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एलोवेरा को भारत समेत दुनियाभर के कई देशों में एक शक्तिशाली जड़ी-बूटी के रूप में जाना जाता है। इससे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों को देखते हुए पिछले कुछ दशकों में इसकी मांग बढ़ी है। इसे हिन्दी भाषा में ग्वारपाठा और घृतकुमारी के नाम से भी जाना जाता है और अंग्रेजी में इसे एलो वेरा (Aloe vera) कहा जाता है। वहीं इसका साइंटिफिक नाम एलो बारबाडेनिस मिलर (Aloe barbadensis miller) है।
एलोवेरा में कई ऐसे शक्तिशाली तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को अनेक स्वास्थ्यवर्धक लाभ प्रदान करते हैं और साथ ही कई रोगों व उनके लक्षणों को दूर करने में भी मदद करते हैं। एलोवेरा से प्राप्त होने वाले लाभों में निम्न शामिल हैं -
कुछ अध्ययनों में यह पाया गया कि रोजाना दो चम्मच एलोवेरा के रस का सेवन करने से रक्त में शर्करा का स्तर कम हो जाता है। आयुर्वेद में टाइप 2 डायबिटीज से ग्रस्त लोगों को के लिए इसे काफी प्रभावी औषधि माना गया है।
कुछ अध्ययनों में पाया गया कि एलोवेरा में विटामिन सी के साथ-साथ कई सक्रिय प्राकृतिक घटक पाए जाते हैं, जो मुंह में प्लाक बनने से रोकते हैं और परिणामस्वरूप मुंह में दुर्गंध नहीं हो पाती है। एक अन्य अध्ययन के अनुसार मुंह की बदबू दूर करने के लिए एलोवेरा के रस को केमिकलों से बने प्रोडक्ट्स से बेहतर बताया गया है।
एलोवेरा पर किए गए कुछ अध्ययनों में पाया गया कि एलोवेरा शरीर में एक लैक्सेटिव दवा के रूप में काम करता है, जिससे आंतों में मौजूद मल आगे बढ़ने लगता है और मलत्याग प्रक्रिया में आसानी रहती है। कब्ज से ग्रस्त लोगों के लिए एलोवेरा को एक घरेलू उपचार के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।
एलोवेरा न सिर्फ कब्ज को दूर करता है, बल्कि इसमें कई ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं, जो पाचन क्रिया को तेज करने में मदद करते हैं। अपच से परेशान लोग एलोवेरा का सेवन कर सकते हैं।
एलोवेरा पर की गई रिसर्चों में पाया गया कि इसें कई महत्वपूर्ण एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट घटक पाए जाते हैं, जो त्वचा को कई बीमारियों से बचाकर रख सकते हैं। इतना ही नहीं एलोवेरा का रस त्वचा में पानी की कमी नहीं होने देता है, जो त्वचा को बढ़ती उम्र के लक्षणों से भी बचाता है।
हालांकि ऊपरोक्त बताए गए लाभ सिर्फ अध्ययनों पर ही आधारित हैं और हर व्यक्ति पर इनका असर अलग रूप से हो सकता है। यदि आप एलोवेरा का इस्तेमाल किसी समस्या के उपचार के रूप में करना चाहते हैं, तो डॉक्टर से बात कर लें।
यदि एलोवेरा का एक उचित मात्रा में इस्तेमाल किया जा रहा है, तो इसे स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह से सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से उल्टी, मतली, दस्त और पेट संबंधी अन्य लक्षण हो सकते हैं।
वहीं कुछ लोगों के शरीर में एलोवेरा प्रभावी रूप से रक्त शर्करा को कम करने के रूप में काम करता है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर सामान्य स्तर से भी कम हो जाने का खतरा बढ़ जाता है जिससे हानिकारक स्थिति पैदा हो सकती है।
एलोवेरा का हजारों सालों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उपचार करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इतना ही नहीं कई ऐसे व्यंजन भी हैं, जिनमें एलोवेरा का एक सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। एलोवेरा पौधे के बड़े-बड़े पत्ते होते हैं, जिससे निकलने वाले विशेष जेल (गाढ़ा रस) का उपयोग किया जाता है। एलोवेरा का सेवन इस प्रकार किया जा सकता है -
हालांकि, आपके स्वास्थ्य के लिए एलोवेरा कितनी मात्रा में उचित है, यह पता लगाने के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।