गर्मियों में बॉडी टेम्परेचर कंट्रोल करें इन 2 योगासनों की मदद से, जानें अभ्यास के फायदे और सही तरीका

पसीने की चिपचिप, हवा में गर्मी, लू और सुस्ती की वजह से गर्मियों का मौसम लोगो को पसंद नहीं आता है। ऐसे में राहत पाने के लिए भी कई तरह की कोशिशें की जाती हैं। ठंडा पानी, कोल्ड्रिंक पीने से लेकर दिन में कई बार स्नान करने जैसे तरीकों से हम शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करते हैं। लेकिन, इसके साथ ही आप कुछ खास योगासनों का अभ्यास करके भी अपने शरीर के तापमान को कम रख सकते हैं। जिससे, आपको कम गर्मी लगेगी।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : May 27, 2020 7:06 PM IST

Yoga Tips for Summer Season: गर्मियों के मौसम में उमस और तापमान से लोगों को बचैनी होने लगती है। घर में रहो या बाहर हर जगह मूड ख़राब ही रहता है। पसीने की चिपचिप, हवा में गर्मी, लू और सुस्ती की वजह से गर्मियों का मौसम लोगो को पसंद नहीं आता है। ऐसे में राहत पाने के लिए भी कई तरह की कोशिशें की जाती हैं। ठंडा पानी, कोल्ड्रिंक पीने से लेकर दिन में कई बार स्नान करने जैसे तरीकों से हम शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करते हैं। लेकिन, इसके साथ ही आप कुछ खास योगासनों का अभ्यास करके भी अपने शरीर के तापमान को कम रख सकते हैं। जिससे, आपको कम गर्मी लगेगी। (Yoga Tips for Summer Season in hindi)

गर्मियों से चाहते हैं थोड़ा आराम तो करें इन 2 योगासनों का अभ्यास (Yoga Tips for Summer Season):

अनुलोम विलोम प्राणायाम:

यह सबसे आसान योगासनों में से एक है। इसका अभ्यास हर उम्र के लोग कर सकते हैं। इन दिनों जब दुनियाभर में कोरोना वायरस की वजह से लोगों की तबियत ख़राब हो रही है। ऐसे में अनुलोम विलोम का अभ्यास आपके लिए मददगार साबित हो सकता है। दरअसल, अनुलोम-विलोम के अभ्यास से हमारे फेफड़े मज़बूत बनते हैं। चूंकि, रेस्पेरेटरी सिस्टम पर कोरोना वायरस का असर जल्दी दिखता है। ऐसे में आप अनुलोम-विलोम का अभ्यास करके खुद को सुरक्षित भी बना सकते हैं। गर्मियों के मौसम में अनुलोम-विलोम करने का एक बड़ा फायदा यह भी है कि इससे, शरीर को आराम मिलता है। बॉडी टेम्परेचर कम रहता है। साथ ही हार्ट बीट नियंत्रण में रहती है और स्ट्रेस कम होता है।   (ways to beat the heat in summers)

कैसे करें अनुलोम-विलोम का अभ्यास:

  • पद्मासन लगाकर ज़मीन पर बैठें ।
  • अब अपने दाहिने पांव को बाएं पैर की थाई पर रखें पर और बाएं पैर को इसी तरह दाहिने पैर पर ले जाएं।  अब अपनी आंखें बंद करें।
  • फिर, अपनी नाक के दाहिने हिस्से पर को दाहिने हाथ का अंगूठा रखें। सांस लेने के लिए बायीं तरफ के नथुने की मदद लें।  धीरे-धीरे गहरी सांस लेते हुए जितना हो सके उतनी हवा अंदर लें।
  • अब, अपने अंगूठे को हटा दें और धीरे-धीरे सांस छोड़ें। इस समय आपकी मध्यिका यानि बड़ी उंगली नाक के बाएं हिस्से में रखें।
  • अब दूसरी तरह से ऐसे ही सांस लेने और छोड़ने का अभ्यास करें।

शीतली प्राणायाम :

यह प्राणायाम बॉडी टेम्परेचर को कम रखता है। इस प्राणायाम की प्रैक्टिस करने से फिजिकल स्ट्रेस भी कम होता है। साथ ही आप मेंटली भी बेहतर महसूस करते हैं। शीतली प्राणायाम के अभ्यास से शरीर को कई फायदे होते हैं। जैसे,

  • इससे स्ट्रेस और डिप्रेशन कम होता है।
  • लू लगने की वजह से होने वाली परेशानियां कम होती हैं।
  • इनडायजेशन से राहत मिलती है। पित्त दोष निंयत्रित होता है।
  • हार्मोनल इम्बैलेंस को भी ठीक करता है शीतली प्राणायाम।
  • साथ ही कॉन्स्टिपेशन की समस्या से भी राहत मिलती है। (Yoga Tips for Summer Season that works)

क्या है शीतली प्राणायाम का तरीका ?

  • योगा मैट या चटाई पर बैठ जाएं।  सुखासन की मुद्रा में बैठे ।
  • अब, अपनी जीभ को बाहर निकालें और उसे बीच में से मोड़ते हुए पाइप बनाएं।
  • इसी मुद्रा में मुंह से सांस लें और हवा से पेट को पूरा भर लें। फिर, मुंह बंद कर लें।
  • अब, अपनी गर्दन को आगे की ओर झुकाएं। अपनी चिन को चेस्ट तक ले जाएं और थोड़ी देर इसी मुद्रा में रहते हुए सांस रोककर रखें।
  • धीरे-धीरे गर्दन को ऊपर ले जाएं और नाक से सांस धीरे-धीरे छोड़ें।
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