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प्रोटीन से जुड़ी ये 9 रोचक बातें आपको जरूर पता होनी चाहिए

अगर आप ऐसा सोचते हैं कि सिर्फ प्रोटीन पाउडर लेने से आपकी बॉडी बन जाएगी, तो गलत हैं!

प्रोटीन का नाम सुनते ही दिमाग में यह आता है कि इससे मसल्स बनती हैं। लेकिन आपको बता दें कि मसल्स निर्माण के अलावा इसके शरीर में कई काम होते हैं। क्या आप जानते हैं कि प्रोटीन इम्युनिटी सिस्टम को भी मजबूत करता है? दिल्ली स्थित इंडियन डायटेटिक एसोसिएशन के अध्यक्ष नीलांजना सिंह  आपको प्रोटीन से जुड़े कुछ ऐसे तथ्यों की जानकारी दे रहे हैं, जिन्हें आपको जानना बहुत जरूरी है।

1) हाल के अध्ययनों के अनुसार, प्रोटीन की कमी सीखने के मुद्दों से जुड़ी हुई है। प्रोटीन की कमी से सीखने में कठिनाई, धीमी गति से प्रतिक्रियाएं, खराब याददाश्त और ध्यान लगाने परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

2) प्रोटीन के स्रोत को लेकर भी कई मिथक हैं। कई लोग ऐसा सोचते हैं किसी भी खाने के हेल्दी चीजों में भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है। लेकिन यह सच नहीं है। उदाहरण के लिए फल और सब्जियां पोषक तत्वों से भरी होती हैं लेकिन इनमें प्रोटीन की मात्रा बहुत कम है।

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3) आपकी डायट मुख्य रूप से अनाज से बनी है, जो आपकी प्रोटीन की जरूरतों के 60 फीसदी तक उपलब्ध कराता है। यह सच है कि अनाज में प्रोटीन होता है, लेकिन इसमें प्रोटीन की गुणवत्ता खराब है। इसका कारण यह है कि अनाज में लाइसिन की कमी होती है, यह एक एमिनो एसिड है जो प्रोटीन का प्रमुख घटक है। इसलिए अनाज की जगह दाल खाने की सलाह दी जाती है, जो आपको एमिनो एसिड प्रदान करती हैं।

4) बचपन, किशोरावस्था, गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान डायट में प्रोटीन की गुणवत्ता पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। हालांकि अनाज-दाल का संयोजन आवश्यक एमिनो एसिड प्रदान करता है लेकिन पोषक संबंधी कारकों के कारण पौष्टिक नुकसान होते हैं। यही कारण है कि जीवन के इन चरणों के दौरान डायट में दूध, दूध उत्पाद, अंडे या मांस लेने की आवश्यकता है।

5) अच्छी गुणवत्ता वाले प्रोटीन के स्रोत दूध दही, पनीर, अंडे, सोया और दाल, मटर, नट, मशरूम, मछली और मांस हैं। जब प्रोटीन की जरूरत होती है, तो आपको तो आपको केवल भोजन में नहीं बल्कि नाश्ते के रूप में भी इन्हें शामिल करना चाहिए। दही में अच्छी गुणवत्ता और भारी मात्रा प्रोटीन होता है। दही को फलों के साथ भी खाया जा सकता है। ग्रीक योगर्ट में साधारण दही की तुलना में प्रोटीन की मात्रा दोगुनी है।

6) अगर आप वजन घटा रहे हैं, तो आपको एनिमल प्रोटीन से बचना चाहिए। इससे आपके वजन घटाने के प्लान पर पानी फिर सकता है। क्योंकि एनिमल प्रोटीन से आपको ज्यादा कैलोरी मिलती है और वो एक्स्ट्रा फैट में बदल जाता है। इसलिए वजन घटाने वाले लोग फलियां, मटर, बीन्स, सोया, अंडे, कम फैट वाला दूध ले सकते हैं इससे ऊर्जा के साथ-साथ प्रोटीन भी मिलता है।

7) आजकल फिटनेस सेंटर में मसल्स बनाने के लिए प्रोटीन पाउडर खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन सच यह है कि शारीरिक गतिविधि के बिना अतिरिक्त प्रोटीन लेने से मांसपेशियों के निर्माण में मदद नहीं मिलती है। मसल्स बनाने के लिए एक्सरसाइज की अधिक जरूरत होती है।

8) ज्यादा प्रोटीन खाना भी हानिकारक हो सकता है क्योंकि अतिरिक्त मात्रा को मेटाबोलाइज करना और फिर शरीर से बाहर निकालना पड़ता है, जिससे किडनियों पर अधिक दबाव बनता है। इस मामले में डायबिटीज के मरीजों को अधिक ध्यान रखना चाहिए। वास्तव में डायबिटीज के अधिकतर रोगियों को नॉन-डायबिटिक वालों के समान प्रोटीन की आवश्यकता होती है।

9) कई मामलों में प्रोटीन की अधिक जरूरत होती है जैसे गंभीर बीमारी, ट्रामा और सर्जरी। किसी व्यक्ति द्वारा की जाने वाली अतिरिक्त राशि कई कारकों पर निर्भर करती है, जिसे आसानी से डायटीशियन द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।

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अनुवादक – Usman Khan

चित्र स्रोत - Shutterstock

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