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Written By: Anshumala | Published : April 9, 2019 12:57 PM IST
क्या होता है हीटस्ट्रोक? © Shutterstock.
गर्मी के मौसम में गर्म हवा और बढ़े हुए तापमान से लू लगने (हीटस्ट्रोक) का खतरा बढ़ जाता है। अगर अचानक शरीर का तापमान बढ़ जाए या फिर सिर में तेज दर्द हो, तो सावधान हो जाना चाहिए। ये दोनों लू लगने के मुख्य लक्षण होते हैं। अक्सर लोग डिहाइड्रेशन को ही हीटस्ट्रोक समझने की भूल कर बैठते हैं। डिहाइड्रेशन से कहीं ज्यादा गंभीर और खतरनाक होता है हीटस्ट्रोक। हीटस्ट्रोक एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट से अधिक हो जाता है। लू लगने के किडनी, दिमाग और दिल पर बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे इन अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। लू लगने के बाद नाड़ी और सांस की गति तेज हो जाती है। कई बार देखा गया है कि त्वचा पर लाल दाने भी हो जाते हैं। जानें, लू लगने के लक्षण क्या होते हैं-
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हीटस्ट्रोक एक बहुत ही गंभीर स्थिति है। कभी-कभी लोग जिसे हीटस्ट्रोक समझ बैठते हैं, वह अक्सर में हीट सिंड्रोम होता है। हीट सिंड्रोम के कई लक्षण होते हैं। इसमें पसीना बहुत अधिक आता है, रक्तचाप में गिरावट आ जाती है, हीट क्रैम्प और डिहाइड्रेशन जिसमें मतली, चक्कर आना, कमजोरी और सुस्ती शामिल हो सकती है। हालांकि, इन सभी लक्षणों के बावजूद भी व्यक्ति की चेतना नॉर्मल बनी रहती है। जब भ्रम और बेहोशी के लक्षण नजर आएं, तो समझ लीजिए कि आपको हीटस्ट्रोक हुआ है। यह स्थिति आपके लिए घातक साबित हो सकती है।
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पसीने में गिरावट, जो हीटस्ट्रोक के दौरान अक्सर देखा जाता है, शरीर के तापमान को बढ़ाता है। पसीना एक सुरक्षा तंत्र है जो हीटस्ट्रोक के दौरान प्रभावित होता है। इसके साथ ही हीटस्ट्रोक होने पर मांसपेशियों में क्षति और मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे दौरे, बेहोशी, कोमा और यहां तक की मृत्यु भी हो सकती है। त्वचा लाल, गर्म और रूखी हो जाती है।
हीटस्ट्रोक से बचने के उपाय। © Shutterstock.
गर्म वातावरण में जो भी व्यक्ति लगातार रहता है या काम करता है, वो सभी हीटस्ट्रोक के शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा, धूप और गर्मी के संपर्क में लगातार बने रहने से भी हीटस्ट्रोक हो सकता है। शिशुओं, छोटे बच्चों या बुजुर्गों (विशेष रूप से 65 वर्ष से अधिक आयु) के मामले में, हीटस्ट्रोक से बचने के लिए विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, जो लोग मानसिक बीमारी, मधुमेह, रक्तचाप के लिए दवाओं का सेवन करते हैं या वह व्यक्ति जो बहुत अधिक शराब का सेवन करता है, मोटापे से ग्रस्त है, वह इसके प्रति अधिक संवेदनशील होता है।
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