
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : August 17, 2023 2:30 PM IST
Yoga For Hyperacidity : गलत खानपान और खराब लाइफस्टाइल के कारण एसिडिटी और गैस की समस्या होना आम है। जब पेट अतिरिक्त एसिड का उत्पादन करने लगता है, तो इसके कारण हाइपरएसिडिटी की समस्या होती है। आयुर्वेद में इसे अम्लपित्त के नाम से भी जाना जाता है। हाइपरएसिडिटी की समस्या होने पर सीने में जलन, अपच, गैस, खट्टी डकार और पेट में भारीपन जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। इससे राहत पाने के लिए अक्सर लोग दवाइयों का सेवन शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हाइपरएसिडिटी की समस्या को दूर करने में योग बहुत मददगार हो सकता है? आज इस लेख में हम आपको हाइपरएसिडिटी से राहत पाने के लिए 6 योगासन बताने जा रहे हैं-
पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए व्रजासन का अभ्यास फायदेमंद माना जाता है। यह आसन पेट और आंत में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है, जिससे भोजन पचाने में मदद मिलती है। इसके नियमित अभ्यास से हाइपरएसिडिटी, गैस और कब्ज की समस्या से राहत मिल सकती है।
बालासन को चाइल्ड पोज के नाम से भी जाना जाता है। यह आसन पाचन प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करता है। इससे पेट के भीतरी अंगों को स्ट्रेच करने में मदद मिलती है, जिससे वे मजबूत बनते हैं। बालासन के नियमित अभ्यास से थकान और तनाव दूर होता है और हाइपरएसिडिटी से भी राहत मिलती है।
हाइपरएसिडिटी की समस्या से राहत पाने के लिए आप पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास कर सकते हैं। यह आसन पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है। साथ ही, एब्डोमेन एरिया में ब्लड सर्कुलेशन को भी बढ़ाता है। पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास करने से गैस और एसिडिटी के लक्षणों को दूर करने में मदद मिल सकती है।
अर्ध मत्स्येन्द्रासनहाइपरएसिडिटी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए अर्ध मत्स्येन्द्रासन भी एक उत्कृष्ट योगासन है। यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और शरीर में मौजूद हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके नियमित अभ्यास से पाचन क्रिया में सुधार होता और पेट से जुड़े विकारों से छुटकारा मिल सकता है। इसके नियमित अभ्यास से गैस और अपच की समस्या से भी राहत मिल सकती है।
पवनमुक्तासन बॉवेल मूवमेंट को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह योगासन एब्डोमेन एरिया को स्ट्रेच करने में मदद करता है। इससे पेट की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। यह भोजन को सही तरीके से पचाने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके नियमित अभ्यास से हाइपरएसिडिटी, गैस, कब्ज और अपच आदि समस्याओं से राहत मिल सकती है।
हाइपरएसिडिटी की समस्या में हलासन का अभ्यास काफी लाभकारी माना जाता है। इस आसन को करते समय शरीर हल की तरह दिखता है, इसलिए इसे हलासन कहते हैं। यह योगासन पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करता है और डायजेशन को बेहतर बनाता है। नियमित रूप से इसका अभ्यास करने से कब्ज, अपच और एसिडिटी की समस्या दूर सकती है।
मार्जरी आसन शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह योगासन पेट से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को दूर करने के लिए बहुत उपयोगी होता है। इसके नियमित अभ्यास से पेट में गैस, हाइपरएसिडिटी और कब्ज की समस्या से जल्द राहत मिल सकती है।
खट्टी डकार, पेट में दर्द जैसी परेशानी होने पर आप इन योगासन का अभ्यास कर सकते हैं। हालांकि, अगर आपकी परेशानी काफी ज्यादा बढ़ रही है, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करें।