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Situations in which you should not work out : जो लोग वजन कम करना चाहते हैं या खुद को फिट रखना चाहते हैं, वे बिना एक भी सेशन मिस किए लगातार वर्क आउट करते है। यह जरूरी भी है, क्योंकि लगातार ट्रेनिंग से आपका रूटीन तो बना रहता ही है, साथ ही यह आपके शरीर पर भी अच्छा असर डालता है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि कुछ स्थितियों में वर्कआउट करना फायदे की बजाय नुकसान पहुंचा सकता है। दरअसल, कई बार शरीर संकेत देता है कि उसे आराम की जरूरत है। जिम ट्रेनर भी सलाह देते हैं कि रोजाना वर्कआउट करना जरूरी है, लेकिन अपने शरीर की सुनना भी जरूरी होता है। क्योंकि अगर आप अपने शरीर की नहीं सुनते हैं, तो इससे आपकी मेहनत उल्टी पड़ सकती है, जिससे चोट या बर्नआउट हो सकते हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसी स्थितियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनमें वर्कआउट नहीं करना चाहिए। आइए आपको बताते हैं।
अगर आपकी तबीयत ठीक नहीं है, आपको फ्लू, बुखार या कोई कोई इन्फेक्शन है, तो ट्रेनिंग पूरी तरह से छोड़ देना ही बेहतर होता है। ऐसी स्थिति में आपको थोड़ा आराम करने की जरूरत होती है। दरअसल, जब बॉडी ठीक हो रही होती है, तो उसे ठीक होने के लिए बहुत एनर्जी की जरूरत होती है। ऐसे में वर्कआउट में आपकी सारी एनर्जी लग जाती है, तो तबीयत और ज्यादा खराब हो सकती है। इसलिए तबीयत खराब होने पर आप वर्कआउट छोड़ सकते हैं।
वर्कआउट करने के लिए हेल्दी खाना और पर्याप्त खाना जरूरी होता है। अगर आप पूरे दिन बिना खाए रहते हैं और फिर वर्क आउट करते हैं, तो चोट का खतरा बढ़ सकता है। जो आपके वर्कआउट सेशन को थकाऊ और बेकार बना सकता है। इसलिए अगर आप जिम जाने का सोच रहे हैं, तो पहले खाना खा लेना चाहिए। खाना ऐसा होना चाहिए, जो प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर हो।
फिटनेस ट्रेनर सलाह देते हैं कि अगर आपको बिल्कुल भी नींद नहीं आई है तो जिम न जाएं। दरअसल, रात को नींद न आना इस बात का संकेत हो सकता है कि आपको घर पर रहकर आराम करना चाहिए। क्योंकि वर्कआउट के साथ आपका कोऑर्डिनेशन, ताकत और फोकस की जरूरत होती है, जो दिन भर सुस्त रहने की वजह से खराब हो सकता है।
वर्क आउट करने पर थोड़ा दर्द होना आम है, लेकिन अगर ज्यादा दर्द हो रहा है, तो इसका साफ संकेत है कि आपके शरीर को आराम की ज़रूरत है। दर्द की स्थिति में दर्द वाले मूवमेंट से बचें, दूसरी मसल को ट्रेन करें, कार्डियो करें, स्ट्रेचिंग करें, टहलने जाएं या फिर ऐसा वर्कआउट करे, जो आपकी बॉडी को एक्टिव रखे, लेकिन ज्यादा इंटेंस ना हो।
आपको सुनकर अजीब लग सकता है, लेकिन इमोशनली स्ट्रेस होने पर भी वर्कआउट करने से बचना चाहिए। दरअसल, इमोशनल ब्रेकडाउन के तुरंत बाद वर्कआउट नहीं करना चाहिए, क्योंकि उस स्थिति में आप फोकस नहीं कर पाते हैं, क्योंकि नर्वस सिस्टम कमजोर होता है। जो वर्क आउट या वेट ट्रेनिंग के हिसाब से सही नहीं रहता है।