
Also Read
Medically Verified By: Dr. Malini Saba
Short Tempered Person Ke Sath Relation Thik Kaise Rakhe: आपने कुछ माता-पिता को यह कहते सुना होगा कि ‘मेरे बच्चे को तो थोड़ा भी कुछ कह दो तो वह गुस्सा हो जाता है’ या कई बार हमारे कुछ दोस्त ही ऐसे होते हैं जो खुद तो खूब मजाक करते हैं, लेकिन उन्हें कुछ कह दो तो वह सह नहीं पाते हैं। वह लोग जो इसी तरह छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने लगते हैं, चिल्लाने लगते हैं या बहुत ही जल्दी रिएक्ट करने लगते हैं, ऐसे लोगों को शॉर्ट टेम्पर कहा जाता है।
ऐसे व्यक्ति के साथ रहना हर किसी के लिए मुश्किल हो सकता है, लेकिन सही समझ और तरीके अपनाकर इस स्थिति को आसानी से संभाला जा सकता है। साथ ही हम किसी को ऐसे ही नहीं छोड़ सकते हैं, इसलिए साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक डॉक्टर मालिनी सबा ने 5 ऐसे तरीकों के बारे में बताया है जो आपको ऐसे शॉर्ट टेम्पर लोगों को संभालने में मदद करेंगे।
गुस्सा हमेशा सिर्फ सामने दिखने वाली भावना नहीं होता। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं-जैसे तनाव, असुरक्षा, थकान या किसी बात की निराशा। अगर हम केवल उनके गुस्से पर प्रतिक्रिया देते हैं, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। लेकिन अगर हम कारण को समझने की कोशिश करें, तो समाधान आसान हो जाता है। आइए आपको ऐसी 5 बातों के बारे में बताएं, जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए।
देखें, जब सामने वाला गुस्से में होता है तो लाजमी है कि वह बहुत कुछ उल्टा कह देता, लेकिन ऐसी परिस्थिति में आपको यह समझने की बहुत जरूरत है कि यह टेम्पररी है। इसलिए आप खुद को शांत रखें और सामने वाले को भी शांत होने का समय दें। अगर आप भी उसी समय व तरीके से प्रतिक्रिया देंगे तो हो सकता है सिचुएशन ज्यादा ही खराब हो जाए।
कोई गुस्से में है और आप उसी समय उसे समझाएं या ज्ञान देने की कोशिश करें तो वह और चिढ़ सकता है। जाहिर सी बात है गुस्से में व्यक्ति हमेशा खुद को सही ही साबित करता है। साथ ही यह गुस्सा करने वाले से भी यह उम्मीद न रखें कि वह समझदारी दिखाएगा। इसलिए आप शांत हो जाएं, जरूरत हो तो एक-दो दिन का समय लें और फिर जब व्यक्ति का गुस्सा शांत हो जाए तो फिर उससे बात करें। ऐसे में बहस करने के बजाय सही समय का इंतजार करें, जब सामने वाला शांत हो जाए। तब बातचीत ज्यादा प्रभावी होती है।
कई बार लोग इसलिए भी फ्रस्टेट हो जाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वह अकेले हैं या उन्हें कोई सुन नहीं रहा है। ऐसे में अगर आप सामने वाली की बात सुनते हैं, उन्हें समझते हैं व उन्हें ऐसा फील करवाते हैं कि आप उनके साथ हैं। तो शॉर्ट टेम्परनेस कम हो सकती है और अगर आप उन्हें ध्यान से सुनते हैं, तो उनका गुस्सा कम हो सकता है और वे खुद को समझा हुआ महसूस करते हैं।
शॉर्ट टेम्पर व्यक्ति की हर प्रतिक्रिया को अपने ऊपर लेना सही नहीं है। कई बार उनका गुस्सा आपकी वजह से नहीं, बल्कि उनके अपने तनाव या समस्याओं के कारण होता है।
समझदारी का मतलब यह नहीं कि आप हर व्यवहार को सहन करें। अगर कोई व्यक्ति बार-बार गलत तरीके से व्यवहार करता है, तो अपनी सीमाएं तय करना जरूरी है। सम्मान के साथ अपनी बात रखें और बताएं कि क्या स्वीकार्य है और क्या नहीं।
अगर किसी व्यक्ति का गुस्सा बहुत ज्यादा बढ़ जाए, तो उस समय दूरी बनाना बेहतर होता है। खुद को सुरक्षित रखना और स्थिति को शांत होने का समय देना जरूरी है।
डॉ. मालिनी सबा कहती हैं कि हर गुस्से के पीछे कोई न कोई कारण होता है। अगर हम प्रतिक्रिया देने के बजाय समझने की कोशिश करें, तो रिश्ते बेहतर हो सकते हैं। शॉर्ट टेम्पर लोगों को संभालना मुश्किल नहीं है, बस हमें अपनी प्रतिक्रिया पर नियंत्रण रखना और सही समय पर सही तरीके से बात करना सीखना होता है। इससे न केवल तनाव कम होता है, बल्कि रिश्तों में भी संतुलन और समझ बढ़ती है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।