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कॉन्गो से आई 7 महीने की बच्ची को मिला नया जीवन, बच्ची दिल की दुर्लभ बीमारी से थी पीड़ित। © Shutterstock.
कॉन्गो (Congo) से आई 7 महीने की बच्ची बेबी बांगुली को नया जन्म मिला है। हाल ही में अपोलो हाॅस्पिटल्स में बच्ची की हाई रिस्क हार्ट सर्जरी की गई। बेबी बांगुली में टाइप 3 ट्रंकस आर्टेरीओसिस (Type 3 truncus arteriosus) का निदान किया गया था, जो दुर्लभ प्रकार की दिल की बीमारी (Rare type of heart disease) है। आमतौर पर दिल से दो मुख्य आर्टरीज जुड़ी होती हैं, एक आर्योटा जो शरीर के विभिन्न हिस्सों तक खून पहुंचाती है, और दूसरी पल्मोनरी आर्टरी जो दो शाखाओं में बटकर दोनों फेफड़ों तक खून पहुंचाती है। एक अलग पल्मोनरी आर्टरी और आर्योटा होने के बजाए इस बच्ची में एक ही बड़ी ब्लड वैसल थी, जो आगे शाखाओं में बंट कर फेफड़ों और शरीर को जा रही थी। इसकेे परिणामस्वरूप बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही थी।
इस मामले पर बात करते हुए इन्द्रप्रस्थ अपोलो हाॅस्पिटल्स के पीडिएट्रिक सर्जन, सीनियर कन्सलटेन्ट डाॅ. मुथु जोथी ने कहा, ‘‘बच्ची को दिल की जटिल एवं दुर्लभ बीमारी थी। इस दोष को दूर करने के लिए ओपन हार्ट सर्जरी की जरूरत थी। इसके अलावा पहले उसमें टाइप 2 टीए का निदान किया गया था, लेकिन ठीक से जांच के बाद टाइप 3 टीए (Type 3 truncus arteriosus) का पता चला, जो बहुत ही जटिल होता है। टाइप 3 टीए में एक पल्मोनरी आर्टरी आर्योटा से ही निकलती है। ऐसे मामलों में आमतौर पर 3 महीने की उम्र से पहले बच्चे की सर्जरी कर दी जाती है। हालांकि, इस मामले में बच्ची सात महीने की थी और सर्जरी मेें जोखिम बहुत ज्यादा था।’’
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ऐसे मामलों में हार्ट फेलियर की संभावना होती है, जिसके लिए सर्जरी के द्वारा इलाज किया जाता है। अगर इलाज न किया जाए तो पल्मोनरी हाइपरटेंशन और कार्डियक फेलियर (cardiac failure) के कारण मरीज की मृत्यु हो सकती है (88 फीसदी मामलो में)। कॉन्गो में कोई भी अस्पताल इतनी कम उम्र में बच्ची के इलाज के लिए तैयार नहीं हुआ। सभी मुश्किलों के बावजूद अपोलो हाॅस्पिटल ने इस चुनौती को लिया और बच्ची की सर्जरी की।
बेबी बांगुली की गंभीरता को देखते हुए उसे निरंतर माॅनिटर किया गया। हमने पल्मोनरी आर्टरीज को आर्योटा से अलग किया। इसके बाद पल्मोनरी आर्टरीज के बीच एक ट्यूब इन्सटाॅल की और दिल के छेद को बंद किया। सर्जरी के बाद बच्ची ठीक होने लगी और उसे 24 घंटे के अंदर वेंटीलेटर से हटा लिया गया। बच्चे अब ठीक हो रही है और अपने देश लौटने के लिए तैयार है।