सर्दियों में दिल के दौरे के खतरे को कम करते हैं ये 5 योगाभ्यास, नियमित अभ्यास से कम हो जाएगा हार्ट अटैक का रिस्क
सर्दी का मौसम दिल के रोगियों के लिए कभी-कभी जानलेवा साबित होता है। आज हम आपको ऐसे 5 योगाभ्यास बताने जा रहे हैं जिनके नियमित अभ्यास से आप इस ठंड के मौसम में अपने हार्ट को सुरक्षित रख सकते हैं।
yoga for healthy Heart
Written by intern23.seo|Published : January 3, 2024 3:32 PM IST
सर्दियों का मौसम आते ही बहुत से लोग का आनंद पहले से अधिक बढ़ जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जो मौसम आपको इतनी खुशी देता है वही आपके दिल की सेहत के लिए काफी मुश्किल खड़ी कर देता है। तापमान कम होने के साथ-साथ हमारा खून गाढ़ा होने लगता है, जिसके कारण खून का थक्का जमने और ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या आम हो जाती है। हालांकि कभी-कभी ये आम समस्याओं से आगे हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याओं का कारण भी बन जाता है। यही कारण है कि आज हम आपके लिए एक लेख लेकर आए हैं कि कैसे कुछ योगाभ्यास सर्दियों में आने वाले हार्ट अटैक के खतरे को कम करने में हमारी मदद करते हैं।
सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा?
सर्दी के सीजन खासतौर पर दिसंबर से फरवरी के बीच हार्ट अटैक के मामलों में काफी उछाल देखने को मिलता है। हालांकि ऐसा नहीं है कि इस समय किसी को भी हार्ट अटैक आ सकता है, लेकिन जिन लोगों को पहले से हार्ट संबंधी समस्याएं हैं उनको थोड़ा अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है। हमारे शरीर को कम तापमान में काम करने के लिए कई तरह के जैव-रासायनिक परिवर्तन की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही ठंड में वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है तो हमें ऑक्सीजन की आवश्यकता बढ़ जाती है। इसके अलावा ठंड के कारण हमारी धमनियां सिकुड़ने लगती हैं। जिसके कारण भी हार्ट तक ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाती है। ऑक्सीजन की भरपूर सप्लाई के लिए हमारा ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। जिसके परिणामस्वरूप हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थिति पैदा हो जाती है।
Add The HealthSite as a Preferred Source
हार्ट अटैक के खतरे को कम करने वाले 5 योगाभ्यास (5 yoga exercises that reduce the risk of heart attack)
1. ताड़ासन
इसके लिए आप दोनों पैरों को आपस में मिलाते हुए सीधे खड़े हो जाएं।
आपके दोनों पैरों पर समान वजन होना चाहिए।
अपने हाथों को फैलाते हुए ऊपर की ओर स्ट्रेच करें।
अब आप अपने शरीर को ऊपर की ओर खींचिए।
इस स्थिति में आपको कुछ समय रुकना चाहिए।
2. वृक्षासन
इसे करने के लिए आप सीधे खड़े हो जाएं।
अब अपने एक पैर को उठाकर दूसरे पैर की जांघ पर रख लें।
अब अपने दोनों हाथों को मिलाकर ऊपर की ओर उठाएं।
इस स्थिति में कुछ देर रुकने का प्रयास करें।
इसके बाद यह क्रिया दूसरे पैर से भी करें।
3. पद्मासन
इसके लिए आप पालती लगाकर सीधे बैठ जाएं।
अब अपने बाएं पैरे को दायीं जांघ पर रखें।
और अपने दाएं पैर को बायीं जांघ पर रखें।
इस स्थिति में आप 4-5 मिनट ध्यान लगाकर बैठने का प्रयास करें।
4. पश्चिमोत्तानासन
इसे सिटिंग फॉरेवर्ड बैंड के नाम से भी जाना जाता है।
इसके लिए आप पैरों को आगे की ओर करते हुए कमर सीधी कर बैठ जाएं।
अब अपने दोनों हाथों से अपने पैरों को पकड़ने का प्रयास करें।
इस स्थिति में कुछ देर रूकने की कोशिश करें।
ये आसन आपको फ्लेक्सिबल बनाने के साथ-साथ आपके दिल को भी हेल्दी रखता है।
5. भुजंगासन
इसे करने के लिए आप जमीन पर उल्टे लेट जाएं।
अब अपनी कोहनियों को शरीर से सटाकर हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
Don’t Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today!
Subscribe Now
Enroll for our free updates
Please confirm that you agree to the terms and conditions.
Thank You for Subscribing
Thanks for Updating Your Information
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
We noticed that you are running an ad-blocker.
Ads helps us keep our content free. Please add us to your whitelist or disable your ad-blocker.