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Written By: Yogita Yadav | Published : February 26, 2019 5:10 PM IST
आपका छोटा सा तनाव आपकी जिंदगी को किस तरह प्रभावित करता है आपने सोचा भी नहीं होगा, तनाव के कारण आपके शरीर का यह जरूरी हार्मोन डिस्टर्ब होता है, जिससे आपकी लाइफ भी डिस्टर्ब हो जाती है। ©Shutterstock
कार्टिसोल मानव शरीर में बहुत ही अहम हार्मोन है। इसे तनाव यानी स्ट्रेस हार्मोन भी कहते हैं। इसकी शरीर की कई क्रियाओं में अहम भूमिका होती है। कार्टिसोल की ज्यादा और कम मात्रा दोनों ही नुकसानदायक होती है। यह शरीर की क्रियाओं पर सीधा असर डालता है। लंबे समय तक शरीर में कार्टिसोल की ज्यादा मात्रा बने रहने पर यह खतरनाक भी हो सकता है।
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आखिर क्या है कार्टिसोल
कार्टिसोल एक स्टेरॉइड है और यह तनाव का शुरूआती हार्मोन है। इसका उत्पाादन अंत: स्रावी प्रणाली में होता है। कार्टिसोल का स्राव अधिवृक्कश ग्रंथियों के माध्य्म से होता है। अधिवृक्का ग्रंथियां किडनी के पास स्थित होती हैं। इसे स्ट्रेडस यानी तनाव हार्मोन भी कहते है। शरीर में कार्टिसोल हार्मोन का स्तथर 24 घंटे में ही कम और ज्यासदा हो जाता है।
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याद रखें 6 से 6 का समय
भूख और वजन पर असर डालने वाले इस हार्मोन के बारे में फैक्टत यह है कि यह सुबह के छह बजे के आसपास बढ़ जाता है, जिससे भूख लगती है और शाम के छह बजते हुए यह अपने निम्नी स्त र पर आ जाता है। यह सही और संतुलित प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया जब बाधित होती है तो तनाव और वजन दोनों बढ़ने लगता है।
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कार्टिसोल हार्मोन इतना जबरदस्त हार्मोन होता है कि इसका असर आपकी सेक्स लाइफ पर भी नजर आने लगता है। ©Shutterstock
कार्टिसोल बढ़ने के लक्षण
कार्टिसोल हार्मोन की उचित मात्रा शरीर की पाचन क्रिया के साथ ही ब्लवड शुगर, फैटी एसिड और प्रोटीन को मेनटेन रखती है। कई ऐसे लक्षण हैं जिनसे आप पता लगा सकते हैं कि शरीर में कोर्टिसोल की मात्रा बढ़ रही है।
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फूड क्रेविंग बढ़ना, वजन बढ़ना, फैट बढ़ना, हड्डियों का घनत्व कम होना, जल्दी-जल्दी मूड बदलना यानी चिड़चिड़ापन और गुस्सा, चिंता और तनाव बढ़ जाना, पाचन तंत्र का सही से काम न करना, याददाश्त् कम होना, अनियमित मासिक धर्म, उच्च रक्तचाप, शरीर में आलस्य का बना रहना, अक्सर सिरदर्द की समस्या रहना, छाले होना, थकान महसूस होना।
सेक्स लाइफ पर भी पड़ता है असर
कार्टिसोल हार्मोन इतना जबरदस्त हार्मोन होता है कि इसका असर आपकी सेक्स लाइफ पर भी नजर आने लगता है। अमूमन इसकी वजह से सेक्स में महिलाओं और पुरुषों की रूचि घटने लगती है। जबकि सेक्स हार्मोन आपके मूड को अच्छा रखता है। कई रिश्तों में तनाव की वजह सेक्स के प्रति रूचि का घट जाना ही है।
खुश रहें मस्त रहें
शरीर में कार्टिसोल हार्मोन सही से काम करें इसके लिए जरूरी है कि आप अपना रूटीन ठीक करें। सबसे पहले सोने और जागने के समय में परिवर्तन लाएं। सोने का आदर्श समय रात 9:30 से सुबह 5:30 के बीच है। बेहतर जिंदगी के लिए इस समय को फॉलो करें। पूरी तरह न सही, तो इसके नजदीक जरूर आएं। साथ ही खाने-पीने में भी हेल्दी फूड को प्राथमिकता दें और अपने रूटीन में व्यायाम को शामिल करें।