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Written By: Anshumala | Updated : February 24, 2021 7:48 AM IST
तीन मुख्य योगासन जो रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के साथ ही शरीर को बनाते हैं लचीला।
Yoga To boost Immunity in Hindi: कोरोनावायरस (Coronavirus) का खतरा अभी भी खत्म नहीं हुआ है। जनवरी के महीने में जिस तरह से भारत में कोरोना के नए मामलों की संख्या में लगातार कमी दर्ज की जा रही थी, वहीं पिछले एक सप्ताह से फिर से नए मामले में इजाफा होने लगा है। ऐसे में अब भी सावधान और खुद को हर तरीके से कोविड-19 इंफेक्शन से बचाकर रखना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग, हैंड सैनिटाइजिंग, विटामिन सी से भरपूर फू़ड्स का सेवन, मास्क पहनने जैसी बातों को फॉलो करने के साथ ही सबसे जरूरी है अपनी शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत (How to boost Immunity in Hindi) बनाए रखने की।
इसके लिए घर का खाना खासकर विटामिन सी (Vitamin C) युक्त डाइट लेने के साथ ही कुछ योग के जरिए भी आप अपनी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Yoga to boost Immunity in hindi) को बूस्ट कर सकते हैं। योग करने से शरीर का लचीलापन भी बढ़ता है। मांसपेशियों और जोड़ों की समस्याएं कम होती हैं। इम्यूनिटी मजबूत होने से आप कोरोना जैसे संक्रमण के साथ ही कई रोगों से भी बचे रह सकते हैं। यदि आप स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो शरीर की इम्यूनिटी और लचीलापन बढ़ाने की कोशिश करें। इसके लिए आप नियमित रूप से वशिष्ठासन, मत्स्यासन और उत्कटासन का अभ्यास करें।
उत्कटासन से मजबूत करें रोग प्रतिरोधक क्षमता।
देश में कोरोना के नए स्ट्रेन (Corona New Strain in India) के केसेज भी आने लगे हैं, ऐसे में आपको अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। कोरोना अब खत्म हो गया है, ऐसा सोचना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। बेहतर है कि आप कुछ हेल्दी फूड्स के सेवन के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले योग का भी अभ्यास करें। उत्कटासन (Utkatasana) को चेयर पोज (Chair pose) भी कहते हैं। यह एक इम्यूनिटी बूस्टर योग है। साथ ही शरीर का लचीलापन भी बढ़ाता है। इसे करते समय आपका शरीर बिल्कुल कुर्सी की तरह नजर आता है। हालांकि, इसे करने के लिए काफी शारीरिक ताकत और स्टैमिना की जरूरत होती है। प्रतिदिन उत्कटासन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
वशिष्ठासन भी बूस्ट करे इम्यूनिटी।
वशिष्ठासन (Vasisthasana) करने से ना सिर्फ रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, बल्कि ये पूरे शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है। पैर, कमर, कलाई सभी स्ट्रेच होते हैं। इसके 15 मिनट नियमित प्रैक्टिस करने से शरीर को अंदर से ताकत मिलती है। मांसपेशियां और दूसरे अंग भी एक्टिव होते हैं, अपना कार्य बेहतर तरीके से करते हैं।
मत्स्यासन (Matsyasana) के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डियां लचीली बनती हैं। कमर, पेट की मांसपेशियों को ताकत मिलती है। आंखें मजबूत होती हैं। साथ ही इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए मत्स्यासन एक बेहतर योगा पोज है। पेट की चर्बी, थायरॉइड, फेफड़े रोग, डायबिटीज, घुटने का दर्द आदि भी कम करे। जब आप इस आसान को करते हैं, तो शरीर बिल्कुल मछली के आकार में नजर आता है। मत्स्य का अर्थ ही होता है मछली, तभी इसे नाम दिया गया है मत्स्यासन।
मत्स्यासन करे इम्यूनिटी में सुधार।
इस आसन को (How To Do Matsyasana) करने के लिए फर्श पर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों को आपस में जोड़कर हाथों से पकड़ें और कोहनियों को जमीन पर सटाए रखें। अब सिर को जमीन पर सटाए रखते हुए सांस लें और पीछे की तरफ ले जाने की कोशिश करें, इस दौरान पीठ का भाग फर्श से उठा होना चाहिए। सांस छोड़ते हुए वापस पहले की पोजिशन में आ जाएं।