क्या कोरोनोवायरस से है हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का खतरा? जानें क्या कहती है रिपोर्ट

हार्ट अटैक और कार्डियट अरेस्ट हृदय से जुड़ी बहुत ही सीरियस और गंभीर बीमारियां हैं। वैसे तो जब ये रोग जन्म लेते हैं तो शरीर में कई तरह के लक्षण ​दिखते हैं। जब व्यक्ति इनकी अनदेखी करता है या इन्हें समझ नहीं पाता है तो स्थिति भयावह हो जाती है और कई बार जानलेवा भी हो जाती है। इन दिनों कोरोनावायरस के चलते हृदय संबंधी इन दोनों बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। एक्सपर्ट कहते हैं कि नोवल कोरोनावायरस के इस काल में हृदय संबंधी मामलों में काफी वृद्धि देखी जा रही है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : September 7, 2020 11:15 AM IST

हार्ट अटैक और कार्डियट अरेस्ट हृदय से जुड़ी बहुत ही सीरियस और गंभीर बीमारियां हैं। वैसे तो जब ये रोग जन्म लेते हैं तो शरीर में कई तरह के लक्षण ​दिखते हैं। जब व्यक्ति इनकी अनदेखी करता है या इन्हें समझ नहीं पाता है तो स्थिति भयावह हो जाती है और कई बार जानलेवा भी हो जाती है। इन दिनों कोरोनावायरस के चलते हृदय संबंधी इन दोनों बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। एक्सपर्ट कहते हैं कि नोवल कोरोनावायरस के इस काल में हृदय संबंधी मामलों में काफी वृद्धि देखी जा रही है।

एक्सपर्ट की टीम कहती है कि जो लोग किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं जैसे कि हृदय रोग या मधुमेह, उनमें COVID-19 से गंभीर जटिलताओं के विकास का उच्च जोखिम है। शुरुआती रिसर्च में साफ हुआ कि कोरोनावायरस कार्डियक अरेस्ट की दर को काफी हद तक बढ़ा सकता है। कार्डियक अरेस्ट के लक्षणों में सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर आना, धड़कनें तेज होना और बेहोशी आदि शामिल हैं। कार्डिएक अरेस्ट एक मेडिकल इमरजेंसी है और कुछ लोगों को यह बिना किसी शुरुआती लक्षण के भी घेर सकती है।

Silent Heart Attack

एक्सपर्ट कहते हैं कि जो लोग डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं उन्हें कोविड होने का ज्यादा खतरा है। अक्सर यह प्रश्न पूछा जाता है कि क्या हार्ट के मरीजों को कोरोना से मौत का खतरा ज्यादा है? तो इसका उत्तर है हां! एक्सपर्ट कहते हैं कि ऐसे मरीज जो लंबे समय से किसी हार्ट डिजीज का शिकार हैं, उन्हें यदि कोरोना नामक वायरस घेरता है तो उन्हें अन्य लोगों की तुलना में मौत का खतरा ज्यादा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कई मरीज ऐसे भी देखे गए हैं जो हार्ट डिजीज होने के बावजूद ​कोविड से रिकवर हुए हैं। क्या कोरोनावायरस हार्ट अटैक और एरिथमिया (एरिथमिया आपकी हृदयगति की दर से संबंधित एक समस्या है) का कारण बन सकता है? डॉक्टरों को लगता है कि ऐसा हो सकता है कि वायरल इंफेक्शन भड़काऊ प्रभाव के कारण कोरोनरी धमनियों में फैटी जमा के टूटन का कारण बन सकता है।

हार्ट मरीज इस तरह रखें खुद को सुरक्षित

1. विटामिन डी हमारे शरीर के बहुत जरूरी होता है। हार्ट के मरीजों को भी इस विटामिन की  अनदेखी नहीं करनी चाहिए। इस बात का ध्‍यान रखें कि यदि आपके पास धूप में बैठने का समय नहीं है तो ऐसे फूड का सेवन करें जिनमें विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में हो।

2. हार्ट के मरीज अपनी डाइट को लेकर कतई लापरवाह न बनें। आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, इसके लिए किसी डाइटीशियन से मिलें और अपने लिए डाइट चार्ट बनवाएं।

3. क्योंकि अब मौसम में बदलाव आ गया है इसलिए हार्ट मरीज अपना खास ख्याल रखें। ठंड हार्ट स्‍ट्रोक और हार्ट अटैक के मामले बढ़ा सकती है। जिन लोगों को एक बार हार्ट अटैक आ चुका है वे खास तौर से खुद को गर्म रखें। सर्दियों में धूप में बैठने का समय निकालें। गर्म पानी की बॉटल आदि से खुद को गर्म रखें।

4. हार्ट के मरीजों को तनाव से एकदम दूर रहना चाहिए। क्योंकि तनाव के कारण धमनियों में प्‍लाक जमने शुरू हो जाते हैं, जो हार्ट तक ब्‍लड और ऑक्‍सीजन के बढ़ने को रोकते हैं।

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