बरसात में इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए करें ये 2 योगासन, बीमारियां रहेंगी दूर

मौसमी बीमारियों और एलर्जीस से बचने के लिए आपको अपनी रोग-प्रतिरोधक शक्ति (Immunity) बढ़ाने की ज़रूरत पड़ेगी। कुछ योगासन इम्यूनिटी बढ़ाने में आपकी मदद कर सकते हैं। हालांकि, बहुत से लोगों को योगासनों के अभ्यास का सही तरीका नहीं पता होता। इन दिनों लॉकडाउन की वजह से भी लोग अपने योगा ट्रेनर की मदद नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे में आप ध्यान से पढ़ें यह आर्टिकल जहां हम लिख रहे हैं कुछ योगासनों के बारे में जो, इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाते हैं। (Yoga Tip for Immunity Boost)

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Published : July 13, 2020 11:51 AM IST

Yoga Poses for Immunity: बरसात के मौसम में गंदे पानी, प्रदूषित भोजन और मच्छरों की वजह से कई प्रकार की बीमाारियां (Monsoon Diseases) फैलने लगती हैं। कमज़ोर इम्यूनिटी वाले लोग आसानी से इनकी चपेट में आ जाते हैं और वे जल्दी-जल्दी बीमार होने लगते हैं और इस इन मौसमी बीमारियों और एलर्जीस से बचने के लिए आपको अपनी रोग-प्रतिरोधक शक्ति (Immunity) बढ़ाने की ज़रूरत पड़ेगी। कुछ योगासन इम्यूनिटी बढ़ाने में आपकी मदद कर सकते हैं। हालांकि, बहुत से लोगों को योगासनों के अभ्यास का सही तरीका नहीं पता होता। इन दिनों लॉकडाउन की वजह से भी लोग अपने योगा ट्रेनर की मदद नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे में आप ध्यान से पढ़ें यह आर्टिकल जहां हम लिख रहे हैं कुछ योगासनों के बारे में जो, इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाते हैं। (Yoga Tip for Immunity Boost)

कौन-से योगासनों से बढ़ती है इम्यूनिटी ? (Yoga Poses for Immunity):

अर्ध चंद्रासन

  • इस आसन के अभ्यास के लिए सबसे पहले दोनों पैरों को पास लाते हुए खड़े हो जाएं। दोनों हाथ कमर से सटाकर रखें। गर्दन सीधी और नजर सामने की ओर रखें। (Yoga Poses for Immunity)
  • अब,  दोनों पैरों के बीच एक से डेढ़ फीट का गैप रखें। अपनी पीठ को सीधी ही रखें।  अब, अपने दाहिने हाथ को उपर उठाते हुए कंधे के समानांतर लाएं। हथेलियां छत की ओर रखें।
  • अब उसी हाथ को और उपर उठाते हुए कान से सटा देंगे। इस दौरान ध्यान रहे की बायां हाथ आपकी कमर से ही सटा रहे।
  • फिर दाएं हाथ को उपर सीधा कान और सिर से सटा हुआ रखते हुए ही कमर से बाईं ओर झुकते जाएं। इस दौरान आपका बायां हाथ अपने आप ही नीचे खसकता जायेगा।
  • ध्यान रहे कि बाएं हाथ की हथेली बाएं पैर से अलग न हटने पाए। जहां तक हो सके बाईं ओर झुकें और इस अर्ध चंद्र की स्थिति में 30-40 सेकंड तक रुकें।
  • वापस आने के लिए धीरे-धीरे दोबारा सीधे खड़े हो जाएं। फिर कान और सिर से सटे हुए हाथ को उसी तरह कंधे के समानांतर ले आएं। फिर हथेली को भूमि की ओर करते हुए हाथ को कमर से सटा लें।
  • यह दाएं हाथ से बाईं ओर झुककर किए गए अर्ध चंद्रासन की पहली आवृत्ति हैं। अब इसी आसन को बाएं हाथ से दाईं ओर झुकते हुए करें। इसके बाद फि‍र से रिलैक्‍स पोजीशन यानी विश्राम की अवस्था में आ जाएं।
  • एक बार में अर्ध चंद्रासन के 4 से 5  सेट करें। अभ्‍यास होने पर धीरे-धीरे बढ़ा सकती हैं।

ताड़ासन

  • ताड़ासन करने के लिए पैरों में 4 से 6 इंच का गैप रखकर खड़े हो जाइए।
  • अब दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं।  इस आसन में हाथों को ऊपर उठाते समय सांस अंदर खींचनी है और नीचे उतरते समय सांस बाहर छोड़नी है।
  • इस दौरान अपनी आंखों को सामने पड़ने वाली किसी भी चीज पर अपनी नज़र जमा लें।
  • अब आपके शरीर का सारा भार आपकी पैरों की उंगुलियों पर ले जाएं। कुछ समय तक इस मुद्रा में रहें। फिर, धीरे-धीरे पहले वाली स्थिति में आने की कोशिश करें।
  • अपनी सुविधा के हिसाब से आप आसन को दोहरा सकते हैं।  कम से कम 10 बार इसका अभ्यास कीजिए कीजिए।