... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Published : March 9, 2020 3:03 PM IST
फीमेल पैटर्न हेयर लॉस के कारण और इलाज।
Female Pattern Hair Loss: फीमेल पैटर्न हेयर लॉस (female pattern hair loss) पिछले कुछ समय से ब्यूटी इंडस्ट्री में एक चर्चित शब्द है। जैसा कि नाम से समझ में आता है कि यह समस्या महिलाओं से जुड़ी हुई है। भारत में भी इस तरह के हेयर फॉल की समस्या से कई महिलाएं पीड़ित हैं। फीमेल पैटर्न हेयर लॉस में महिलाओं के बाल तेज़ी से झड़ते हैं। जिससे, सिर की त्वचा में पैचेस दिखायी पड़ने लगते हैं। (Female Pattern Hair Loss in hindi)
एक्सपर्ट के अनुसा वर्तमान समय में गंजेपन या हेयर लॉस की समस्या को लेकर डर्मेटोलॉजिस्ट या त्वचा रोग विशेषज्ञों के पास जाने वालों में 60 प्रतिशत सिर्फ महिलाएं हैं। कुछ स्टडीज़ में यह भी कहा गया है कि केवल 45 प्रतिशत महिलाएं ही ऐसी हैं। जिन्हें, अपने पूरे जीवन काल में हेयर लॉस की समस्या से जूझना नहीं पड़ता है।
महिलाओं में हेयर लॉस के कई कारण हो सकते हैं। जिसमें, लो-कैलोरी डायट, बहुत अधिक डायटिंग, तनाव, हेयर कलरिंग, ब्लो-ड्राय और स्ट्रेटनिंग जैसे केमिकल और हीट-बेस्ड हेयर ट्रीटमेंट्स इस समस्या की मुख्य वजहें हैं। गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में त्वचा विज्ञान विभाग के वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉ. सचिन धवन ने जीवनशैली से संबंधित इन समस्याओं के बारे में बात की।
Hair Fall Natural Remedies: हेयर फॉल रोकता है लैवेंडर ऑयल, ड्राई हेयर की समस्या से भी मिलती है निजात
इस मामले में बाल कम या थोड़ा अधिक मात्रा में झड़ते हैं, लेकिन धीरे-धीरे इसमें बाल पतले होने लगते हैं।
इसमें बाल अचानक से बहुत ज्यादा झड़ने लगते हैं, इस स्थिति में प्रति दिन के हिसाब से सौ बाल गिरते हैं।
बालों के गिरने या कमजोर होने का मुख्य कारक 1800 कैलोरी से कम की डायट है। इसके अलावा डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टायफाइड जैसी बीमारियां भी बालों की सेहत को बहुत ज्यादा प्रभावित करती हैं। इसके साथ ही आयरन, विटामिन बी12, विटामिन डी और फेरिटिन का कम होना भी बालों के गिरने के लिए जिम्मेदार है।
पीसीओएस (पॉलिसिस्टिक ओवेरी सिंड्रोम) और एंड्रोजन (पुरूष हार्मोन) की अधिक मात्रा जैसी हार्मोन्स की असामान्य स्थिति का भी नकारात्मक प्रभाव बालों पर पड़ता है, इसलिए इनकी जांच कराई जानी चाहिए। बालों के झड़ने से महिलाएं मानसिक तौर पर काफी ज्यादा प्रभावित होती हैं, ऐसे में इनसे दूर रहने या छुटकारा पाने के लिए अपने खान-पान में जिंक, आयरन, बायोटिन, अमीनो एसिड जैसे पोषक तत्वों को जरूर शामिल करें।
(Inputs: IANS)