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अर्जुन का पेड़ एक सदाबहार पेड़ है, जो प्रमुख रूप से भारत व उसके आस-पास के देशों में उगता है। अर्जुन के पेड़ की छाल में अनेक स्वास्थ्यवर्धक गुण होते हैं और इसे हजारों सालों से कई स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। अर्जुन के पेड़ की छाल काफी मोटी होती है और इसे उतारने के बाद यह उस हिस्से पर फिर से बनने लग जाती है। इसकी मांग पिछले कुछ सालों में काफी बढ़ी है और इसलिए आजकल अर्जुन की छाल व उससे बने प्रोडक्ट आसानी से मार्केट में मिल जाते हैं।
अर्जुन के पेड़ की छाल में अनेक प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक गुण पाए जाते हैं, जिससे प्राप्त होने वाले प्रमुख लाभों में निम्न शामिल हैं -
अर्जुन की छाल में एक नहीं बल्कि कई ऐसे रसायन पाए जाते हैं, जो बढ़े हुए बीपी के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं। आजकल अर्जुन की छाल से बने कई ऐसे प्रोडक्ट मार्केट में उपलब्ध हैं, जिन्हें बीपी को मैनेज रखने के लिए बनाया गया है।
जिन लोगों को बार-बार पेट में अल्सर होने की समस्या होती रहती है, उनके लिए भी अर्जुन की छाल काफी लाभदायक हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि अर्जुन की छाल में कई ऐसे तत्व होते हैं, जो अल्सर होने से रोकने में मदद करते हैं।
अर्जुन पेड़ की छाल में मौजूद खास प्रकार के एंजाइम डायबिटीज से ग्रस्त लोगों के लिए काफी उपयोगी है। ये एंजाइम रक्त में शर्करा को सामान्य स्तर पर लाने में मदद करते हैं, जिससे डायबिटीज के लक्षण कम हो जाते हैं।
अर्जुन की छाल में एंटी बैक्टीरियल जैसे कई प्रकार के संक्रमण रोधी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में एक एंटीबायोटिक की तरह काम करते हैं। अर्जुन की छाल से शरीर के अंदरूनी या बाहरी हिस्से में होने वाले संक्रमण का इलाज किया जा सकता है।
हालांकि, अर्जुन की छाल से प्राप्त होने वाले लाभ आमतौर पर घरेलू नुस्खों व आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर ही आधारित हैं और हर व्यक्ति के शरीर पर इसका प्रभाव भी अलग हो सकता है।
यदि अर्जुन की छाल का उपयोग एक उचित मात्रा में किया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए आमतौर पर सुरक्षित रहता है। हालांकि, इसका अधिक सेवन करने से निम्न स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं -
अर्जुन की छाल का इस्तेमाल निम्न तरीके से किया जा सकता है -
हालांकि आपको कैसे और कितनी मात्रा में अर्जुन की छाल का इस्तेमाल करना है इस बारे में जानकारी लेने के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।