्तिष्क में कॉर्टिसोल नामक हार्मोन के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। कोर्टिसोल का स्तर कम होने पर व्यक्ति को अच्छा महसूस होने लगता है और चिंता व तनाव के लक्षण कम हो जाते हैं।
ब्राह्मी में कुछ खास तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड स्रावित करने में मदद करते हैं। नाइट्रिक ऑक्साइड से रक्त वाहिकाएं खुलने लगती हैं और परिणामस्वरूप रक्तचाप का बढ़ा हुआ स्तर कम होने लगता है।
हालांकि, ऊपर बताए गए ब्राह्मी से स्वास्थ्य लाभ पूरी तरह से अध्ययनों पर ही आधारित हैं, जिनमें से कुछ अध्ययन चूहों व अन्य जानवरों पर ही किए गए होते हैं। ब्राह्मी में कई अलग-अलग तत्व होते हैं, जो शरीर को भिन्न तरीकों से प्रभावित कर सकते हैं जो आमतौर पर शारीरिक प्रकृति पर निर्भर करता है।
ब्राह्मी में कई अलग-अलग प्रकार के तत्व होते हैं, जो शरीर पर कई प्रकार के नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। ब्राह्मी का सेवन आपके स्वास्थ्य को किस प्रकार के प्रभाव डालता है, इस बारे में अभी तक ज्यादा जानकारी नही मिल पाई है। हालांकि, कुछ लोगों को इससे पेट खराब होना, उल्टी, जी मिचलाना, दस्त या कब्ज, सिर चकराना और एलर्जी से संबंधित लक्षण भी हो सकते हैं।
यदि आप पहली बार ब्राह्मी का सेवन करने जा रहे हैं, तो आपको पहले डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।
ब्राह्मी का इस्तेमाल हजारों सालों से आयुर्वेद, सिद्ध व अन्य कई प्राचीन चिकित्सा प्रणालियों में किया जा रहा है। इससे शारीरिक व मानसिक दोनों प्रकार की बीमारियों का इलाज करने के लिए अलग-अलग दवाएं बनाई जाती हैं। इतना ही नहीं आजकल मार्केट में कई प्रकार के शैंपू, तेल व अन्य उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनमें ब्राह्मी का इस्तेमाल एक सामग्री के रूप में किया जाता है। ब्राह्मी का सेवन निम्न तरीके से किया जा सकता है -
हालांकि, आपके शरीर के लिए कितनी मात्रा ब्राह्मी उचित है, इसके बारे में जानने के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।