आसन और प्राणायाम के साथ इन खास योग ट्रेंड को भी करें ट्राई, शरीर बनेगा मजबूत, दिमाग रहेगा चुस्त

पार्टनर योग करने से एक-दूसरे की शारीरिक लचक, शरीर और दिमाग के बीच जुड़ाव के बारे में जानने में आसानी होती है।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Published : June 21, 2018 2:03 PM IST

योग आज ग्लोबल स्तर पर हिट हो चुका है। योग यानी जीवन जीने की कला। आज इस कला की महता को हर कोई समझ रहा है, इसलिए आज हर कोई योग कर रहा है। योग सिर्फ आसन, प्राणायाम व ध्यान में लीन होना ही नहीं है। यह तन-मन साधने का भी एक आसान सा जरिया है। योग सही तरीके से किया जाए, तो स्वस्थ शरीर के साथ ही मन को शांति व सुकून भी मिलती है। तनाव और नकारात्मकता भी दूर होती है।

योग में बहुत कुछ है नया 

प्राणायाम, आसन से अलग यदि आप कुछ नया ट्राई करना चाहते है, तो खास योग ट्रेंड ट्राई करके देखिए। आज कई योग गुरु इनोवेटिव्स प्रॉप्स, लाइव म्यूजिक, एलेक्टिक ग्रुप्स, एग्जॉटिक लोकेशन पर योग क्लासेज लेने लगे हैं।

partner yoga

पार्टनर योग- इसे एक्रोबेटिक योग भी कहा जाता है। योग के इस पोज को कपल बड़े चाव से करना पसंद करते हैं। इससे एक-दूसरे की शारीरिक लचक, शरीर और दिमाग के बीच जुड़ाव के बारे में जानने में आसानी होती है। किसी भी पोज को करते समय एक-दूसरे से शारीरिक संतुलन बनाना बहुत जरूरी है। पार्टनर योग करने के लिए शारीरिक ताकत की जरूरत होती है।

म्यूजिक योग- इसे करने के दौरान फोकस बेहद जरूरी है। इसके अभ्यास में योग गुरु लाइव संगीत का सहारा लेते हैं। इससे योगाभ्यास करने वाले का ध्यान भटकता नहीं है। वे अधिक सक्रिय और ऊर्जावान महसूस करते हैं। प्रैक्टिस की तरफ फोकस्ड रहते हैं।

मोबाइल योग- रास्ते में हैं, काम में व्यस्त हैं? कोई बात नहीं। आप मोबाइल योग से अपनी योग प्रैक्टिस जारी रख सकते हैं। कई योग ऐप्स आजकल ऐसे आ गए हैं जैसे योग फिटनेस ऐप डेली योग, 10 डेली योग पोजेज, योग डॉट कॉम स्टूडियो, पॉकेट योग, 5 मिनट योग, ग्लोबल योग एकेडमी, यूनिवर्सल ब्रीदिंग- प्राणायाम, फिट स्टार योग और सिंपली योग बेहतरीन ऐप्स में शामिल हैं। इस पर किसी भी आसान का वीडियो देखकर तमाम तरह के योग को करना सीख सकते हैं।

dance-yoga

डांस योग- 90 के दशक में डांस और योग इंस्ट्रक्टर थेरेसा इलियॉट ने योग को पॉप म्यूजिक और मॉर्डन जैज के साथ जोड़कर ट्रेनिंग देना शुरू किया था। इसमें डांस मूवमेंट्स करते हुए योगासन किए जाते हैं। इसके अभ्यास से जोड़ों में दर्द, माइग्रेन और शुगर जैसी बीमारियों से छुटकारा मिलती है। फिट रहने के लिए डांस योग जरूर करें।

पोल योग- यह एक यूनीक और चैलेंजिंग योग स्टाइल है। इसे करना आसान नहीं है। इसे वे ही अच्छी तरह से कर सकते हैं, जो शारीरिक रूप से मजबूत और शक्तिशाली होते हैं। इसमें पोल पर झूलते हुए कई योगासनों का अभ्यास किया जाता है।

restorative yoga

रेस्टोरेटिव योग- इससे दिमाग में चल रहे उथल-पुथल से आप आसानी से पीछा छुड़ा सकते हैं। चिंता, तनाव से मुक्ती पानी है, तो रेस्टोरेटिव योग पोजेज जरूर करें। यह शारीरिक और मानसिक संतुलन को बनाए रखता है, जिससे तनाव और एंग्जाइटी नहीं होती। दिमाग रहता है शांत और शरीर रिलैक्स।

Savasana benefit

योग निद्रा लेकर देखें

योग निद्रा एक आध्यात्मिक नींद है। एक ऐसी नींद, जिसमें व्यक्ति जागते हुए सोता है। योग निद्रा सोने और जगने के बीच की स्थिति है। इसे आप खुली जगह में लें। यदि आप कमरे में करना चाहते हैं, तो सभी दरवाजे और खिड़कियां खोल दें। ढीले कपड़े पहनकर शवासन मुद्रा में फर्श पर लेट जाएं। हाथों-पैरों को दूर रखें। आंखें बंद हों। ध्यान रहे कि मन में कोई विचार न आने पाए। शरीर-मस्तिष्क को शिथिल कर दें। गहरी सांल लें और छोड़ें। इससे ऊर्जा प्राप्त होती है। ध्यान केंद्रित होता है। आप रचनात्मक बनते हैं। रिलैक्स महसूस होता है। गहरी नींद आती है। तरोताजा महसूस होता है। शरीर और मस्तिष्क स्वस्थ रहते हैं। तनाव, थकान दूर होता है। योगनिद्रा का प्रयोग रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, सिरदर्द, तनाव, पेट के अल्सर, दमा कमर, घुटनों व जोड़ों के दर्द आदि को दूर करने में बहुत लाभदायक है। इसे 10 से 45 मिनट करें, लेकिन शुरुआत करने से पहले किसी योग विशेषज्ञ से सलाह अवश्य ले लें।

क्या कहते हैं नियम

  • यदि आप पहली बार योग कर रहे हैं, तो बिना योग विशेषज्ञ की सलाह लिए योगाभ्यास न करें वरना इसका पूरा लाभ ले पाएंगे।
  • सूर्योदय या सूर्यास्त के समय योगाभ्यास करना अधिक लाभ देता है। वैसे आप चाहें, तो दिन में भी योग कर सकते हैं।
  • योग करने से पहले कुछ न खाएं। योग करने के आधे घंटे बाद ही कुछ खाएं।
  • आरामदायक सूती के ढीले-ढाले कपड़े पहनें। खुली जगह में अभ्यास करें ताकि खुलकर सांस ले सकें। मन में कोई नकारात्मक विचार न आने दें।
  • पूरा ध्यान योगाभ्यास पर ही केंद्रित करें। इसे मन को शांतिपूर्ण अवस्था में रखकर ही करना चाहिए।
  • कोई बीमारी होने पर डॉक्टर की सलाह लेकर ही योग करें। शरीर शिथिल रखें। शुरुआत में अधिक न करें। धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं।
  • तीन वर्ष से ऊपर कोई भी बच्चा, युवा और बुजुर्ग योग कर सकते हैं। छोटे बच्चों को हल्के योगासन और प्राणायाम ही कराने चाहिए। अपनी निगरानी में ही बच्चों को योग कराएं।
  • योगाभ्यास के अंत में हमेशा शवासन करना चाहिए।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source