गर्मियों के मुकाबले सर्दियों में 50 फीसदी अधिक हार्ट अटैक, पार्टियों में हल्का भोजन लें साथ ही नियमित करें व्यायाम 

सर्दियों का अच्छी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है, क्योंकि यह मौसम छुट्टियों और पार्टियों का होता, जिनमें अधिक कैलोरीज, “बैड फैट ” वाला खानपान एवं ड्रिंकिंग अधिक होता। इस मौसम में लोग पर्याप्त एवं नियमित व्यायाम नहीं कर पाते और घर के बाहर आने-जाने की गतिविधियां भी कम हो जाती हैं।

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Written By: Anshumala | Updated : January 7, 2020 9:11 PM IST

तापमान में तेजी के साथ हो रही गिरावट आपके दिल के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। कोलम्बिया एशिया हॉस्पिटल (गुरूग्राम) के चिकित्स ने बताया है कि कम तापमान में हार्ट अटैक का खतरा (Heart health in winter) गर्म मौसमों के मुकाबले 50 प्रतिशत अधिक बढ़ जाता है। इस हॉस्पिटल के कन्सलटेन्ट इंटरनल मेडिसिन एंड कार्डियोलॉजी डॉ. अमित गुप्ता ने बताया, " गत वर्ष हमने गर्मियों के मौसम में करीब 65 एंजियोप्लास्टीज की, वहीं सर्दियों में यह आंकड़ा करीब दुगुना यानी 115 हो गया। इनमे 35 से 75 वर्ष आयुवर्ग के रोगी थे।

उन्होंने कहा कि इस मौसम में रक्त वाहिकाएं विशेष तौर पर वे जो कि शरीर की सतह पर होती हैं, सर्दियों में हमारे शरीर का तापमान बनाए रखने के हमारी त्वचा सिकुड़ जाने के कारण इन पर दबाव अधिक पड़ने लगता है। इन पतली वाहिकाओं में रक्त प्रवाह की गति बढ़ जाती है। इसके साथ ही हमारे हृदय को सर्दियों (Heart health in winter) में रक्त को पम्प अधिक करना पड़ता है ताकि हमारा शरीर गर्म रह सके।

सर्दी में बढ़ जाती है कार्डियोवैस्कुलर की समस्या

शरीर का कम तापमान, विटामिन डी की कम उपलब्धत एवं रक्त की चिपचिपाहट बढ़ जाने के कारण भी सर्दियों में कार्डियोवैस्कुलर रोगों का कारण (Cardiovascular problems) बन जाती है। वहीं गर्मियों के मौसम में रक्त का चिपचिपापन (विस्कोसिटी) कम होने से खून के थक्के नहीं जमते और रक्त प्रवाह में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती। जो लोग जिनकी जीवनशैली (लाइफस्टाइल) खराब यानी वे धूम्रपान अधिक करते हैं साथ ही एल्कोहल भी लेते हैं और कम पोषक तत्वों वाले भोजन का सेवन करते हैं, उनमें यह जोखिम और भी बढ़ जाता है।

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सर्दियों में छुट्टी के दौरान होने वाली पार्टियों में अधिक कैलोरिज, बैड फैट, नमकीन भोजन एवं मद्यपान से हमारी अच्छी सेहत पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही सर्दियों की ठिठुरन के कारण नियमित व्यायाम भी नहीं कर पाते और न ही घर के बाहर की गतिविधियों को सही ढंग से कर पाते इस कारण यह जोखिम और भी बढ़ने की आशंका रहती है।

बुजुर्गों में अधिक होता है हृदय रोग का खतरा

डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि एक ही दिन में तापमान का 1 डिग्री गिरना करीब 200 अतिरिक्त हार्ट अटैक्स का कारण बन सकता है। इस प्रकार सर्दियों में हार्ट अटैक के केसेज करीब 53 फीसदी बढ़ जाते हैं। कुछ अध्ययनों के अनुसार, सर्दी के सम्पर्क में आने के बाद सर्दी से प्रेरित कार्डियोवैस्कुलर जोखिम का उच्चतम जोखिम केवल घंटे या दिन होता है। सर्दियों के महीनों में बुजुर्ग लोगों में दिल की बीमारियों का खतरा अधिक होता है, क्योंकि उनमें हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान अत्यधिक गिरना) से प्रभावित होने की संभावना अधिक रहती हैं।

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खानपान का यूं रखें ध्यान

उन्होंने बताया कि पार्टियों के अस्वास्थ्यकर भोजन से बचने के लिए अपनी भूख को कम करने के लिए घर से ही हल्का, स्वस्थ भोजन खाकर पार्टियों में जाएं ताकि आप अतिरेक से बचे रहें, पार्टियों में छोटी प्लेटों का उपयोग करें और शराब का सेवन सीमित करें। घर पर इनडोर व्यायाम कार्यक्रम शुरू करें, या स्थानीय शॉपिंग मॉल में जाकर वहां घूमें। हालांकि, शरीर को गर्म करने के प्रति सावधान रहें जो बहुत अधिक गर्म कपड़ों के कारण हो सकता है। यह रक्त वाहिकाओं को पतला कर सकता है, जिससे रक्तचाप कम हो सकता है, जिससे हृदय की रक्त की आपूर्ति कम हो सकती है और संभवतः दिल का दौरा पड़ सकता है।

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