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छह बॉल में छह छक्के जमाने वाले क्रिकेटर युवराज सिंह फिट और हिट हीरो हैं। जैसे मैदान में उनका बल्ला चलता है, वैसे ही जीवन में उनकी हिम्मत और इच्छाशक्ति ने लोगों को उनका दीवाना बना दिया। File Photo
छह बॉल में छह छक्के जमाने वाले क्रिकेटर युवराज सिंह फिट और हिट हीरो हैं। जैसे मैदान में उनका बल्ला चलता है, वैसे ही जीवन में उनकी हिम्मत और इच्छाशक्ति ने लोगों को उनका दीवाना बना दिया। कैंसर जैसी घातक बीमारी से उबरना किसी के लिए भी आसान नहीं होता। पर युवराज सिंह ने यह साबित कर दिया कि वह जिंदगी का मैदान फतह करना भी जानते हैं। निश्चित ही इसमें उनकी फिटनेस और डाइट का बहुत बड़ा रोल है। आइए जानते हैं युवराज सिंह की फिटनेस का राज।
अगर आप भी युवराज सिंह का फिटनेस सीक्रेेेट जानना चाहते हैं ? आपको बता दें कि लगभग दो दशकों के करियर में क्रिकेट के मैदान पर धूम मचाने वाले युवराज सिंह इसका श्रेय अपने फिटनेस और डाइट को देते हैं। वे अपनी फिटनेस के लिए बहुत कॉन्शियस हैं। उन्होंने वर्ष 2000 में केन्या के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया। इसके बाद युवराज ने 40 टेस्ट, 304 एक दिवसीय और 58 टी-20 खेले, जबकि भारत की दो बड़ी जीत- 2007 वर्ल्ड टी-20 और 2011 वर्ल्ड कप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कांफ्रेंस में 37 वर्षीय युवराज सिंह ने घोषणा की, "यह बहुत ही उतार चढ़ाव भरी और खूबसूरत कहानी है, लेकिन इसे समाप्त करना है, यह जाने का सही समय था।" युवराज सिंह ने जब तक खेला, जमकर खेला और अपने इस खेल से लाखों करोड़ो लोगों का दिल जीता। इस दौरान उन्हें कैंसर हुआ, लेकिन युवराज ने कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को भी हरा दिया। कैंसर का इलाज करीब 1 साल तक चला, जिसके बाद युवराज दोबारा क्रिकेट की पिच पर उतरे और इसके बाद भी अच्छा प्रदर्शन किया।
युवराज सिंह को रोटी और चावल दोनों बहुत पसंद हैं। पर कैंसर जैसी घातक बीमारी से लड़ने के लिए उन्हें दोनों में ही बदलाव करना जरूरी लगा। एक साक्षात्कार में उन्होंने खुलासा किया था कि इलाज के बाद वह फ्रांस गए थे, जहां उन्होंने बहुत सी डाइट के बारे में पढ़ा और एक हेल्दी डाइट के सहारे वजन को कम किया। युवराज ने कहा कि उन्होंने सफेद चावलों को ब्राउन राइस से बदल दिया और ग्लूटेन मुक्त आटे की बनी रोटियां खाना शुरू कर दी। इसके अलावा उन्होंने अच्छा कार्बोहाइ़ड्रेट और प्रोटीन लेने पर ध्यान देना शुरू कर दिया।
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वे कहते हैं कि पहले वे खाने पर ध्यान देते थे जबकि अब वे अच्छी डाइट पर ध्यान देते हैं। मांसपेशियों के निर्माण के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी है, जबकि शरीर को ऊर्जा देने और स्वस्थ पाचन प्रक्रिया को बनाए रखने के लिए अच्छे कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है।
बीमारी के बाद पिच पर लौटना एकदम नई शुरूआत थी। रनिंग उनके वर्कआउट का एक बड़ा हिस्सा है, क्योंकि इससे उन्हें अपनी फुर्ती लाने में मदद मिलती है, जो किसी भी क्रिकेटर के लिए महत्वपूर्ण है। फ़र्स्टपोस्ट के इंटरव्यू में सिंह ने खुलासा किया था कि उन्हें लगता है कि जब ट्रेनिंग की बात आती है, तो दौड़ना सबसे अच्छा लगता है, क्योंकि यह खुद को शेप में रखने के लिए सुविधाजनक है और कहीं भी किया जा सकता है। युवराज सिंह अब एक फिटनेस आइकन हैं, और वे अक्सर अपने इंस्टाग्राम पेज पर कई एक्सरसाइज वीडियो पोस्ट करते हैं, जिससे उनके प्रशंसकों और चाहने वालों को फिट रहने के लिए प्रेरणा मिलती हैं।