Viral Hepatitis : आम है 16 से 30 आयु वर्ग में वायरल हेपेटाइटिस, जानें इसके बारे में
हर साल वायरल हेपेटाइटिस के कारण लगभग 2,50,000 लोगों की मृत्यु हो जाती है। वायरल हेपेटाइटिस अब तीन घातक संक्रामक बीमारियों- एचआईवी/एड्स, मलेरिया और टीबी के समकक्ष है।
लैब एसआरएल डायग्नाॅस्टिक्स द्वारा हाल ही में वायरल हेपेटाइटिस (ए, बी, सी और ई) पर किए गए विश्लेषण के अनुसार, वायरल हेपेटाइटिस (Viral Hepatitis in hindi) के मामले 16 से 30 वर्ष की उम्र में अधिक (49 फीसदी) पाए जाते हैं। एसआरएल के आंकड़ों के अनुसार, भारत में पानी से फैलने वाला हेपेटाइटिस ई वायरस का संक्रमण सबसे आम (23 फीसदीे) है। इसके बाद हेपेटाइटिस ए (19 फीसदी) के मामले पाए गए। विश्लेषण के लिए कुल 3978 सैम्पल चुने गए, जिनमें हर सैम्पल में हेपेटाइटिस के चारों वायरस का परीक्षण एवं विश्लेषण किया गया।
आम है 16 से 30 आयु वर्ग में वायरल हेपेटाइटिस (Viral Hepatitis in hindi)
अध्ययन में पता चला कि चारों प्रकार के वायरस 16 से 30 आयु वर्ग में सबसे आम हैं। पानी से फैलने वाले हेपेटाइटिस ए वायरस का संक्रमण 16 से 30 आयु वर्ग के व्यस्कों में सबसे अधिक पाया जाता है, इसके बाद हेपेटाइटिस ई वायरस के मामले पाए गए। हेपेटाइटिस ए वायरस 1 से 3 साल के बच्चों में एक्यूट हेपेटाइटिस का सबसे आम कारण है। हालांकि, टीकाकरण एवं सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार के चलते बचपन में एचएवी के मामले काफी कम हुए हैं, इसलिए संक्रमण के मामले बचपन की बजाय युवावस्था में बढ़े हैं।
समय पर हस्तक्षेप, भारत में हेपेटाइटिस को महामारी बनने से रोक सकता है
क्या है वायरल हेपेटाइटिस ?
बीमारी के बारे में विस्तार से बताते हुए डाॅ. अविनाश फड़के, प्रेसीडेन्ट- टेकनिकल एंड मेंटर, एसआरएल डायग्नाॅस्टिक्स ने कहा, वायरल हेपेटाइटिस एक प्रकार का संक्रमण है, जो लिवर को नुकसान पहुंचाता है। वायरल हेपेटाइटिस के सबसे आम प्रकार हैं- हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और हेपेटाइटिस ई। ये चारों प्रकार के वायरल हेपेटाइटिस अलग- अलग तरीके से फैलते हैं। अलग-अलग वर्गों के लोगों को प्रभावित करते हैं और इनके स्वास्थ्य पर विभिन्न परिणाम होते हैं।
कैसे फैलता है हेपेटाइटिस बी और सी
हेपेटाइटिस बी वायरस और हेपेटाइटिस सी वायरस मुख्यतया रक्त या टिशू फ्लूड के जरिए फैलता है और यह क्रोनिक हेपेटाइटिस जैसे लिवर सिरोसिस और यहां तक कि लिवर कैंसर तक का कारण बन सकता है। वहीं हेपेटाइटिस ई और हेपेटाइटिस ए वायरस की बात करें तो इस प्रकार के संक्रमण में साफ-सफाई और हाइजीन बहुत महत्वपूर्ण हैं। कारण चाहे जो भी हो, सभी स्तरों पर वायरल हेपेटाइटिस का जल्दी निदान और प्रबंधन बहुत जरूरी है।
Hepatitis : जानें, फिट रहने के लिए लिवर को सेहतमंद रखना क्यों है जरूरी ?
वायरल हेपेटाइटिस भारत में स्वास्थ्य सेवाओं पर एक बड़े बोझ की तरह है। दुनिया भर में इस बीमारी से पीड़ित 400 मिलियन मरीजों के बावजूद हेपेटाइटिस की अनदेखी की जाती रही है। हाल ही के वर्षों में शहरी एवं अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में लोगों की जीवनशैली और हाइजीन के तरीकों में बड़े बदलाव आए हैं। बड़े शहरों की बात करें तो मुंबई मेें हेपेटाइटिस ई के सबसे अधिक 67 फीसदी मामले पाए गए। इसके विपरीत बंगलुरू और दिल्ली-एनसीआर में हेपेटाइटिस ए (53 फीसदी) ज्यादा आम है। यह भी पाया गया है कि महिलाओं (18 फीसदी) की तुलना में वायरल हेपेटाइटिस के लिए अधिक संख्या में पुरुषों (28 फीसदी) को पाॅजिटिव पाया गया।