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Written By: Anshumala | Published : May 9, 2019 8:56 AM IST
बच्चों को गर्मी से होने वाली इस बीमारियों से बचाने के लिए इन बातों को रखें ध्यान... © Shutterstock.
गर्मी में सेहत का ख्याल जितना बड़ों को रखना चाहिए, उससे कहीं ज्यादा बच्चों की सेहत पर ध्यान देना चाहिए। बच्चे तेज धूप में स्कूल से भूखे-प्यासे लौट कर आते हैं। घर आते ही ठंडा पानी पी लेते हैं। इन सब बातों का ध्यान नहीं रखा जाए, तो उन्हें ठंडा-गर्म लगने से बुखार हो सकता है। कई बार वो स्कूल में दोस्तों के साथ बाहर का खा लेते हैं। इससे उनके पेट में दर्द, दस्त या फूड प्वॉइजनिंग की समस्या हो सकती है। ऐसे में उनके खानपान का विशेष ख्याल रखना चाहिए। गर्मी में सबसे ज्यादा हीट स्ट्रोक की समस्या लोगों को परेशान करती है। भीषण गर्मी में बच्चे हीट स्ट्रोक की चपेट में जल्दी आ जाते हैं, ऐसे में उनका खास ख्याल रखें। बच्चों को गर्मी से होने वाली इस बीमारियों से बचाने के लिए इन बातों को रखें ध्यान...
ना होने दें पानी की कमी
उन्हें दिन भर पानी के अलावा, नींबू पानी, ग्लूकॉन डी, नारियल पानी, लस्सी, छाछ जैसे लिक्विड पदार्थ पीने के लिए देती रहें। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी और बच्चे डिहाइड्रेशन से बचे रहेंगे। स्कूल के वॉटर बॉटल में नींबू पानी या ग्लूकॉन डी दें। इससे उन्हें लो एनर्जी महसूस नहीं होगी। स्कूल या पार्क में धूप में खेलने से पसीना अधिक निकलता है। इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। ऐसे में बच्चों में सिरदर्द, थकान, भूख में कमी, बदन में ऐंठन, उल्टी, पेट दर्द, जलन, दस्त, चक्कर आने की शिकायत हो सकती है।
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खानपान पर दें ध्यान
बच्चों को गर्मी और धूप से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए एहतियात बरतें। कोल्ड ड्रिंक से उन्हें दूर रखें। शिकंजी पिलाएं। गुड़ को दही में मिलाकर खिलाएं। इन दिनों फूड प्वॉइजनिंग अधिक होता है, इसलिए कटा हुआ फल न खरीदें। ताजे घर में कटे फल खिलाएं। मौसमी फल जैसे खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, आम, लीची आदि खाने के लिए दें। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन ना करने दें। जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, स्पाइसी फूड का सेवन कम करने दें। जब बच्चे सुबह स्कूल जा रहे हों, तो उन्हें खाली पेट बिल्कुल भी ना भेजें। दूध, छाछ, लस्सी, शिकंजी, ठंडा शरबत जरूर पिलाएं। ये सारे एहतियात बड़ों को भी अपनाने चाहिए। धूप से खेलकर या स्कूल से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी पीने से रोकें। तुरंत ठंडा पानी पीना सेहत को खराब कर सकता है। प्यास बहुत लगी है, तो सादा पानी दें, जब थोड़ी देर बात शरीर का तापमान नॉर्मल हो जाए तो ठंडा पानी या लस्सी आदि पीने से वो दोबारा एनर्जी से भर जाएंगे।
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पहनावे पर दें ध्यान
जब बच्चे पार्क में खेलने जाएं, तो उन्हें ढीले-ढाले कपड़े पहनाएं। इससे शरीर में बाहर की हवा लगती रहती है। कोशिश करें कॉटन फैब्रिक के कपड़े बच्चे अधिक पहनें। सिंथेटिक, पॉलिएस्टर, सैटिन आदि फैब्रिक से पसीना शरीर से सूखता नहीं। इससे त्वचा चिपचिपी रहती है और फोड़े-फुंसियां, घमौरियों की समस्या बढ़ सकती है। मेडिकेटेड साबुन और पाउडर का इस्तेमाल करें।
जब जाएं बच्चे स्कूल
गर्मी में सुबह की धूप तो हल्की होती है, लेकिन दिन में जब वो बस से उतरक घर लौटते हैं, तो तेज चिलचिलाती धूप होती है। ऐसे में उन्हें छाता या तौलिए को पानी में भिगोकर उससे ढककर लाएं, जिससे बच्चे का बदन ठंडा रह सके। धूप में बाहर जाते समय उनका शरीर पूरी तरह से ढंका हुआ हो। गहरे रंग के कपड़े पहनाने की बजाय हल्के या सफेद रंग के कपड़े पहनाएं। बच्चों को भी धूप का चश्मा पहनने के लिए दें, इससे उनकी नाजुक आंखें हानिकारक धूप की किरणों से सुरक्षित रहेंगी। बच्चों के पेशाब का रंग चेक करते रहें। पेशाब पीला होने का मतलब है, उनके शरीर में पानी की कमी हो गई है। ऐसी स्थिति में उन्हें अधिक से अधिक पानी और हेल्दी लिक्विड ड्रिंक्स पीने के लिए दें। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक से सलाह लें।