शादी के बाद दूसरों के साथ आपकी तुलना होने लगे तो क्या करें? कैसे करें खुद को साबित

Comparison to Others: लड़का हो या लड़की शादी के बाद उनके जीवन में बहुत से बदलाव आ जाते हैं, जिनमें कुछ बदलाव अच्छे होते हैं तो कुछ बदलाव ऐसे भी होते हैं जो उन्हें अच्छे नहीं लगते हैं। दूसरों से तुलना होने लगना ऐसा ही एक बदलाव है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : April 15, 2026 12:52 PM IST

Dusro se Tulna Hone Lage to Kya Kare: आपकी नई-नई शादी हुई है। आप नए परिवार में घुलने-मिलने का प्रयास कर रही हैं। नया घर, नए रिश्ते और नई उम्मीदों के साथ आप अपनी जिंदगी को नई शुरुआत दे रही हैं। लेकिन क्या आपकी सास और पति आपकी तुलना दूसरी बहुओं से करने लगे हैं? अक्सर यह स्थिति कई नई बहुओं के सामने आती है, जो कि कई लोगों के लिए असहज और चुनौतीपूर्ण बन जाती है। हर व्यक्ति की अपनी एक अलग पहचान होती है, ऐसे में बार-बार तुलना आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकती है और रिश्तों में दूरी भी ला सकती है। इसलिए जरुरी है कि आप समय रहते सही कदम उठाएं। खासतौर पर महिलाओं को अगर शादी के बाद किसी और से कंपेयर किया जाने लगे तो उन्हें ऐसे में क्या करना चाहिए, हम इस लेख में जानेंगे।

शांत रहकर स्थिति को संभालें

जब कोई आपकी तुलना किसी और से करता है, तो मन में नाराजगी आना स्वाभाविक है। नई-नई शादी के बाद रिश्तों में दरार आने का कारण एक यह भी हो सकता है कि कई बार हम स्थिति को शांत रह कर नहीं संभाल पाते हैं। ऐसे समय में तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय खुद को संभालना जरूरी होता है। कुछ पल रुककर गहरी सांस लें, पानी पिएं और अपने मन को हल्का करने की कोशिश करें। आप चाहें तो हल्का संगीत भी सुन सकते हैं। अकेले में बैठकर ध्यान या प्राणायाम कर सकती हैं या अपने विचारों को डायरी में लिख सकती हैं। ये छोटे-छोटे उपाय मन को स्थिर बनाते हैं, जिससे आप भावनाओं में बहने के बजाय समझदारी से स्थिति का सामना कर पाती हैं।

संयमित और स्पष्ट संवाद रखें

अगर कोई बार-बार आपकी तुलना करता है, तो बिना गुस्से के अपनी बात रखना आपको सिखना चाहिए। आप शांत स्वर में उन्हें समझाएं कि ऐसी तुलना आपको अच्छा महसूस नहीं कराती है। इस स्थिति में आप उन्हें यह भी बताएं कि हर व्यक्ति अलग होता है और हर किसी की अपनी विशेषताएं होती हैं। साथ ही सबसे जरूरी है कि आप शिकायत करने के बजाय सहयोग की भावना से बात करें, ताकि सामने वाला आपकी भावनाओं को समझ सके और भविष्य में इस व्यवहार को बदलने की कोशिश करे।

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जीवनसाथी से सहयोग लें

अगर आपको लगता है कि सीधे विरोध करने से रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है, तो अपने जीवनसाथी से इस विषय पर खुलकर चर्चा करें। उन्हें बताएं कि बार-बार तुलना होने से आपके आत्मसम्मान और रिश्ते दोनों पर असर पड़ रहा है। आप उनसे समर्थन मांगें और कहें कि आप चाहती हैं कि वे आपको समझें और आपके साथ खड़े रहें। एक मजबूत और समझदार साथी इस स्थिति को बेहतर तरीके से संभालने में आपकी मदद कर सकता है।

सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास

खुद पर भरोसा रखना बेहद इस दौरान सबसे ज्यादा जरूरी है। आप अपनी खूबियों और क्षमताओं को पहचानें और उन्हें महत्व दें। दूसरों की नकारात्मक बातों को दिल से न लगाएं। रोज खुद को याद दिलाएं कि आप पर्याप्त हैं और अपने तरीके से खास हैं। सकारात्मक आत्म-संवाद आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और आपको मानसिक रूप से मजबूत बनाता है, जिससे आप किसी भी कठिन परिस्थिति का सामना बेहतर तरीके से कर सकती हैं।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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