हेपेटाइटिस ई वायरस बारिश में खतरनाक, जानें लक्षण और उपचार

हेपेटाइटिस एक गंभीर संक्रामक बीमारी है. बरसात के मौसम में Hepatitis E के वायरस का संक्रमण ज्यादा होता है. पानी और खाने से हेपेटाइटिस ई वायरस शरीर में प्रवेश करते हैं.

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : July 20, 2019 9:02 AM IST

हेपेटाइटिस ई (Hepatitis E) वायरस का संक्रमण बरसात में ज्यादा होता है. हेपेटाइटिस ई (Hepatitis E) की बीमारी सामान्यतया गंदे पानी की वजह से होती है. बारिश में पानी में गंदगी की संभावना ज्यादा होती है, इसी वजह से हेपेटाइटिस ई वायरस फैलने का डर भी रहता है. लिवर में सूजन और संक्रमण की बीमारी के तौर पर भी हेपेटाइटिस ई (Hepatitis E) को जाना जाता है. दूषित खाना और गंदा पानी पीने के वजह से हेपेटाइटिस ई वायरस इंसान के शरीर में प्रवेश कर जाता है. यह एक गंभीर संक्रमण वाली बीमारी है. इसमें लोगों की जान भी जा सकती है. कई बार यह बारिश के मौसम में मांस-मछली खाने की वजह से भी हो जाता है. समय रहते अगर हेपेटाइटिस ई (Hepatitis E) का पता चल जाये तो इसका इलाज आसानी से किया जा सकता है.

सामान्यतया हेपेटाइटिस की बीमारियों में हेपेटाइटिस ई की बीमारी सबसे ज्यादा होती है. क्योंकि यह इंसान के खान-पान से सीधे जुड़ी है. यह बारसात के मौसम में ज्यादा होती है क्योंकि हेपेटाइटिस ई के वायरस आसानी से संक्रमण फैलाने में सफल होते हैं. इसके लक्षण और बचाव के उपाय जानकर आप इससे आसानी से बच सकते हैं.

हेपेटाइटिस ई के मुख्य लक्षण

सबसे सामान्य लक्षण बुखार हो सकता है.

इस बीमारी में जोड़ों का दर्द होता है.

सबसे मुख्य लक्षण भूख में कमी हो जाती है.

लीवर में सूजन और बढ़ने का लक्षण भी मुख्य है.

पाचन तंत्र खराब होना और पेट में दर्द की शिकायत.

बिना किसी काम के भी थकान का अनुभव.

हेपेटाइटिस ई वायरस संक्रमण से कैसे बचें

बारिश में सफाई पर विशेष ध्यान

बरसात में अगर बीमारियों से दूर रहना है तो सबसे पहले सफाई पर ध्यान देना होता है. सामान्यतया हेपेटाइटिस ई वायरस गंदा पानी पीने और दूषित खाने से फैलता है. इसके अलावा आप जहां रह रहे हैं उसके आस-पास की सफाई भी महत्वपूर्ण होती है. गंदगी वाली एरिया में मक्खियों के द्वारा भी कई तरह के संक्रमण फैलने का डर रहता है.

खाद्य पदार्थ का चयन 

बारिश के मौसम में खाद्य पादार्थों का चयन बहुत महत्वपूर्ण होता है. अगर आप सब्जियां, फल और सलाद जैसे पोष्टिक फूड भी खाते हैं तो उनका चयन सफाई के साथ करें. अगर आप गंदे और सड़े गले फल और सब्जियों का सेवन करते हैं तो हेपेटाइटिस ई का खतरा बढ़ जाता है.

सड़क पर मिलने वाले स्ट्रीट फूड खाने से बचना चाहिए. बारिश में बासी खाना भी हेपेटाइटिस का कारण हो सकता है. बाजार में मिलने वाले जूस और अन्य खूले हुए पेय पदार्थ का सेवन करने से बचना चाहिए.

पानी की शुद्धता 

स्वच्छ पानी पीने से आप कई बीमारियों से दूर रहते हैं. लेकिन गंदे पानी की वजह से आप कई तरह की संक्रामक बीमारी के शिकार हो जाते हैं. बरसात में गंदे पानी की वजह से हेपेटाइटिस ई का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. अगर आप इस बीमारी से बच कर रहना चाहिए हैं तो आपको हमेशा साफ पानी पीना चाहिए.

अगर हेपेटाइटिस ई के लक्षण दिखें तो क्या करें ? 

अगर आपको ऊपर दिये गये हेपेटाइटिस के लक्षण दिखाई देते हैं. तो सबसे पहले खून की जांच करा लें या स्टूल टेस्ट से भी हेपेटाइटिस ई की बीमारी का पता चल जाता है.

संक्रामक हेपेटाइटिस ई वायरस से बचने के लिए आप टीका भी लगवा सकते हैं. सबसे अहम बात यह है कि स्वच्छता ही सबसे बड़ा इलाज है.

Hepatitis Symptoms : हेपेटाइटिस के लक्षण की जानकारी ही बचा सकती है जान.

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