दिल को सेहतमंद रखने के लिए कार्डियो बेहतर या फिर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग? जानें दोनों के बीच अंतर और होने वाले फायदे

दिल की सेहत के लिए कार्डियो को हमेशा से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के मुकाबले ज्यादा पसंद किया जाता है। कार्डियो, एरोबिक एक्सरसाइज का एक प्रकार है, जिसके दौरान हमारा शरीर अधिक ऑक्सीजन का उपयोग करता है क्योंकि कार्डियो करते वक्त हमारी हृदय गति बढ़ जाती है। वहीं स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में अधिक फायदेमंद माना जाती है। टोंड बॉडी या फिर बॉडी बिल्डिंग करने वाले लोग अक्सर वेट लिफ्टिंग की कोशिश करते हैं। लेकिन एक हालिया अध्ययन के मुताबिक, हमारे दिल की सेहत के लिए कार्डियो उतना अच्छा नहीं है, जितना कि इसे स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से ज्यादा माना जाता है।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : October 17, 2020 3:29 PM IST

जब भी बात दिल की सेहत की होती है तो कार्डियो ट्रेनिंग को हमेशा से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के मुकाबले ज्यादा पसंद किया जाता है। कार्डियो, एरोबिक एक्सरसाइज का एक प्रकार है, जिसके दौरान हमारा शरीर अधिक ऑक्सीजन का उपयोग करता है क्योंकि कार्डियो करते वक्त हमारी हृदय गति बढ़ जाती है। कार्डियो, आपके फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाने और हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करने में भी मदद करता है।

वहीं स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में अधिक फायदेमंद माना जाती है। टोंड बॉडी या फिर बॉडी बिल्डिंग करने वाले लोग अक्सर वेट लिफ्टिंग की कोशिश करते हैं। लेकिन एक हालिया अध्ययन के मुताबिक, हमारे दिल की सेहत के लिए कार्डियो उतना अच्छा नहीं है, जितना कि इसे स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से ज्यादा माना जाता है।

दिल की सेहत

एक अध्ययन के अनुसार, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज, हृदय स्वास्थ्य के लिए कार्डियो जितना ही फायदेमंद है। जर्नल ऑफ मेडिसिन एंड साइंस इन स्पोर्ट्स एंड एक्सरसाइज 2019 में प्रकाशित अध्ययन में इस बात को स्पष्ट भी किया गया है कि वे लोग, जो हर सप्ताह कम से कम एक घंटा स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं उन लोगों में एक्सरसाइज नहीं करने वालों की तुलना में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम क्रमशः 40 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक जोखिम कम हो जाता है। इस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले, शोधकर्ताओं ने लगभग 13,000 लोगों की एक्सरसाइज की आदतों का विश्लेषण किया। इन सभी की औसत आयु 47 वर्ष थी। अध्ययन के समय ये सभी वालिंयटर्स किसी भी तरह की हृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित नहीं थे।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और हार्ट हेल्थ

कई शोधों से पता चला है कि अगर कोई व्यक्ति एक दिन में एक या दो बार वर्कआउट करता है, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे हर सप्ताह 150 मिनट एक्सरसाइज जरूर करे। उन्होंने यह भी निष्कर्ष निकाला कि प्रति सप्ताह एक घंटे से अधिक समय तक एक्सरसाइज करने से किसी व्यक्ति के हृदय स्वास्थ्य पर कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं पड़ता है।

वेट लिफ्टिंग और हार्ट हेल्थ के बीच संबंध दर्शाते हैं अध्ययन

यह अकेला अध्ययन नहीं है, जिसमें हृदय स्वास्थ्य और वेट लिफ्टिंग के बीच संबंध को दर्शाया गया है। अतीत में भी कई अध्ययन हुए हैं, जिसमें वेट लिफ्टिंग और हृदय स्वास्थ्य के बीच की कड़ी के महत्व को दर्शाया गया है। एक अध्ययन के अनुसार, वेट लिफ्टिंग वास्तव में शरीर से उस तरह के फैट को कम करने में मदद करती है, जो हृदय संबंधी समस्याओं से जुड़ा हुआ है। ये फैट अंगों के आस-पास के टिश्यू के अंदर मौजूद होते हैं और उन फैट से छुटकारा पाने के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग बेहतर तरीके से काम करती है।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के अन्य लाभ

वेट लिफ्टिंग न केवल आपके दिल और मांसपेशियों के लिए फायदेमंद है बल्कि इसके कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी हैं। जून 2017 में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, एक सप्ताह में एक घंटे के लिए भी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से मेटाबॉलिज्म संबंधी विकार विकसित होने का जोखिम 17 प्रतिशत तक कम हो सकता है। मेटाबॉलिज्म संबंधी विकारों में हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड शुगर और डायबिटीजे शामिल हैं।

दिल की सेहत के लिए क्या बेहतर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और कार्डियो

बेहतर स्वास्थ्य के लिए, आपके एक्सरसाइज रूटीन में कार्डियो और स्ट्रेंथ एक्सरसाइज दोनों ही शामिल होने चाहिए। दोनों एक्सरसाइज का एक संतुलित मिश्रण आपको समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद कर सकता है।