Yoga for Hepatitis : बचना है हेपेटाइटिस से तो करें ये दो आसन

योग के जरिए हेपेटाइटिस से बच सकते हैं और इसके लक्षणों को कम कर सकते हैं। कुछ आसन जैसे मंडूकासन और पवनमुक्तासन इसमें खास तौर से उपयोगी है। जानें, इन दोनों आसनों को करने की विधि...

WrittenBy

Written By: Anshumala | Published : September 16, 2019 9:28 PM IST

हेपेटाइटिस लिवर में होने वाली एक गंभीर बीमारी है। वायरल संक्रमण के कारण लिवर में सूजन हो जाता है, जिसे हेपेटाइटिस कहते हैं। हेपेटाइटिस के लक्षण (Yoga for Hepatitis) कई बार दूसरी बीमारियों से भी मिलते हैं, इसलिए लोग समझ नहीं पाते कि उन्हें हेपेटाइटिस की समस्या है। ऐसे में इलाज में देर होने के कारण समस्या गंभीर हो जाती है। हेपेटाइटिस का एक प्रमुख लक्षण (Hepatitis symptoms) है-पीलिया। हेपेटाइटिस में लिवर में सूजन हो जाती है और पाचन गड़बड़ा जाता है।

छह महीने से अधिक समय तक उपचार न हो तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। यदि आपको पेट के दाईं तरफ दर्द रहे, तो इसे नजरअंदाज ना करें। आप चाहें तो योग के जरिए भी हेपेटाइटिस से बच सकते हैं और इसके लक्षणों को कम कर सकते हैं। कुछ आसन (Yoga for Hepatitis) जैसे मंडूकासन और पवनमुक्तासन इसमें खास तौर से उपयोगी है। जानें, इन दोनों आसनों (Yoga for Hepatitis) को करने की विधि...

मंडूकासन

सबसे पहले वज्रासन की स्थिति में फर्श पर बैठ जाएं। अपने दोनों हाथों की हथेलियों को बंद करके मुट्ठी बना लें। इन्हें नाभि के पास रखें। अब सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें ताकि मुट्ठियों का दबाव नाभि वाले भाग पर पड़े। सामने की ओर देखें। 8-10 सेकेंड इस स्थिति में रुकने के बाद, सांस भरते हुए मूल स्थिति में लौट आएं। इस आसन को प्रेग्नेंट महिलाएं करने से बचें।

पवनमुक्तासन

पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने दोनों पैरों को जमीन के समानान्तर रखें। सांस छोड़कर बहिर्कुंभक लगाएं और दोनों हाथों के सहारे दाएं घुटने को पास लाकर उससे नासिकाग्र को सटाने का प्रयास करें। इस क्रम में जांघों से पेट दबेगा। इस स्थिति में कुछ पल रुकने के बाद, सांस भरते हुए वापस मूल स्थिति में आ जाएं। फिर यही क्रिया बाएं घुटने को पास लाकर दुहराएं। इस प्रकार 5 से 10 बार इस क्रिया को दुहराएं। उच्च रक्तचाप, साइटिका और स्लिप डिस्क के रोगी इसे न करें।

वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे 2018 : ”ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस” लीवर के लिए हो सकता है खतरनाक