ठंड की वजह से बढ़ सकती है सांस फूलने की समस्या, इन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से परेशानी करें कंट्रोल

Herbs for Breathing Problems:  बढ़ते ठंड में सांस फूलने की परेशानी काफी ज्यादा होती है। इस परेशानी को कम करने के लिए आप कई तरह की आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का सेवन कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन जड़ी-बूटियों के बारे में-

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Written By: Kishori Mishra | Published : January 10, 2023 11:37 AM IST

Herbs for Breathing Problems: बढ़ती ठंड की वजह से कई लोगों को सांस फूलने की परेशानी होने लगती है। इसके कारण हर एक छोटे से छोटे कार्य जैसे- चलना, सीढ़ी चढ़ना, दौड़ना इत्यादि में परेशानी होती है। ठंड के अलावा सांस फूलने की परेशानी कई अन्य कारणों से हो सकती है, जिसमें कोरोना, स्ट्रेस, मोटापा, प्रदूषण, अस्थमा इत्यादि शामिल है। ऐसे में बढ़ते ठंड में सांस फूलने की समस्या को कंट्रोल करना बहुत ही जरूरी है। अगर आप सांस फूलने की परेशानी से जूझ रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इसके अलावा कुछ जड़ी-बूटियों की मदद से भी आप सांस फूलने की परेशानी को कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं सांस फूलने की परेशानी को कम करने वाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां कौन सी हैं?

सांस फूलने की परेशानी कम करे ये जड़ी-बूटियां

वासाका है बेहतरीन जड़ी-बूटी

वासाका एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसका इस्तेमाल कई तरह की समस्याएं दूर करने के लिए किया जाता है। सांस फूलने की परेशानी को कम करने के लिए आप वसाका का इस्तेमाल कर सकते हैं। वसाका की पत्तियों में टैनिन, सैपोनिन, अल्कलॉइड, फ्लेवोनोइड्स जैसे फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होती हैं। इसके साथ ही यह एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबायोटिक और एक्सपेक्टोरेंट गुणों से भरपूर होते हैं, जो गले की खराश को शांत कर सकते हैँ। इसके साथ ही यह अस्थमा ट्रिगर्स को नियंत्रित कर सकता है। यह ब्रोन्कियल सूजन को शांत करने, कफ को ढीला करने और ब्रोन्कियल स्राव को पतला करने का काम करता है। श्वसन संक्रमण को कम करने के लिए आप वासाका की सेवन कर सकते हैं। वासाका के पत्तों को गर्म पानी में पीस कर इसका काढ़ा तैयार कर सकते हैं।

अदरक से सांस की परेशानी करें कम

सांस से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए अदरक का सेवन हेल्दी हो सकता है। इसका इस्तेमाल आप सूप, स्मूदी, काढ़ा इत्यादि के रूप में कर सकते हैं। वहीं, अदरक के रस को आप आंवला और एलोवेरा के साथ खा सकते हैं। यह आपकी इम्यून पावर को बूस्ट कर सकता है। साथ ही बलगम को तोड़ने में मदद करता है, फेफड़ों के स्वास्थ्य में सुधार करता है। 

चिड़चिड़ा की पत्तियां है असरदार

चिड़चिड़ा की पत्तियां एक सामान्य जड़ी बूटी है, जो स्किन और श्वसन संबंधी परेशानियों को दूर करने में आपकी मदद कर सकता है। इस जंगली पत्तों का इस्तेमाल आप आम सर्दी और साइनसाइटिस की परेशानियों को कम करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा यह पत्तियां बलगम, गले में खराश की परेशानी को कम कर सकता है।

नीलगिरी का करें सेवन

नीलगिरी ब्रोन्कियल मांसपेशियों को आराम देता है और पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। यूकेलिप्टस में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हैं, जो कंजेशन के लिए काफी अच्छी जड़ी-बूटियों में से एक है। इसके अलावा नीलगिरी नाक बंद, गले में खराश जैसी समस्याओं को कम कर सकता है। 

पुदीने की पत्तियां हैं फायदेमंद

पुदीना में एंटीस्पास्मोडिक गुण होते हैं। इसके साथ ही यह नाक में सूजन को कम कर सकता है। इतना ही नहीं इससे आप पाचन को भी दुरुस्त कर सकते हैं। पुदीने का सेवन आप चाय, भोजन, काढ़ा इत्यादि के रूप में कर सकते हैं। 

सर्दियों में सांस से जुड़ी परेशानी को कम करने के लिए आप इन उपायों का सहारा ले सकते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि अगर आपकी परेशानी काफी ज्यादा बढ़ रही है तो इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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