गाड़ी में बैठते ही होने लगती हैं उल्टियां तो नियमित करें ये 5 योग आसान, मोशन सिकनेस होगी कम

योग एक्सपर्ट्स और कुछ स्टडीज की मानें तो कुछ विशेष योगासन उन लोगों के बहुत काम आ सकते हैं जो सफर करते समय बहुत परेशान होते हैं। आइए जानें ऐसे योगासनों के बारे में।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 8, 2022 6:43 PM IST

Motion sickness:  सफर के दौरान उल्टी होना एक बहुत कॉमन समस्या है जिससे बहुत से लोग पीड़ित हैं। इस समस्या को मोशन सिकनेस कहा जाता है दुनियाभर में बच्चों से लेकर बड़ों को भी मोशन सिकनेस की शिकायत होती है। यह एक परेशान करने वाली समस्या है क्योंकि कुछ लोग जब तक कार या गाड़ी में बैठे रहते हैं तब तक उन्हें थोड़ी-थोड़ी देर में उल्टियां होती रहती हैं। इसके अलावा बेचैनी, सिरदर्द और कमजोरी जैसी परेशानियां साथ-साथ महसूस होती हैं। मोशन सिकनेस की परेशानी से राहत के लिए (ways to get relief from Motion sickness) योग की मदद ली जा सकती है। योग के अभ्यास से यात्रा के दौरान होनेवाली परेशानियों को कम किया जा सकता है। योग एक्सपर्ट्स और कुछ स्टडीज की मानें तो कुछ विशेष योगासन उन लोगों के बहुत काम आ सकते हैं जो सफर करते समय बहुत परेशान होते हैं। आइए जानें ऐसे योगासनों के बारे में। (Yoga Poses For Motion Sickness In Hindi.)

मोशन सिकनेस से परेशान लोगों को किन योगासनों का अभ्यास करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स के अनुसार ऐसी योग मुद्राएं जिनमें शरीर का बैलेंस बनाने के प्रयास किए जाते हैं उनका अभ्यास मोशन सिकनेस के मरीजों को करना चाहिए। ऐसे ही कुछ योगासन  हैं-

  1. ताड़ासन (Tadasana or Mountain Pose)
  2. वृक्षासन(Vriksasana or Tree Pose)
  3. उष्ट्रासन (Camel Pose)
  4. वीरभद्रासन ((Virbhadhrasana or Warrios pose)
  5. गरूड़ासन (Eagle pose or Garudasana)

जैसा कि मेशन सिकनेस दिमाग और शरीर के बीच तालमेल प्रभावित होने के कारण होता है। जब ब्रेन तक खून की सही तरीके से सप्लाई नहीं हो पाती और ब्रेन बैलेंस बनाने में कमजोर साबित होता है तो लोगों को मोशन सिकनेस के लक्षण (symptoms of motion sickness) दिखायी देने लगते हैं। वहीं, इन योगासनों के अभ्यास से ब्रेन के उन हिस्सों को मजबूती मिलती है जो शारीरिक बैलेंस (Balance) बनाने का काम करते हैं। इन योगासनों का नियमित अभ्यास करने से मोशन सिकनेस की समस्या धीरे-धीरे कम होने लगती है।

ताड़ासन के अभ्यास का तरीका (Practicing Tadasana Or Tree Pose)

  • दोनों पंजों को एक-दूसरे से सटाएं या उनके बीच लगभग 10 सेंटीमीटर की जगह छोड़ें और खड़े हो जाएं।
  • फिर दोनों हाथों को शरीर से चिपका कर रखें।
  • अब, हाथों हाथों को नमस्कार की स्थिति में जोड़ें।
  • हाथों को धीरे-धीरे ऊपर ले जाएं। हाथों को सिर के ऊपर से ले जाते हुए छत की तरफ जितना हो सके उतना खींचें।
  • अब एड़ियां उठाकर अपने पैरों की उंगलियों पर पूरे शरीर का वजन संतुलित करने के प्रयास करें।
  • सुविधा के अनुसार मुद्रा में बने रहे और फिर पूर्व मुद्रा में वापस आएं। फिर आसन का दोबारा अभ्यास करें।

उष्ट्रासन के अभ्यास का तरीका (Practicing Ustrasana Or Camel Pose)

  • जमीन पर मोटी चादर या योग मैट बिछा लें।
  • फिर,घुटनों के बल बैठ जाएं।
  • अब अपने दोनों हाथों को अपने हिप्स के पास रखें।
  • इस मुद्रा में आपके कंधे और घुटने एक ही सीध में होने चाहिए।
  • पांवों को इस तरह मोड़ें की तलवे छत की तरफ रहें।
  • अब, इस मुद्रा में एक बार गहरी सांस खींचें और रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से पर प्रेशर बनाने की कोशिश करें।
  • अब, हाथों से अपने पैरों को पकड़ें। कमर को पीछे की तरफ ले जाते हुए मोड़ें।
  • इसी मुद्रा में 30-50 सेकेंड बने रहने के प्रयास करें। उसके बाद धीरे-धीरे आसन से बाहर आएं।
  • अपनी सुविधा के अनुसार आसन दोहराएं।
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